Amar Ujala Ltd

08/15/2026 | Press release | Distributed by Public on 08/14/2026 16:35

मौसम का कहर: ओडिशा में बाढ़ से 429 गांव प्रभावित, 41 हजार लोग सुरक्षित; हिमाचल में भूस्खलन से 114 सड़कें बंद

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मौसम का कहर: ओडिशा में बाढ़ से 429 गांव प्रभावित, 41 हजार लोग सुरक्षित; हिमाचल में भूस्खलन से 114 सड़कें बंद

Sat, 15 Aug 2026 03:48 AM IST
शिवम गर्ग पीटीआई, भुवनेश्वर/बालासोर/बारीपदा
पीटीआई, भुवनेश्वर/बालासोर/बारीपदा Published by: शिवम गर्ग Updated Sat, 15 Aug 2026 03:48 AM IST
सार

ओडिशा के छह जिलों में दो दिनों की भारी बारिश के बाद बाढ़ से 41 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि 429 गांव प्रभावित हैं। वहीं हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन के बाद 114 सड़कें बंद हैं और एक बस हादसे से बाल-बाल बची। IMD ने ओडिशा के चार जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

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विस्तार

दो दिनों से हो रही भारी बारिश के बाद ओडिशा के कम से कम छह जिलों में ताजा बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। अधिकारियों के अनुसार, बालासोर, मयूरभंज, भद्रक, जाजपुर, सुंदरगढ़ और क्योंझर जिलों में 429 गांव और 52 ब्लॉक प्रभावित हुए हैं। प्रशासन ने 41 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। प्रशासन की प्राथमिकता बाढ़ से कटे इलाकों तक पहुंचने और प्रभावित लोगों को पका भोजन, सुरक्षित पेयजल, दवाएं तथा अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराने की है।

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क्या 127 से ज्यादा राहत केंद्रों में मिल रही जरूरी मदद?

विशेष राहत आयुक्त (SRC) राजेश कुमार पाटिल ने बताया कि प्रभावित लोगों के लिए 127 से अधिक राहत केंद्र खोले गए हैं। इन केंद्रों पर पका भोजन, पीने का पानी, दवाएं और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। बालासोर में जलका और बुधबलंगा नदियों का जलस्तर बढ़ने से बालासोर शहर के साथ बस्ता और भोगराई के कुछ हिस्सों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। वहीं, सुबर्णरेखा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बालासोर जिला प्रशासन को भी अलर्ट किया गया है।

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क्या 79 बचाव दल संभाल रहे हैं बाढ़ का मोर्चा?

राजेश कुमार पाटिल के अनुसार, बालासोर, मयूरभंज, जाजपुर और भद्रक जिलों में 79 बचाव दल तैनात किए गए हैं। इनमें ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स (ODRAF) की 39, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की सात और अग्निशमन सेवा की 33 टीमें शामिल हैं। क्योंझर में भी भारी बारिश के कारण बैतरणी नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति बनी है।

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क्या जलका, बैतरणी और सुबर्णरेखा का बढ़ता जलस्तर चिंता बढ़ा रहा है?

अधिकारियों के मुताबिक, बालासोर में जलका नदी खतरे के निशान को पार कर चुकी है। बैतरणी नदी पूरी तरह बाढ़ की स्थिति में है, जबकि सुबर्णरेखा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। अधिकारियों ने कहा कि बारिश कम होने के बावजूद उत्तर ओडिशा में बाढ़ का खतरा बना रहने की संभावना है।

जल संसाधन विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ दिलीप राउत ने बताया कि पिछले दो दिनों की भारी बारिश के कारण बैतरणी और सुबर्णरेखा का जलस्तर बढ़ा है। इससे निचले इलाकों में पानी भर गया है, कई जगह सड़कें डूब गई हैं, खेतों में पानी पहुंच गया है और कुछ गांवों में घरों में भी बाढ़ का पानी घुसा है।

क्या 1600 हेक्टेयर से ज्यादा कृषि भूमि डूबी?

दिलीप राउत के अनुसार, बाढ़ के कारण 1,600 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि जलमग्न हो गई है। जल संसाधन विभाग बैतरणी नदी की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है, जिसने भद्रक और जाजपुर के निचले इलाकों को प्रभावित किया है। सुबर्णरेखा इस समय खतरे के निशान से करीब दो मीटर नीचे बह रही है, लेकिन इसके बढ़ते जलस्तर से चिंता बनी हुई है। जलस्तर और बढ़ने पर बालासोर के बस्ता, बालियापाल और जलेश्वर क्षेत्र गंभीर रूप से प्रभावित हो सकते हैं।

क्या जाजपुर में इस मानसून चौथी बार आई बाढ़?

जाजपुर जिले में इस मानसून चौथी बार बाढ़ की स्थिति बनी है। बैतरणी और उसकी सहायक नदी कानी का जलस्तर बढ़ने के बाद डोवाबिल पटना में तटबंध टूटने से कानी का पानी कई गांवों में पहुंच गया। इससे गांवों में पानी भर गया और सड़क संपर्क बुरी तरह प्रभावित हुआ।

अधिकारी के मुताबिक, जिले में एक महीने से अधिक समय से बार-बार बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। पहली बाढ़ 6 जुलाई, दूसरी 18 जुलाई, तीसरी 8 अगस्त और ताजा बाढ़ 13 अगस्त को आई।

क्या IMD ने ओडिशा के चार जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया?

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सुंदरगढ़, बरगढ़, संबलपुर और झारसुगुड़ा जिलों के लिए ऑरेंज चेतावनी जारी की है। इन जिलों में शनिवार सुबह 8:30 बजे तक भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। इसके अलावा 14 अन्य जिलों में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है।

IMD ने अगले 12 घंटों के दौरान ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट और उसके आसपास 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। समुद्र की स्थिति खराब रहने की संभावना को देखते हुए मछुआरों को 15 अगस्त की सुबह तक बंगाल की खाड़ी में नहीं जाने की सलाह दी गई है।

क्या हिमाचल में भूस्खलन से बाल-बाल बची बस?

हिमाचल प्रदेश में बिलासपुर-सोलन सीमा के पास भरारिघाट और नालाग क्षेत्र के बीच शुक्रवार को भूस्खलन की चपेट में आने से एक बस बाल-बाल बची। घटना का कथित वीडियो ऑनलाइन सामने आया है। हिमाचल रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (HRTC) की बस इस हिस्से से गुजरने वाली थी, तभी भूस्खलन हो गया। घटना के समय सड़क पर भारी यातायात था, लेकिन अधिकारियों के मुताबिक किसी की मौत नहीं हुई। कथित वीडियो में लोगों को सुरक्षित स्थान की ओर भागते और दूसरे लोगों से वाहनों को रास्ते से हटाने के लिए कहते देखा गया।

क्या हिमाचल में बारिश के कारण 114 सड़कें बंद हैं?

बारिश से प्रभावित हिमाचल प्रदेश में 114 सड़कें बंद होने की जानकारी सामने आई है। जिस स्थान पर भूस्खलन हुआ, वहां सड़क को फोर-लेन करने का काम चल रहा है और इस हिस्से में लगातार भूस्खलन की घटनाएं सामने आती रही हैं। मंगलवार को भी इसी हिस्से में एक चलती गाड़ी पर चट्टान गिर गई थी। इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हुई थी और दो लोग घायल हुए थे।

Amar Ujala Ltd published this content on August 15, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on August 14, 2026 at 22:35 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]