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08/21/2026 | Press release | Distributed by Public on 08/21/2026 08:32

महुआ को मिला सुप्रिया सुले का साथ: सर्किट हाउस विवाद में स्पीकर से की शिकायत; विशेषाधिकार समिति का भी जिक्र

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महुआ को मिला सुप्रिया सुले का साथ: सर्किट हाउस विवाद में स्पीकर से की शिकायत; विशेषाधिकार समिति का भी जिक्र

Fri, 21 Aug 2026 07:52 PM IST
शिवम गर्ग पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: शिवम गर्ग Updated Fri, 21 Aug 2026 07:52 PM IST
सार

एनसीपी (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा से जुड़े सर्किट हाउस विवाद पर औपचारिक जांच की मांग की है। सुले ने सुरक्षा और विशेषाधिकार समिति को लेकर क्या मांग की? आइए, जानते हैं...

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सुप्रिया सुले, एनसीपी-एसपी सांसद - फोटो : ANI
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विस्तार

एनसीपी (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले ने शुक्रवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा से जुड़े सर्किट हाउस विवाद पर गंभीर चिंता जताई। सुले ने मामले की औपचारिक जांच कराने और इसे लोकसभा की विशेषाधिकार समिति के पास भेजने की मांग की है। मामला पश्चिम बंगाल के कृष्णनगर स्थित सरकारी सर्किट हाउस से जुड़ा है, जहां महुआ मोइत्रा को कथित तौर पर 14 अगस्त की देर रात परिसर खाली करने के लिए कहा गया था।

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सुले ने कार्रवाई को लेकर क्या सवाल उठाए?

सुप्रिया सुले ने अपने पत्र में कहा कि महुआ मोइत्रा को जिस समय और तरीके से सर्किट हाउस खाली करने के लिए कथित तौर पर कहा गया, उससे प्रशासनिक कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठते हैं। उन्होंने कहा कि किसी मौजूदा सांसद के साथ अचानक और कथित तौर पर मनमाने तरीके से की गई कार्रवाई उनकी शारीरिक सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा करती है। सुले ने इसे भविष्य के लिए भी चिंताजनक उदाहरण बताया।

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क्या महुआ मोइत्रा की सुरक्षा को लेकर भी मांग की गई?

सुले ने लोकसभा अध्यक्ष से हस्तक्षेप करने और महुआ मोइत्रा को पूरी और पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित कराने का अनुरोध किया। उन्होंने अधिकारियों से ऐसी किसी भी घटना या कथित डराने-धमकाने की स्थिति को दोबारा होने से रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसी सांसद को उसके सार्वजनिक और संसदीय दायित्व निभाते समय असुविधा में डालना, डराना या संभावित रूप से असुरक्षित स्थिति में पहुंचाना संसद की गरिमा और सांसदों को मिले विशेषाधिकारों के खिलाफ है।

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क्या मामला विशेषाधिकार समिति को भेजने की मांग हुई?

सुप्रिया सुले ने मामले की औपचारिक जांच कराने और इसे विशेषाधिकार समिति के पास भेजने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि जांच के बाद जिन अधिकारियों की भूमिका अनुचित पाई जाए, उनकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने राज्य प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश देने की भी मांग की कि किसी सांसद को संसदीय या सार्वजनिक जिम्मेदारियां निभाते समय मनमानी प्रशासनिक कार्रवाई या कार्यपालिका के कथित अतिक्रमण का सामना न करना पड़े।

महुआ मोइत्रा ने किन अधिकारियों के खिलाफ विशेषाधिकार नोटिस दिया?

महुआ मोइत्रा ने इस मामले में अलग से विशेषाधिकार नोटिस दिया है। इसमें नदिया के जिलाधिकारी श्रीकांत पल्ली, अतिरिक्त जिलाधिकारी नृपेंद्र सिंह और नाज़रेथ डिप्टी कलेक्टर अनामिका बेरा के नाम शामिल हैं। मोइत्रा ने आरोप लगाया है कि अधिकारियों का कथित व्यवहार उन्हें संसदीय जिम्मेदारियां निभाने से रोकने की एक बड़ी कोशिश का हिस्सा था। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से अपने संवैधानिक दायित्वों को बिना डर, दबाव और उत्पीड़न के निभाने के लिए संरक्षण की मांग की है।

सुले से पहले किन सांसदों ने मुद्दा उठाया?

सुप्रिया सुले इस मामले को लोकसभा अध्यक्ष के सामने उठाने वाली तीसरी सांसद हैं। उनसे पहले शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अरविंद सावंत और माकपा सांसद के. राधाकृष्णन ने भी ओम बिरला को पत्र लिखा था। अरविंद सावंत ने संबंधित अधिकारियों के आचरण की जांच और जवाबदेही की मांग की है। वहीं, राधाकृष्णन ने भी औपचारिक जांच या मामले को विशेषाधिकार समिति के पास भेजने का अनुरोध किया है।



सुप्रिया सुले ने कहा कि संसद की गरिमा और स्वतंत्रता से किसी भी स्थिति में समझौता नहीं होना चाहिए। उनके मुताबिक, किसी निर्वाचित सांसद की सुरक्षा, सम्मान या कामकाज को प्रभावित करने की कोशिश पर संस्थागत स्तर पर स्पष्ट और तत्काल प्रतिक्रिया होनी चाहिए।
Amar Ujala Ltd published this content on August 21, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on August 21, 2026 at 14:32 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]