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08/24/2026 | Press release | Distributed by Public on 08/23/2026 21:41

ईरान के खिलाफ अमेरिका का ‘इकोनॉमिक डी-डे’: तेहरान बोला- नहीं जाने देंगे तेल की एक भी बूंद

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ईरान के खिलाफ अमेरिका का 'इकोनॉमिक डी-डे': तेहरान बोला- नहीं जाने देंगे तेल की एक भी बूंद

Mon, 24 Aug 2026 08:52 AM IST
प्रशांत तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: प्रशांत तिवारी Updated Mon, 24 Aug 2026 08:52 AM IST
सार

अमेरिका और ईरान के बीच आर्थिक टकराव अब बेहद गंभीर चरण में पहुंचता दिख रहा है। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने ईरान की अर्थव्यवस्था को निशाना बनाने वाले बड़े वित्तीय अभियान की घोषणा की है, जबकि तेहरान ने जवाब में तेल निर्यात रोकने की धमकी दी है।

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राष्ट्रपति ट्रंप - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने रविवार को कहा कि ट्रंप प्रशासन ईरान के खिलाफ अपने अभियान के 'आखिरी चरण' में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने ईरान की आर्थिक जीवन-रेखाओं को काटने के मकसद से 'इकोनॉमिक डी-डे' शुरू करने की घोषणा की। बेसेंट के मुताबिक, यह किसी दुश्मन देश के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा वित्तीय हमला होगा। एक्स पर एक पोस्ट में बेसेंट ने कहा, 'राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान की सैन्य क्षमताओं को खत्म कर दिया है, उसकी लगभग 100 प्रतिशत सैन्य फैक्ट्रियों को नष्ट कर दिया है और उसके परमाणु कार्यक्रम को खत्म कर दिया है।' अब हम आखिरी चरण में प्रवेश कर रहे हैं। सुबह एक आर्थिक डी-डे की शुरुआत होगी यह किसी दुश्मन के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा वित्तीय हमला होगा।

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'सुरक्षा गारंटी' को लेकर ईरान पर गंभीर आरोप
बेसेंट ने ईरान पर सुरक्षा गारंटी का इस्तेमाल 'वसूली' के तौर पर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि तेहरान इस धारणा पर टिका हुआ था कि ईरानी जवाबी कार्रवाई तय है, जबकि अमेरिका की सख्ती पर बातचीत की जा सकती है। इस्लामिक रिपब्लिक ने वसूली को सुरक्षा गारंटी का रूप देकर अपना अस्तित्व बनाए रखा है। इसे इस सोच से ताकत मिली है कि ईरानी जवाबी कार्रवाई तो तय है और अमेरिकी सख्ती पर बातचीत की जा सकती है। राष्ट्रपति ट्रंप के कार्यकाल में वह दौर खत्म हो गया है। और जो लोग तेहरान का विरोध करने के खतरे से डरते हैं, उन्हें वॉशिंगटन को आजमाने की कीमत को कम नहीं आंकना चाहिए।
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'हर एजेंसी और हर अधिकार का इस्तेमाल होगा'
बेसेंट ने कहा कि ट्रंप ने अमेरिकी सरकार के लिए ईरान के खिलाफ अपनी सभी शक्तियों का इस्तेमाल करने की परिस्थितियां तैयार कर दी हैं। राष्ट्रपति ने हर एजेंसी, हर अधिकार और ऐसी कार्रवाई का इस्तेमाल करने की परिस्थितियां बना दी हैं, जिनके बारे में कई लोगों को लगता था कि हम कभी उनका इस्तेमाल नहीं करेंगे। हमारा मकसद उस अत्याचारी शासन को बनाए रखने वाली हर आर्थिक जीवन-रेखा को काटना है, ताकि तेहरान अकेला पड़ जाए।
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'आर्थिक युद्ध जारी रहा तो तेल निर्यात बंद'
इस बीच, ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसेन रेज़ाई ने सोमवार को चेतावनी दी कि अगर ईरान के खिलाफ अमेरिका का 'आर्थिक युद्ध' जारी रहता है, तो तेहरान होर्मुज जलडमरूमध्य और फारस की खाड़ी में अन्य जगहों से तेल का पूरा निर्यात रोक सकता है। रेजाई ने एक्स पर एक पोस्ट में यह भी चेतावनी दी कि तेहरान के खिलाफ अमेरिकी आर्थिक अभियान का समर्थन करने या उसमें भाग लेने वाले किसी भी देश के कदम को ईरान 'युद्ध की कार्रवाई' मानेगा। अगर आर्थिक युद्ध जारी रहता है, तो तेल की एक भी बूंद एक्सपोर्ट नहीं की जाएगी न तो होर्मुज जलडमरूमध्य से और न ही फारस की खाड़ी में कहीं से भी। ईरान किसी भी देश की अमेरिका के आर्थिक युद्ध में भागीदारी या समर्थन को जो ईरानी लोगों के खिलाफ है युद्ध की कार्रवाई मानेगा। यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब तेहरान और वॉशिंगटन के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है और अमेरिका ईरान पर और सख्त आर्थिक प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहा है।

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घालीबाफ ने अमेरिकी प्रतिबंधों का उड़ाया मजाक
इससे पहले रविवार को ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर घालीबाफ ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से नए आर्थिक प्रतिबंधों की धमकी के बाद अमेरिका पर तंज कसा। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि कठोर आर्थिक प्रतिबंधों का असर अंततः उल्टा पड़ सकता है। एक्स पर एक पोस्ट में घालीबाफ ने अल्पकालिक सरकारी उपायों के जरिए गहरे वित्तीय संकट से निपटने की कोशिशों की सीमाओं पर टिप्पणी की और आर्थिक दबाव के असर पर व्यंग्य किया। उन्होंने कहा,'मांस की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए फ्रोजन मीट का आयात। ठीक है, यह काम कर सकता है। बॉन्ड के लिए क्या योजना है, क्या फ्रोजन यील्ड का आयात करेंगे? आवास के लिए फ्रोजन घर खरीदार? वेतन के लिए फ्रोजन पेचेक? एक फ्रोजन विदेश नीति एक फ्रोजन अर्थव्यवस्था देती है। एकमात्र चीज जो अभी भी चल रही है? ईरान का बूमरैंग।
Amar Ujala Ltd published this content on August 24, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on August 24, 2026 at 03:41 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]