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09/01/2026 | Press release | Distributed by Public on 09/01/2026 08:42

ईडी ने कसा शिकंजा: एचडीएफसी बैलेंस्ड एडवांटेज फंड की यूनिट्स वाली चल संपत्ति अटैच, बाजार कीमत 3.31 करोड़ रुपये

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ईडी ने कसा शिकंजा: एचडीएफसी बैलेंस्ड एडवांटेज फंड की यूनिट्स वाली चल संपत्ति अटैच, बाजार कीमत ₹3.31 करोड़

Tue, 01 Sep 2026 07:45 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राहुल कुमार Updated Tue, 01 Sep 2026 07:45 PM IST
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ईडी - फोटो : अमर उजाला
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), बेंगलुरु ने अक्षता मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड और अन्य के मामले में, प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 की धारा 5(1) के तहत मंगलवार को एक प्रोविज़नल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किया है। इस ऑर्डर के तहत, एचडीएफसी बैलेंस्ड एडवांटेज फंड की 62,914.316 यूनिट्स वाली चल संपत्ति को अटैच किया गया है, जिसकी मौजूदा बाज़ार कीमत लगभग 3.31 करोड़ रुपये है।

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सीबीआई , एसीबी, बंगलूरू द्वारा अक्षता मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड, इसके डायरेक्टरों और अन्य लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और नकली दस्तावेज़ों के इस्तेमाल के आरोपों में दर्ज एफ़आईआर के आधार पर ईडी ने जांच शुरू की। जांच में पता चला कि आयरन ओर (लौह अयस्क) की ट्रेडिंग और एक्सपोर्ट करने वाली कंपनी अक्षता मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड ने छह संपत्तियों को इक्विटेबल मॉर्गेज (संपत्ति गिरवी रखकर लोन लेना) पर रखकर बैंक ऑफ इंडिया से लगभग 6 करोड़ रुपये की क्रेडिट सुविधा ली थी। बेंगलुरु के जयामहल में मौजूद एक संपत्ति के बारे में गलत जानकारी दी गई थी कि वह स्वर्गीय लक्ष्मम्मा की है।
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मॉर्गेज के लिए बैंक को कथित तौर पर नकली और मनगढ़ंत खाता रिकॉर्ड, टैक्स-पेमेंट की रसीदें, बेटरमेंट चार्ज की रसीदें और अन्य रेवेन्यू दस्तावेज जमा किए गए थे। बैंक ऑफ़ इंडिया ने उस संपत्ति के बदले 3 करोड़ रुपये जारी किए थे।
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जांच में यह भी पता चला कि अपराध से हुई कमाई का हिस्सा, यानी 1 करोड़ रुपये, 13.02.2010 को अक्षता मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड के बैंक खाते से कैथोलिक डायोसिस ऑफ़ बेल्लारी ट्रस्ट को ट्रांसफर किए गए थे। बाद में इस रकम को एचडीएफसी म्यूचुअल फंड की अलग-अलग स्कीमों में निवेश और फिर से निवेश किया गया।

मनी ट्रेल (पैसे के लेन-देन का रास्ता) से यह साबित हुआ कि अपराध से जुड़ी वह मूल रकम लगातार निवेश के बावजूद पहचानी जा सकती थी और आखिर में एचडीएफसी बैलेंस्ड एडवांटेज फंड की 62,914.316 यूनिट्स के रूप में सामने आई। इन यूनिट्स की कीमत मूल 1 करोड़ रुपये से बढ़कर आज लगभग 3.31 करोड़ रुपये हो गई है। यह बढ़ोतरी अपराध से हुई कमाई से मिला फ़ायदा या अतिरिक्त राशि है। इससे पहले, जाँच एजेंसी ने 28.03.2026 को बेंगलुरु की स्पेशल कोर्ट में प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट (मुकदमा चलाने की शिकायत) भी दायर की थी। केस में आगे की जांच चल रही है।
Amar Ujala Ltd published this content on September 01, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on September 01, 2026 at 14:43 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]