सरकार ने अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के जरिये छात्रवृत्ति वितरण में सुधार किया
पूर्वी गोदावरी जिले में वर्ष 2025-26 के दौरान प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं के अंतर्गत 30.81 करोड़ रुपये जारी
प्रविष्टि तिथि: 21 AUG 2026 5:38PM by PIB Delhi
सरकार अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित विद्यार्थियों के लिए प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं के माध्यम से शैक्षिक सहायता में निरंतर सुधार कर रही है। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण ने पात्र लाभार्थियों के आधार से जुड़े बैंक खातों में छात्रवृत्ति सहायता सीधे हस्तांतरित करके वितरण प्रक्रिया को सरल, तेज और अधिक पारदर्शी बनाया है।
वर्ष 2025-26 के दौरान पूर्वी गोदावरी जिले में इन छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत अनुसूचित जाति (अजा) और अन्य पिछड़े वर्ग (ओबीसी) के विद्यार्थियों के लिए 30.81 करोड़ रुपये जारी किए गए। इसमें अजा विद्यार्थियों के लिए पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत 20.80 करोड़ रुपये तथा अजा और अन्य विद्यार्थियों के लिए प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत 2.38 करोड़ रुपये शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, ओबीसी विद्यार्थियों के लिए पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत 6.83 करोड़ रुपये और प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत 0.80 करोड़ रुपये जारी किए गए।
वर्ष 2025-26 के उपलब्ध लाभार्थी आंकड़ों के अनुसार, अजा विद्यार्थियों में 44,746 विद्यार्थियों को पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत सहायता प्राप्त हुई, जबकि 32,813 विद्यार्थियों को अजा और अन्य के लिए प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत लाभ मिला। ओबीसी विद्यार्थियों के लिए पोस्ट-मैट्रिक और प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत लाभ प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की संख्या क्रमशः 13,658 और 1,997 रही।
अनुसूचित जाति के लिए पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना तथा अजा और अन्य विद्यार्थियों के लिए प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के लिए निर्वाचन क्षेत्रवार आंकड़े राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर नहीं रखे जाते हैं। इसलिए 44,746 और 32,813 के आंकड़े पूर्वी गोदावरी, एलुरु और काकीनाडा जिलों के संयुक्त आंकड़ों को दर्शाते हैं, जो राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल-राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र द्वारा उपलब्ध कराए गए हैं।
छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत आवेदन राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों द्वारा संचालित निर्धारित ऑनलाइन पोर्टलों के माध्यम से आमंत्रित किए जाते हैं। केन्द्र का अंश जारी किया जाना राज्य या केन्द्र शासित प्रदेश के हिस्से के वितरण तथा राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर अंतिम रूप से सत्यापित लाभार्थी आंकड़े प्रस्तुत किए जाने पर निर्भर करता है।
राज्य और केन्द्र शासित प्रदेश, कार्यान्वयन एजेंसियों के रूप में, आवेदन आमंत्रित करने, उनके प्रसंस्करण एवं सत्यापन, संबंधित डेटाबेस के एकीकरण तथा कार्यान्वयन के अन्य पहलुओं के प्रबंधन की प्रक्रिया निर्धारित करते हैं। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण व्यवस्था ने लक्षित लाभार्थियों की सटीक पहचान को सुदृढ़ किया है, दक्षता में सुधार किया है और यह सुनिश्चित किया है कि वित्तीय सहायता सीधे पात्र विद्यार्थियों तक पहुंचे।
छात्रवृत्ति योजनाओं के कार्यान्वयन से संबंधित मुद्दों, जिनमें नवीनीकरण आवेदनों के प्रसंस्करण में होने वाली देरी भी शामिल है, को समयबद्ध समाधान के लिए राज्यों, केन्द्र शासित प्रदेशों और अन्य हितधारकों के साथ नियमित रूप से उठाया जाता है। योजनाओं की निगरानी राष्ट्रीय स्तर के चिंतन शिविरों, क्षेत्रीय बैठकों और राष्ट्रीय सम्मेलनों के माध्यम से भी की जाती है, जिनमें अधिकारी और संबंधित हितधारक भाग लेते हैं।
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