Amar Ujala Ltd

08/28/2026 | Press release | Distributed by Public on 08/27/2026 15:57

भारत-कनाडा आर्थिक संवाद: निर्मला सीतारमण बोलीं- मजबूत सहयोग जरूरी, व्यापार से आगे किन मुद्दों पर बनी सहमति

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भारत-कनाडा आर्थिक संवाद: निर्मला सीतारमण बोलीं- मजबूत सहयोग जरूरी, व्यापार से आगे किन मुद्दों पर बनी सहमति?

Fri, 28 Aug 2026 01:53 AM IST
निर्मल कांत पीटीआई, वाशिंगटन।
पीटीआई, वाशिंगटन। Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 28 Aug 2026 01:53 AM IST
सार

भारत और कनाडा ने बदलते वैश्विक हालात के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि निवेश, वित्त, ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिज जैसे क्षेत्रों में साथ बढ़ने की काफी संभावनाएं हैं। क्या यह पहला आर्थिक संवाद दोनों देशों के संबंधों को नई दिशा देगा? पढ़िए रिपोर्ट-

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निर्मला सीतारमण - फोटो : एक्स/एएनआई
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विस्तार

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि तेजी से बदलती दुनिया में भारत और कनाडा के बीच मजबूत आर्थिक सहयोग की अहमियत बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि दुनिया में भू-राजनीतिक अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे समय में दोनों देशों को मजबूत साझेदारी बनानी चाहिए। इससे ऐसी अर्थव्यवस्थाएं बनाई जा सकेंगी, जो संकट का सामना कर सकें, जो लंबे समय तक टिकाऊ हों और जिनका फायदा सभी को मिले।
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निर्मला सीतारमण ने यह बात टोरंटो में भारत-कनाडा के बीच पहले आर्थिक और वित्तीय संवाद के बाद हुई संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग में कही। उन्होंने कहा, दुनिया में बहुत बड़ा बदलाव हो रहा है। हर जगह काफी अनिश्चितता है। भू-राजनीतिक और आर्थिक हालात लगातार बदल रहे हैं।
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इस स्थिति को देखते हुए उन्होंने कहा कि भारत और कनाडा के बीच मजबूत आर्थिक सहयोग जरूरी होगा। इससे दोनों देशों में ऐसी अर्थव्यवस्थाएं बनाने में मदद मिलेगी, जो संकट के समय मजबूत रहें। लंबे समय तक टिकाऊ रहें। और सभी वर्गों को साथ लेकर चलें।
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उनकी यह बात ऐसे समय आई है, जब दुनिया के आर्थिक और भू-राजनीतिक हालात लगातार बदल रहे हैं। इन बदलावों से देशों के बीच ज्यादा सहयोग की जरूरत बढ़ी है। इसका मकसद अर्थव्यवस्था को झटकों से बचाने की क्षमता बढ़ाना और विकास का फायदा ज्यादा लोगों तक पहुंचाना है।

सीतारमण ने आगे कहा, भारत और कनाडा के बीच हुई आर्थिक और वित्तीय वार्ता दोनों देशों की साझा सोच को दिखाती है। अब लक्ष्य सिर्फ सामान और सेवाओं के पुराने व्यापार तक सीमित रहना नहीं है। दोनों देश इससे आगे बढ़कर गहरी आर्थिक साझेदारी बनाना चाहते हैं। इसमें निवेश, वित्त, पूंजी बाजार और नियमों से जुड़े मामलों में सहयोग भी शामिल होगा।

उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके कनाडाई समकक्ष ने दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इससे दोनों देशों के संबंधों को नई गति मिली है। साथ ही इन रिश्तों को रणनीतिक दिशा भी मिली है।

किन मुद्दों पर हुई बातचीत?
सीतारमण ने अपने कनाडाई समकक्ष फ्रांस्वा-फिलिप शैंपेन के साथ बातचीत की। इसमें तीन बड़े क्षेत्रों पर चर्चा हुई। पहला, दोनों देशों में आर्थिक स्थिति और घरेलू नीतियों की प्राथमिकताएं। दूसरा, वित्तीय क्षेत्र में सहयोग के व्यावहारिक रास्ते। तीसरा, साझा हित वाले मुद्दों पर अंतरराष्ट्रीय और बहुपक्षीय सहयोग।

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सीतारमण ने कहा, भारत ने अपनी अर्थव्यवस्था को झटकों से बचाने की बेहद मजबूत क्षमता दिखाई है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं में कई समानताएं और एक-दूसरे के लिए फायदे के मौके हैं। निवेश और आर्थिक सहयोग बढ़ाने की भी काफी गुंजाइश है।

वित्तीय क्षेत्र में क्या सहयोग होगा?
वित्तीय क्षेत्र में सहयोग को लेकर दोनों देशों ने कई मुद्दों पर चर्चा की। इनमें सीमा पार भुगतान, वित्तीय स्थिरता, फिनटेक और पूंजी बाजार शामिल हैं। सीतारमण ने वार्ता के नतीजे बताते हुए कहा कि दोनों देशों की वित्तीय व्यवस्थाओं के बीच ज्यादा नजदीकी से काम करने की काफी संभावनाएं हैं। इससे व्यापार, निवेश और दूसरे देशों में काम करने वाले लोगों की ओर से भेजे जाने वाले पैसे यानी रेमिटेंस का प्रवाह बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

दोनों देशों ने साझा हित वाले दूसरे मुद्दों पर भी व्यापक सहयोग के अवसरों पर चर्चा की। इनमें महत्वपूर्ण खनिज और ऊर्जा सुरक्षा शामिल हैं। सीतारमण ने कहा कि इन क्षेत्रों में भारत और कनाडा का बढ़ा हुआ सहयोग दुनिया की आपूर्ति श्रृंखलाओं को ज्यादा मजबूत और विविध बनाने में मदद कर सकता है।

उन्होंने कहा कि यह बैठक सिर्फ एक बातचीत नहीं थी। दोनों पक्षों ने आगे की कार्रवाई के लिए कुछ खास क्षेत्रों की पहचान की है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के अधिकारी इन तय क्षेत्रों पर बातचीत आगे जारी रखेंगे। उनका लक्ष्य ठोस नतीजे हासिल करने की दिशा में काम करना होगा।
Amar Ujala Ltd published this content on August 28, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on August 27, 2026 at 21:57 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]