09/22/2026 | Press release | Distributed by Public on 09/22/2026 07:39
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देश की राजधानी दिल्ली में मंगलवार को सोने की कीमतों में लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई। कमजोर वैश्विक रुझानों के कारण सोना 1,500 रुपये सस्ता होकर 1.54 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। हालांकि, चांदी के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ और यह 2.42 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर रही। स्थानीय व्यापारियों के अनुसार, 99.9 फीसदी शुद्धता वाला सोना सभी करों सहित 1,54,900 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बिका।
मीराए एसेट शेयरखान के कमोडिटीज प्रमुख प्रवीण सिंह ने बताया कि स्थिर अमेरिकी डॉलर और तेल की कीमतों में उछाल के कारण स्पॉट सोना संघर्ष कर रहा है। पश्चिम एशिया में स्थिति अस्थिर होने से भी बाजार पर असर पड़ा है। फेडरल रिजर्व के अधिकारियों के आक्रामक रुख ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है। ब्याज दरों के लंबे समय तक ऊंचे रहने की संभावना ने सोने की मांग को कम किया है। मजबूत अमेरिकी डॉलर भी सोने को महंगा बनाता है, जिससे इसकी खरीद कम होती है।
निवेशक अब अमेरिका के आगामी आर्थिक आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। इनमें साप्ताहिक एडीपी रोजगार रिपोर्ट और रिचमंड फेड मैन्युफैक्चरिंग इंडेक्स शामिल हैं। ये आंकड़े केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति पर नए संकेत दे सकते हैं। इन आंकड़ों से ब्याज दरों के भविष्य के रुझान का अनुमान लगाया जा सकेगा। मौद्रिक नीति में किसी भी बदलाव का सोने की कीमतों पर सीधा असर पड़ता है।
व्यापारी गुरुवार को न्यूयॉर्क में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके चीनी समकक्ष शी जिनपिंग के बीच होने वाली बैठक पर भी ध्यान केंद्रित करेंगे। इस बैठक में ईरान युद्ध पर भी चर्चा होने की संभावना है। भू-राजनीतिक तनाव और संघर्षों का कीमती धातुओं पर अक्सर प्रभाव पड़ता है। अमेरिका-ईरान संघर्ष के समाधान की उम्मीदें सोने को कुछ सहारा दे सकती हैं। हालांकि, पश्चिम एशिया में अस्थिरता सोने के लिए चुनौती बनी हुई है।