Prime Minister’s Office of India

01/31/2026 | Press release | Distributed by Public on 01/31/2026 01:54

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी संत गुरु रविदास जी की 649वीं जयंती के अवसर पर 1 फरवरी को पंजाब का दौरा करेंगे

प्रधानमंत्री कार्यालय

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी संत गुरु रविदास जी की 649वीं जयंती के अवसर पर 1 फरवरी को पंजाब का दौरा करेंगे


आदमपुर हवाई अड्डे का नाम बदलकर 'श्री गुरु रविदास जी हवाई अड्डा, आदमपुर' रखा जाएगा, यह इस पूजनीय संत और समाज सुधारक के सम्मान में हो रहा है

प्रधानमंत्री लुधियाना के हलवारा हवाई अड्डे पर टर्मिनल भवन का उद्घाटन करेंगे

प्रविष्टि तिथि: 31 JAN 2026 10:48AM by PIB Delhi

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी1 फरवरी, 2026 को पंजाब का दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री दोपहर लगभग3:45 बजे, आदमपुर हवाई अड्डे का दौरा करेंगे और हवाई अड्डे का नाम बदलकर'श्री गुरु रविदास जी हवाई अड्डा, आदमपुर' रखने की घोषणा करेंगे। श्री मोदी पंजाब के लुधियाना में हलवारा हवाई अड्डे के टर्मिनल भवन का भी उद्घाटन करेंगे।

संत गुरु रविदास जी की649वीं जयंती के शुभ अवसर पर, आदमपुर हवाई अड्डे का नामकरण इस पूजनीय संत और समाज सुधारक को श्रद्धांजलि है, जिनकी समानता, करुणा और मानवीय गरिमा की शिक्षाएं भारत के सामाजिक मूल्यों को प्रेरित करती रहती हैं।

पंजाब में विमानन अवसंरचना को और आगे बढ़ाते हुए, प्रधानमंत्री द्वारा हलवारा हवाई अड्डे पर नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया जा रहा है। यह टर्मिनल भवन राज्य के लिए एक नया प्रवेश द्वार स्थापित करेगा, जो लुधियाना और उसके आसपास के औद्योगिक और कृषि क्षेत्रों की आवश्यकतओं को पूरा करेगा। लुधियाना जिले में स्थित हलवारा में भारतीय वायु सेना का एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्टेशन भी है।

लुधियाना में पहले हवाई अड्डे का रनवे अपेक्षाकृत छोटा था, जो छोटे आकार के विमानों के लिए उपयुक्त था। कनेक्टिविटी में सुधार और बड़े विमानों को समायोजित करने के लिए, हलवारा में एक नया सिविल एन्क्लेव विकसित किया गया है, जिसका रनवे लंबा है और -320 जैसे विमानों की आवाजाही के लिए सक्षम है।

प्रधानमंत्री के सतत और पर्यावरण के प्रति उत्तरदायी विकास के दृष्टिकोण के अनुरूप, टर्मिनल में कई हरित और ऊर्जा-दक्ष सुविधाएं शामिल हैं, जिनमें एलईडी प्रकाश व्यवस्था, इन्सुलेटेड छत, वर्षा जल संचयन प्रणाली, सीवेज और जल शोधन संयंत्र तथा भूनिर्माण के लिए पुनर्चक्रित जल का उपयोग शामिल है। इसकी स्थापत्य डिजाइन पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती है, जो यात्रियों को एक विशिष्ट और क्षेत्रीय रूप से प्रेरित यात्रा अनुभव प्रदान करती है।

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