Prime Minister’s Office of India

08/11/2026 | Press release | Distributed by Public on 08/11/2026 00:23

प्रधानमंत्री ने व्यक्ति के जीवन को उज्ज्वल और उसके चरित्र का निर्माण करने वाले आठ आवश्यक गुणों को दर्शाने वाले संस्कृत सुभाषितम् को साझा किया

प्रधानमंत्री कार्यालय

प्रधानमंत्री ने व्यक्ति के जीवन को उज्ज्वल और उसके चरित्र का निर्माण करने वाले आठ आवश्यक गुणों को दर्शाने वाले संस्कृत सुभाषितम् को साझा किया

प्रविष्टि तिथि: 11 AUG 2026 8:11AM by PIB Delhi

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने व्यक्ति के जीवन को उज्ज्वल और उसके चरित्र का निर्माण करने वाले आठ आवश्यक गुणों को दर्शाने वाले संस्कृत सुभाषितम् को साझा किया है।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;

"अष्टौ गुणाः पुरुषं दीप्यन्ति प्रज्ञा सुशीलत्वदमौ श्रुतं च।
संयोगश्च बहुभाषिता च दानं यथाशक्ति कृतज्ञता च।।"

ये आठ गुण व्यक्ति के जीवन को उज्ज्वल बनाते हैं। ज्ञान उसे सही मार्ग दिखाता है। अच्छा आचरण उसके चरित्र को शुद्ध रखता है और आत्म-संयम उसे अनुशासित रखता है। ज्ञान उसे समझ प्रदान करता है, साहस उसे कठिन परिस्थितियों में दृढ़ रहने में सहायता करता है और कुशल वाणी उसे समाज में सम्मान दिलाती है। अपनी क्षमता के अनुसार दान करना और दयालुता के लिए कृतज्ञ होना व्यक्ति को पूर्ण बनाता है।

अष्टौ गुणाः पुरुषं दीपयन्ति प्रज्ञा सुशीलत्वदमौ श्रुतं च।

पराक्रमश्च बहुभाषिता च दानं यथाशक्ति कृतज्ञता च।। pic.twitter.com/eb4INYRSkV

- Narendra Modi (@narendramodi) August 11, 2026

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पीके/केसी/एसएस/एसके


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