01/24/2026 | Press release | Distributed by Public on 01/24/2026 02:34
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 18वें रोजगार मेले को संबोधित किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में श्री मोदी ने कहा कि वर्ष 2026 की शुरुआत लोगों के जीवन में नई खुशियां लेकर हुई है और साथ ही नागरिकों को उनके संवैधानिक कर्तव्यों से भी जोड़ा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह समय गणतंत्र दिवस के भव्य उत्सव के साथ मेल खाता है। श्री मोदी ने याद दिलाया कि 23 जनवरी को राष्ट्र ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर पराक्रम दिवस मनाया था और कल, 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस और उसके बाद गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि आज का दिन इसलिए भी विशेष है, क्योंकि इसी दिन संविधान ने 'जन गण मन' को राष्ट्रगान और 'वंदे मातरम' को राष्ट्रगीत के रूप में अपनाया था। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि इस महत्वपूर्ण दिन पर 61 हजार से अधिक युवा सरकारी सेवाओं के लिए नियुक्ति पत्र प्राप्त करके अपने जीवन का एक नया अध्याय शुरू कर रहे हैं। श्री मोदी ने इन नियुक्ति पत्रों को राष्ट्र निर्माण का निमंत्रण और विकसित भारत के निर्माण में तेजी लाने का संकल्प बताया। उन्होंने कहा कि अनेक युवा राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करेंगे, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था को सशक्त बनाएंगे, वित्तीय सेवाओं और ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करेंगे और सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। प्रधानमंत्री ने सभी युवाओं को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।
श्री मोदी ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि युवाओं को कौशल से जोड़ना और उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी भर्तियों को मिशन मोड में लाने के लिए रोजगार मेला शुरू किया गया था, जो वर्षों से एक संस्था बन चुका है। इस पहल के माध्यम से लाखों युवाओं को विभिन्न सरकारी विभागों में नियुक्ति पत्र प्राप्त हुए हैं। इस मिशन को आगे बढ़ाते हुए श्री मोदी ने बताया कि आज रोजगार मेला देश भर में चालीस से अधिक स्थानों पर आयोजित किया जा रहा है और उन्होंने इन सभी स्थानों पर उपस्थित युवाओं को विशेष रूप से बधाई दी।
प्रधानमंत्री ने जोर देते हुए कहा, "भारत आज विश्व के सबसे युवा देशों में से एक है, और सरकार घरेलू और वैश्विक स्तर पर युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करने के लिए लगातार प्रयासरत है।" उन्होंने बताया कि भारत सरकार कई देशों के साथ व्यापार और आवागमन संबंधी समझौते कर रही है, जिससे युवा भारतीयों के लिए अनगिनत नए अवसर खुल रहे हैं।
श्री मोदी ने बताया कि हाल के समय में भारत ने आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर में अभूतपूर्व निवेश किया है, जिससे निर्माण संबंधी क्षेत्रों में रोजगार में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम तेजी से विस्तार कर रहा है, जिसमें लगभग दो लाख पंजीकृत स्टार्टअप इक्कीस लाख से अधिक युवाओं को रोजगार दे रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल इंडिया ने एक नई अर्थव्यवस्था को जन्म दिया है और भारत एनिमेशन, डिजिटल मीडिया तथा कई अन्य क्षेत्रों में वैश्विक केंद्र के रूप में उभर रहा है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत की रचनात्मक अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है, जिससे युवाओं को नए अवसर मिल रहे हैं।
श्री मोदी ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि भारत पर बढ़ता वैश्विक विश्वास युवाओं के लिए नए अवसर पैदा कर रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत विश्व की एकमात्र ऐसी प्रमुख अर्थव्यवस्था है जिसने एक दशक में अपनी जीडीपी दोगुनी कर ली है और आज सौ से अधिक देश प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के माध्यम से भारत में निवेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले के दशक की तुलना में भारत को ढाई गुना से अधिक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्राप्त हुआ है और अधिक विदेशी निवेश का अर्थ है भारत के युवाओं के लिए अधिक रोजगार के अवसर।
