Amar Ujala Ltd

08/18/2026 | Press release | Distributed by Public on 08/18/2026 10:58

Updates: भारतीय तटरक्षक बल ने डूबती नाव से 9 मछुआरों को बचाया; इंडिगो की फ्लाइट को बम से उड़ाने की धमकी

भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) ने मंगलवार को दमन से एक टीम भेजकर अरब सागर में डूब रही एक नाव से नौ मछुआरों को सुरक्षित निकाला। इन मछुआरों में से तीन को चोटें भी आई थीं। आईसीजी एयर स्टेशन (आईसीजीएएस) की टीम ने तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए एक हेलीकॉप्टर की सहायता से बचाव अभियान चलाया। यह अभियान एक गंभीर संकटकालीन सूचना पर शुरू किया गया था, जिसमें बताया गया था कि एक भारतीय मछली पकड़ने वाली नाव पर सवार नौ मछुआरों की जान खतरे में है क्योंकि नाव डूब रही थी।

सूचना मिलते ही तुरंत चेतक हेलीकॉप्टर को नाव की बताई गई स्थिति की ओर भेजा गया और सफलतापूर्वक सभी नौ मछुआरों को बचा लिया। बचाव अभियान के दौरान यह पाया गया कि तीन मछुआरों को मामूली चोटें आई थीं। घायल मछुआरों को आईसीजीएएस दमन लाया गया, जहां उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। इसके बाद, आगे के चिकित्सा उपचार के लिए उन्हें सरकारी अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया। भारतीय तटरक्षक बल की इस त्वरित और समन्वित कार्रवाई ने एक संभावित दुर्घटना को टाल दिया और समुद्र में जीवन बचाने, तथा मछुआरों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपनी अटूट प्रतिबद्धता को एक बार फिर दोहराया।

हैदराबाद से विशाखापत्तनम जा रही इंडिगो फ्लाइट को बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (शमशाबाद यानी हैदराबाद) से विशाखापत्तनम जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट 208 को बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिसे लेकर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। अधिकारियों को एक धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ, जिसके बाद विमान की व्यापक जांच शुरू कर दी गई। जानकारी के अनुसार, शमशाबाद-विशाखापत्तनम इंडिगो फ्लाइट 208 को लेकर बम की धमकी वाला ईमेल मिलने के बाद केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल कार्रवाई की। सुरक्षा अधिकारियों द्वारा विमान की गहन तलाशी ली जा रही है और हर पहलू की सावधानीपूर्वक जांच की जा रही है।



घटना की सूचना मिलते ही एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई। यात्रियों और विमान से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। वहीं, धमकी भरे ईमेल के स्रोत का पता लगाने के लिए खुफिया एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारी ईमेल भेजने वाले व्यक्ति या ग्रुप की पहचान करने और धमकी की सत्यता की जांच में जुटे हैं। फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियों की जांच जारी है, और अभी तक किसी संदिग्ध वस्तु के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

किसान मोर्चा 17-25 अगस्त तक MP-विधायकों को ज्ञापन सौंपेगा संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) 17 से 25 अगस्त के बीच सांसदों और विधायकों को एक ज्ञापन सौंपेगा। यह केंद्र और राज्य सरकारों से "कॉर्पोरेट-केंद्रित" विकास नीति बदलने का आग्रह करेगा। मोर्चा किसानों और श्रमिकों के मुद्दों पर ध्यान देने को कहेगा। किसान प्रतिनिधि गांवों से काफिलों में जाकर निर्वाचित प्रतिनिधियों को ज्ञापन देंगे। एसकेएम 'विकसित भारत 2047' ढांचे में कॉर्पोरेट-हितैषी नीतियों को बदलने पर जोर देगा। इसकी मांगों में राज्यों के संघीय अधिकार, वित्तीय स्वायत्तता मजबूत करना, कृषि में कॉर्पोरेट प्रवेश रोकना और सहकारी समितियों से खेती का आधुनिकीकरण शामिल है। संगठन ने सभी फसलों के लिए सी2+50 फीसदी पर एमएसपी की कानूनी गारंटी, व्यापक कृषि ऋण माफी, श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी और युवाओं के लिए रोजगार की मांग की है। मोर्चा ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया, तो किसान 26 नवंबर से बड़ा आंदोलन फिर शुरू करेंगे। यह ऐतिहासिक किसान आंदोलन की छठी वर्षगांठ होगी। ज्ञापन में केंद्र के 9 दिसंबर, 2021 के आश्वासनों (एमएसपी, कृषि ऋण, बिजली) को लागू न करने की बात दोहराई गई है। एसकेएम ने राज्यों के कर पूल में हिस्सेदारी 31 फीसदी से बढ़ाकर 50 फीसदी करने की भी मांग की है।

दीपके ने बंगाल के पार्टी कार्यकर्ता अब्दुल हफीज को बताया सच्चा देशभक्त, पिता की हत्या पर कही ये बात
कॉकरोच जनता पार्टी के नेता अभिजीत दीपके ने पार्टी कार्यकर्ता शेख अब्दुल हफीज को एक सच्चा देशभक्त और देश का नायक बताया है। दीपके के अनुसार, अब्दुल हफीज के पिता की पश्चिम बंगाल में कथित तौर पर बेटे की राजनीतिक संबद्धता के कारण हत्या कर दी गई थी। हिंगोली जिले के एक गांव में सीजेपी के 'स्कूल ठीक करो' अभियान के तहत एक स्कूल का दौरा करते हुए दीपके ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि अब्दुल हफीज ने नीट पेपर लीक घोटाले के खिलाफ जंतर-मंतर आंदोलन में भाग लिया था। दीपके ने आरोप लगाया कि इसके बाद हफीज पश्चिम बंगाल के अपने गांव गए, जहां कुछ कथित भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें पीटने की कोशिश की। जब हफीज के पिता ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, तो वे गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में उनकी मृत्यु हो गई।

हालांकि, पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी भाजपा ने इस घटना से किसी भी संबंध से इनकार किया है। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि शेख मोहम्मद मफिक, जिनकी शनिवार रात को बर्धवान के एक अस्पताल में मृत्यु हो गई, को अब्दुल हफीज की सीजेपी के साथ संलिप्तता के कारण पीटा गया था। दीपके ने बताया कि अब्दुल हफीज के साथ एक वीडियो कॉल के दौरान वे भावुक हो गए थे, लेकिन अब्दुल ने कहा कि उन्हें अपना संघर्ष जारी रखना चाहिए। अब्दुल हफीज ने उन्हें अपने क्षेत्र में स्कूलों का दौरा जारी रखने और उनकी मरम्मत कराने के लिए कहा।

दीपके ने आगे कहा कि अब्दुल हफीज ने उनसे एक स्कूल शुरू करने और उसका नाम अपने पिता के नाम पर रखने का अनुरोध किया। दीपके ने हफीज को इस देश का सबसे बड़ा देशभक्त और नायक बताया। उन्होंने यह भी कहा कि वे पश्चिम बंगाल सरकार से अब्दुल के पिता के नाम पर एक मॉडल स्कूल शुरू करवाएंगे। सीजेपी नेताओं ने सोमवार को पश्चिम बंगाल सरकार को मामले में कथित तौर पर शामिल सभी लोगों की गिरफ्तारी के लिए 10 दिन का अल्टीमेटम दिया था। इसके साथ ही स्थानीय पुलिस की भूमिका की अदालत की निगरानी में जांच की मांग की थी।

Amar Ujala Ltd published this content on August 18, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on August 18, 2026 at 16:58 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]