09/17/2026 | Press release | Distributed by Public on 09/16/2026 18:42
एनएसई आईपीओ: 22,569 करोड़ के ऑफर में कमाई का मौका या बड़ा जोखिम? पैसा लगाने से पहले समझें गणित
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एनएसई आईपीओ: 22,569 करोड़ के ऑफर में कमाई का मौका या बड़ा जोखिम? पैसा लगाने से पहले समझें गणित
बोनस डेस्क, नई दिल्ली। Published by: राकेश कुमार Updated Thu, 17 Sep 2026 05:02 AM IST
सार
एनएसई का 22,569 करोड़ रुपये का आईपीओ आज से खुदरा निवेशकों के लिए खुल रहा है। इसका मूल्य दायरा 1,700 से 1,785 रुपये प्रति शेयर और लॉट साइज आठ शेयरों का है, यानी न्यूनतम निवेश 14,280 रुपये होगा। एनएसई की बाजार हिस्सेदारी और कमाई मजबूत है, लेकिन ऑप्शंस ट्रेडिंग में गिरावट से राजस्व और मुनाफे पर दबाव बढ़ा है। इस शेयर पर दांव लगाना समझदारी है या खतरे की घंटी? पैसा लगाने से पहले जानें...
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एनएसई) का सार्वजनिक निर्गम खुदरा निवेशकों के लिए आज से खुलेगा। यह आईपीओ ऐसे समय आ रहा है, जब डेरिवेटिव ट्रेडिंग वॉल्यूम में गिरावट के कारण कैपिटल मार्केट फर्मों को लेकर निवेशकों में सतर्कता का माहौल है, जिसका असर पहले ही ऑफर प्राइस पर पड़ चुका है। एनएसई आईपीओ का मूल्यांकन वित्त वर्ष 2027-28 की अनुमानित कमाई के करीब 35 से 38 गुना के बराबर है। यह वैश्विक एक्सचेंज ऑपरेटरों के मुकाबले कहीं अधिक है।
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कारोबार कितना मजबूत?
किसी भी कंपनी में पैसा लगाने से पहले उसका बिजनेस देखना सबसे पहला नियम है। वित्त वर्ष 2025-26 के आंकड़ों के मुताबिक, कैश-मार्केट टर्नओवर में एनएसई की हिस्सेदारी 92.99 फीसदी, इक्विटी फ्यूचर्स में 99.79 फीसदी और इक्विटी ऑप्शंस प्रीमियम टर्नओवर में 74.71 फीसदी रही है। जून 2026 को समाप्त तिमाही में एनएसई ने 4,560 करोड़ रुपये का परिचालन राजस्व और 3,121 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया। कमाई के मामले में इसकी सेहत तंदुरुस्त है।
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नए नियमों ने ऑप्शंस ट्रेडिंग में वृद्धि को धीमा कर दिया है और भारतीय बाजारों को वैश्विक मानकों के अनुरूप लाने के लिए ट्रेडिंग नियमों में फेरबदल किया है। एनएसई अपने राजस्व का 80% ट्रेडिंग से प्राप्त करता है, जिसमें से 60% ऑप्शंस ट्रेडिंग से आता है। 2024 के अपने चरम से यह वॉल्यूम 27% तक गिर चुके हैं।
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ऑप्शंस की सुस्ती ने घटाया मुनाफा
डेरिवेटिव ट्रेडिंग वॉल्यूम में कमी आने से एनएसई के बॉटम-लाइन पर असर पड़ा है। मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष में एक्सचेंज के परिचालन से होने वाला राजस्व 3.1 फीसदी घट गया, जबकि मुनाफा 15.5 फीसदी गिर गया। बर्नस्टीन का अनुमान है कि ऑप्शंस ट्रेडिंग पर नियामक उपायों के कारण 2027 में समाप्त होने वाले वित्त वर्ष में वृद्धि धीमी होकर लगभग 5 फीसदी रह जाएगी।
खुदरा निवेशक क्या करें?
खुदरा निवेशकों के पास दो विकल्प हैं, या तो आईपीओ की विंडो में दांव लगाएं। या फिर लिस्टिंग का इंतजार करें और बाजार में सही कीमत की खोज होने के बाद सेकेंडरी मार्केट से शेयर खरीदें।
बड़े जोखिम का रखें ध्यान
निवेशकों को केवल लिस्टिंग गेन के भरोसे नहीं बैठना चाहिए। कंपनी का मूल्यांकन और उसके कारोबार की भविष्य की संभावनाएं देखें। अपनी जोखिम उठाने की क्षमता जरूर परखें।
Amar Ujala Ltd published this content on September 17, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on September 17, 2026 at 00:42 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]