08/29/2026 | Press release | Distributed by Public on 08/29/2026 12:01
Link Copied
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
यह खबर एप पर पढ़ें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लॉगिन करेंउत्तराखंड के हल्द्वानी में आठ अगस्त को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की एक रैली आयोजित हुई थी। रैली खत्म होने के बाद रामलीला मैदान में एक दक्षिणपंथी संगठन द्वारा 'शुद्धिकरण' और पूजा-हवन कराया गया। इसी घटना को लेकर शनिवार को कांग्रेस और भाजपा के बीच तीखी जुबानी जंग शुरू हो गई। खड़गे ने इस मुद्दे को संसद के उच्च सदन (राज्यसभा) में भी उठाया था।
कांग्रेस का हमला: 'यह दलितों की गरिमा पर सीधा हमला और छुआछूत'
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और वरिष्ठ कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इस घटना पर तीखा विरोध दर्ज कराया। राहुल गांधी ने कहा कि 'शुद्धिकरण' असल में छुआछूत का ही दूसरा नाम है और यह भारतीय संविधान के तहत एक गंभीर अपराध है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की कि इस मामले में तुरंत एससी, एसटी अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराई जाए। वहीं शशि थरूर ने इसे दलित समाज का अपमान बताते हुए कहा कि ऐसे कृत्यों को 'सफाई' का नाम देकर सही नहीं ठहराया जा सकता।
भाजपा का पलटवार: 'जाति का कोई एंगल नहीं, सफाई के लिए हुई थी पूजा'
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी और गुरु प्रकाश पासवान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस के दावों को खारिज कर दिया। उन्होंने 'श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास संगठन' के दो सदस्यों (अंकित पाल और विनोद आर्य) के वीडियो क्लिप जारी किए। भाजपा ने बताया कि हवन करने वाले ये दोनों सदस्य खुद अनुसूचित जाति (दलित) समुदाय से आते हैं। वीडियो में अंकित पाल ने कहा कि रैली के बाद मंच गंदा हो गया था और पास में मंदिर व रामलीला मैदान होने के कारण वहां पूजा-हवन करके सफाई की गई थी, इसका किसी की जाति या छुआछूत से कोई लेना-देना नहीं है।
राहुल गांधी पर भाजपा के गंभीर आरोप
सुधांशु त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और कांग्रेस के पास कोई नया मुद्दा नहीं है, इसलिए वे देश में फूट डालने के लिए नए-नए तरीके ढूंढते रहते हैं। उन्होंने कहा कि राहुल का एकमात्र एजेंडा हिंदुओं को आपस में लड़ाना और मैकाले, मार्क्स व मौलाना के एजेंडे को आगे बढ़ाना है। वहीं गुरु प्रकाश पासवान ने सवाल उठाया कि घटना के 20 दिन बाद राजनीतिक फायदा उठाने के लिए यह मुद्दा क्यों उठाया जा रहा है? भाजपा नेता बीएल संतोष और रविशंकर प्रसाद ने भी कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में दलितों को पूरा सम्मान और संवैधानिक अधिकार दिए गए हैं।