07/25/2026 | Press release | Distributed by Public on 07/25/2026 03:50
Link Copied
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
यह खबर एप पर पढ़ें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लॉगिन करेंपूर्वोत्तर रेलवे (एनईआर) वाराणसी मंडल के सीनियर डीएमएम नितेश अग्रवाल की गिरफ्तारी से गोरखपुर मुख्यालय तक खलबली मची है। सीबीआई को नितेश अग्रवाल के व्हाट्सएप चैट से कई अधिकारियों और ठेकेदारों से बातचीत के प्रमाण मिले हैं। इसमें कमीशन के लेन-देन का जिक्र किया गया है।सीबीआई ने नितेश अग्रवाल के मोबाइल और लैपटॉप की भी जांच की।
बिना चढ़ावा के नहीं बैठती है 'चिड़िया'
पूर्वोत्तर रेलवे में कई ऐसे ठेकेदार हैं जिनका काम पूरा हो चुका है, लेकिन उनका बकाया भुगतान नहीं हो पा रहा है। ठेकेदारों का आरोप है कि बिल प्रस्तुत करने पर संबंधित विभाग के अधिकारी फाइल लंबित रखते हैं। विभाग के बाबू ठेकेदारों पर दबाव बनाते हैं कि जेब ढीली करने पर ही फाइल पर 'चिड़िया' बैठेगी। यानी हस्ताक्षर होंगे। आरोप है कि कुछ ठेकेदारों के बिल बिना काम के पास हो जाते हैं। कमीशन से रेलवे में कार्यों की गुणवत्ता प्रभावित होती है। कई बार एक ही काम सालभर के भीतर दोबारा कराकर उसका अलग बिल भी पास कराया जाता है।
इसे भी पढ़ें; रक्तदान महादान: आपका एक कदम बचा सकता है किसी की जान, चिकित्सकों ने जानें- रक्तदान के लाभ और महत्व