केरल में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश अब बड़ी आपदा का रूप ले चुकी है। 1 अगस्त से शुरू हुई भारी बारिश के कारण राज्य में अब तक 25 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि चार लोग लापता हैं और 10 लोग घायल हुए हैं। बाढ़ और जलभराव के कारण हजारों लोगों को अपने घर छोड़कर राहत शिविरों में जाना पड़ा है। मौसम विभाग ने आठ जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है और प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
बारिश के कारण राज्य में सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सरकार के अनुसार, 18 हजार से अधिक लोगों को 400 से ज्यादा राहत शिविरों में रखा गया है। सबसे अधिक प्रभावित जिलों में पथानामथिट्टा, कोट्टायम और अलप्पुझा शामिल हैं। राज्य में चार दिनों के दौरान सामान्य से लगभग तीन गुना अधिक बारिश दर्ज की गई है। इसी वजह से कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं।
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किन जिलों में सबसे ज्यादा असर पड़ा है?
सरकार के अनुसार, 1 से 4 अगस्त के बीच 52 घर पूरी तरह नष्ट हो गए, जबकि 565 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। पथानामथिट्टा में 7,852, कोट्टायम में 5,288 और अलप्पुझा में 2,651 लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। कई निचले इलाकों और नदी किनारे बसे क्षेत्रों में पानी भर जाने से लोगों के जरूरी दस्तावेज और बच्चों की किताबें भी खराब हो गई हैं।
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किन जिलों में रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी हुआ?
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने पथानामथिट्टा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्नाकुलम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं अलप्पुझा, त्रिशूर, पलक्कड़ और मलप्पुरम में ऑरेंज अलर्ट तथा तिरुवनंतपुरम और कोल्लम में येलो अलर्ट घोषित किया गया है। विभाग ने अगले दिन भी कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है।
नदियों और बांधों की स्थिति क्या है?
लगातार बारिश के कारण मुवट्टुपुझा और थोडुपुझा नदियों का जलस्तर चेतावनी स्तर से ऊपर पहुंच गया, हालांकि बाद में इसमें कुछ कमी दर्ज की गई। वहीं मूझियार, कल्लारकुट्टी, एराट्टयार, लोअर पेरियार, पोरिंगलकुथु और कुट्टियाडी जैसे प्रमुख बांध रेड अलर्ट स्तर पर पहुंच गए हैं। प्रशासन लगातार जलस्तर की निगरानी कर रहा है और नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
सरकार राहत के लिए क्या कर रही?
राज्य सरकार ने बाढ़ प्रभावित परिवारों को जल्द आर्थिक सहायता देने का भरोसा दिया है। जिन लोगों के दस्तावेज बाढ़ में नष्ट हो गए हैं, उनके लिए विशेष अदालतें आयोजित करने का फैसला लिया गया है। छात्रों को नई किताबें और पढ़ाई का सामान उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा प्रत्येक वार्ड में सफाई कार्य के लिए 25-25 हजार रुपये मंजूर किए गए हैं और स्वयंसेवी संस्थाएं भी राहत एवं सफाई अभियान में प्रशासन की मदद कर रही हैं।