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08/20/2026 | Press release | Distributed by Public on 08/20/2026 07:39

'कैंसर का खतरा': खुले तेल की बिक्री पर तुकाराम मुंढे सख्त; बोले- नियम तोड़े तो 10 लाख जुर्माना, उम्रकैद तक सजा

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'कैंसर का खतरा': खुले तेल की बिक्री पर तुकाराम मुंढे सख्त; बोले- नियम तोड़े तो 10 लाख जुर्माना, उम्रकैद तक सजा

Thu, 20 Aug 2026 06:51 PM IST
शिवम गर्ग न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: शिवम गर्ग Updated Thu, 20 Aug 2026 06:51 PM IST
सार

महाराष्ट्र एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे ने 'सेफ फूड, सेफ महाराष्ट्र' अभियान के अगले चरण में खाद्य तेल को प्रमुख फोकस बनाने की बात कही है। उन्होंने खुले तेल की बिक्री, पैकेजिंग में टिन के दोबारा इस्तेमाल और खाना पकाने के तेल को बार-बार इस्तेमाल करने पर चिंता जताई। क्या खुले तेल पर सख्ती बढ़ेगी? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...

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खुले तेल पर FDA का शिकंजा - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार

महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने राज्य के 'सेफ फूड, सेफ महाराष्ट्र' अभियान के अगले चरण में खाद्य तेल को प्रमुख फोकस बनाने की बात कही है। उन्होंने खुले तेल की बिक्री से लेकर खाना पकाने के तेल के बार-बार इस्तेमाल पर गंभीर चिंता जताई और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। मुंढे के मुताबिक, खाद्य तेल के उत्पादन, पैकेजिंग, वितरण और इस्तेमाल से जुड़े नियमों का पालन पूरी सप्लाई चेन में जरूरी होगा।

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खुले तेल को लेकर तुकाराम मुंढे ने क्या चिंता जताई?

तुकाराम मुंढे ने खुले खाद्य तेल की बिक्री को लेकर कहा कि ऐसे तेल में उसके निर्माण के स्रोत और निर्माण की तारीख की स्पष्ट जानकारी नहीं हो सकती। उन्होंने कहा "खुले तेल या अन्य खाद्य तेल में उसके निर्माण का स्रोत और यह जानकारी नहीं होती कि इसे कब बनाया गया, इसलिए अगर फूड पॉइजनिंग होती है तो हमारे लिए कार्रवाई शुरू करना मुश्किल हो जाता है।" यानी किसी खाद्य सुरक्षा घटना की स्थिति में उत्पाद के स्रोत का पता लगाने में परेशानी हो सकती है।

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क्या तेल के पैकेजिंग नियम भी जांच के दायरे में आएंगे?

महाराष्ट्र एफडीए प्रमुख ने खाद्य तेल की पैकेजिंग को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने खास तौर पर तेल की पैकिंग के लिए टिन के दोबारा इस्तेमाल का मुद्दा उठाया। मुंढे ने कहा कि खाद्य तेल की पैकेजिंग के लिए निर्माताओं की ओर से टिन का दोबारा इस्तेमाल लागू नियमों के तहत अनुमति प्राप्त नहीं है। उन्होंने संकेत दिया कि अभियान के अगले चरण में खाद्य तेल से जुड़े निर्माताओं, वितरकों, दुकानदारों और अन्य कारोबारियों की गतिविधियों पर ज्यादा निगरानी की जाएगी।

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क्या बार-बार इस्तेमाल किया गया तेल सबसे बड़ी चिंता है?

मुंढे ने खाद्य तेल को बार-बार इस्तेमाल करने की प्रक्रिया को सबसे गंभीर चिंताओं में शामिल किया। उन्होंने इसे सबसे खतरनाक बताया। इसके तहत खाद्य कारोबारियों की ओर से खाना पकाने के तेल को किस तरह इस्तेमाल और दोबारा इस्तेमाल किया जाता है, इस पर भी अभियान में ध्यान दिया जाएगा।

नियम तोड़ने पर क्या होगी कार्रवाई?

तुकाराम मुंढे ने कहा कि खाद्य तेल के उत्पादन, पैकेजिंग, वितरण और इस्तेमाल से जुड़े नियमों का पालन करना होगा। उन्होंने नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने बताया कि उल्लंघन के मामलों में 10 लाख रुपये के जुर्माने और उम्रकैद तक का प्रावधान बताया गया है।

FSSAI के नियमों को लेकर क्या कहा गया?

मुंढे ने कहा कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाद्य तेल के निर्माण, बिक्री और इस्तेमाल को लेकर नियम तय किए हैं। उनके मुताबिक, अधिकारियों को इन नियमों के उल्लंघन के मामले सामने आए हैं। एफडीए के आदेशों का पालन खाद्य तेल की पूरी सप्लाई चेन में करना होगा। निर्माताओं के पास संबंधित नियमों के तहत जरूरी लाइसेंस भी होना चाहिए।

खाद्य तेल को लेकर स्वास्थ्य संबंधी क्या चिंता जताई गई?

मुंढे ने कहा कि मामला सिर्फ ब्लैक मार्केट या मिलावट तक सीमित नहीं है। उनके मुताबिक, खाद्य तेल से जुड़ी असुरक्षित प्रक्रियाएं व्यापक स्वास्थ्य चिंताएं पैदा कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी आदतों से हृदय रोग का खतरा बढ़ सकता है, कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है और बच्चों के संज्ञानात्मक विकास पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। मुंढे ने कहा "यह केवल ब्लैक मार्केट या मिलावट तक सीमित नहीं है। ऐसी प्रथाएं गंभीर स्वास्थ्य चिंताओं का कारण बन सकती हैं और समाज में महामारी जैसी स्थिति ला सकती हैं।"

'सेफ फूड, सेफ महाराष्ट्र' अभियान में अब क्या होगा?

खाद्य तेल को लेकर महाराष्ट्र एफडीए अभियान उत्पादन से लेकर लाइसेंसिंग, पैकेजिंग, वितरण और खुदरा बिक्री तक कई स्तरों पर केंद्रित होगा। इसके साथ ही खाद्य कारोबारियों की ओर से तेल के इस्तेमाल और दोबारा इस्तेमाल की प्रक्रिया पर भी निगरानी की जाएगी। उत्पाद के स्रोत और निर्माण से जुड़ी स्पष्ट जानकारी को भी खाद्य सुरक्षा व्यवस्था के लिए अहम माना गया है।

Amar Ujala Ltd published this content on August 20, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on August 20, 2026 at 13:39 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]