09/23/2026 | Press release | Distributed by Public on 09/23/2026 12:05
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राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में पुलिस की चार्जशीट पर अधिवक्ता संघ ने आपत्ति जताई है। आरोप पत्र दाखिल होने के बाद विशेष न्यायाधीश एंटी करप्शन कोर्ट के समक्ष अधिवक्ता संघ की ओर से करीब डेढ़ घंटे तक बहस हुई। वरिष्ठ अधिवक्ता कृपाल चंद्र खरे, प्रिय नाथ सिंह और सौरभ मिश्र ने आरोपपत्र की कमियों पर पक्ष रखा।
अधिवक्ता संघ का आरोप है कि चोरी की धनराशि जिन लोगों के पास से बरामद हुई, उन्हें आरोपी नहीं बनाया गया। संघ के अनुसार ट्रस्ट के कृष्ण मोहन के लॉकर से बरामद 81.19 लाख रुपये का भी आरोपपत्र में उल्लेख नहीं है। वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने विवेचक की ओर से प्रस्तुत आरोपपत्र वापस करने, संघ के प्रार्थनापत्र के आधार पर जांच का आदेश देने और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्र, गोपाल राव व कृष्ण मोहन को तलब करने की मांग की।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में चार्जशीट दाखिल होने से पहले बुधवार को कचहरी परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए दो ट्रक पीएसी बल तैनात किया गया था। चार्जशीट दाखिल होने की सूचना मिलते ही अधिवक्ताओं में आक्रोश फैल गया।
उन्होंने विशेष न्यायाधीश एंटी करप्शन कोर्ट के बाहर घेराव कर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद अधिवक्ता संघ अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा की अगुवाई में पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल अदालत पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने संघ की ओर से दाखिल प्रार्थनापत्र पर सुनवाई की मांग की। इसमें वरिष्ठ अधिवक्ता कृपाल चंद्र खरे, प्रिय नाथ सिंह, सौरभ मिश्रा, विजय बहादुर सिंह और निजामुद्दीन खान शामिल रहे।
अधिवक्ताओं ने मांग की है कि चार्जशीट पर संज्ञान लेने से पहले उनकी आपत्तियां सुनी जाएं। बाद में संघ अध्यक्ष के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जिला जज रणंजय कुमार वर्मा से भी मुलाकात की। उन्होंने चार्जशीट पर संज्ञान से पहले आपत्तियों पर सुनवाई की मांग रखी।