प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत एक प्रमुख विनिर्माण शक्ति के रूप में उभर रहा है, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल और वैक्सीन, रक्षा और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों में उत्पादन और निर्यात में अभूतपूर्व वृद्धि हो रही है। श्री मोदी ने कहा कि 2014 से भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में छह गुना वृद्धि हुई है, जो अब 11 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है, जबकि इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। उन्होंने कहा कि मोटरवाहन उद्योग सबसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में से एक बन गया है, जिसमें दोपहिया वाहनों की बिक्री 2025 में दो करोड़ इकाइयों को पार कर जाएगी, जो आयकर और जीएसटी में कमी के कारण नागरिकों की बढ़ती क्रय शक्ति को दर्शाती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ये उदाहरण देश में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन को दर्शाते हैं।
श्री मोदी ने इस बात का जिक्र करते हुए कहा कि इसी कार्यक्रम में 8,000 से अधिक बेटियों को नियुक्ति पत्र मिले हैं और पिछले 11 वर्षों में कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी लगभग दोगुनी हो गई है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मुद्रा और स्टार्टअप इंडिया जैसी योजनाओं से महिलाओं को काफी लाभ हुआ है और महिला स्वरोजगार में लगभग 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज बड़ी संख्या में महिलाएं स्टार्टअप के साथ-साथ लघु एवं मध्यम उद्यमों में निदेशक और संस्थापक हैं, जबकि कई महिलाएं गांवों में सहकारी क्षेत्रों और स्वयं सहायता समूहों का नेतृत्व कर रही हैं।
प्रधानमंत्री ने जोर देते हुए कहा, "आज देश ने जीवन और व्यापार दोनों को आसान बनाने के उद्देश्य से सुधार की रफ्तार पकड़ ली है।" उन्होंने यह भी कहा कि जीएसटी में किए गए अगली पीढ़ी के सुधारों से युवा उद्यमियों और लघु एवं मध्यम उद्यमों को लाभ हुआ है, वहीं ऐतिहासिक श्रम सुधारों ने श्रमिकों और कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा को मजबूत किया है। इससे व्यवसायों को भी फायदा हुआ है। श्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि नए श्रम कानूनों ने सामाजिक सुरक्षा के दायरे को बढ़ाने के साथ ही उसे और सशक्त बनाया है।
प्रधानमंत्री ने नव नियुक्त युवाओं से सरकारी कार्यालयों और प्रक्रियाओं के साथ अपने पिछले अनुभवों पर विचार करने, उन्हें जिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, उन्हें याद करने और यह संकल्प लेने का आग्रह किया कि वे अपने कार्यकाल के दौरान नागरिकों को ऐसी कठिनाइयों का सामना न करने दें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार के हिस्से के रूप में, उन्हें जन कल्याण को अधिकतम करने के लिए अपने स्तर पर छोटे-छोटे सुधार करने होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि नीतिगत सुधारों के अलावा, सरकारी कर्मचारियों की ईमानदारी से जीवन और व्यापार में सुगमता बढ़ती है। श्री मोदी ने उन्हें याद दिलाया कि तेजी से बदलती प्रौद्योगिकी के इस युग में, राष्ट्र की आवश्यकताएं और प्राथमिकताएं भी तेजी से बदल रही हैं। ऐसे में उन्हें निरंतर स्वयं को अद्यतन करना होगा। उन्होंने उन्हें आई-गॉट कर्मयोगी जैसे प्लेटफार्मों का पूरा इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया, जिसने पहले ही लगभग 1.5 करोड़ सरकारी कर्मचारियों को सशक्त बनाया है। अपने संबोधन के समापन में, प्रधानमंत्री ने युवाओं से "नागरिक देवो भव" की भावना से काम करने का आग्रह किया और एक बार फिर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।
इस कार्यक्रम में अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह भी उपस्थित थे।
पृष्ठभूमि
रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की प्रधानमंत्री के संकल्प के अनुरूप, रोजगार मेला इस दृष्टिकोण को साकार रूप देने के उद्देश्य से शुरू की गई एक महत्वपूर्ण पहल है। इसकी स्थापना के बाद से, देश भर में आयोजित रोजगार मेलों के माध्यम से 11 लाख से अधिक भर्ती पत्र जारी किए जा चुके हैं।
देश भर में 45 स्थानों पर 18वां रोजगार मेला आयोजित किया गया। भारत के सभी हिस्सों से चयनित नव नियुक्त उम्मीदवार गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, वित्तीय सेवा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग आदि सहित भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में कार्यभार ग्रहण करेंगे।
Addressing the Rozgar Mela. It reflects our Government's strong commitment to empowering the Yuva Shakti. https://t.co/ngfXRnXfcZ
- Narendra Modi (@narendramodi) January 24, 2026
बीते वर्षों में रोज़गार मेला एक institution बन गया है।
इसके जरिए लाखों युवाओं को सरकार के अलग-अलग विभागों में नियुक्ति पत्र मिल चुके हैं: PM @narendramodi
आज भारत, दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक है।
हमारी सरकार का निरंतर प्रयास है कि भारत की युवाशक्ति के लिए देश-दुनिया में नए-नए अवसर बनें: PM @narendramodi
आज भारत सरकार, अनेक देशों से trade और mobility agreement कर रही है।
ये trade agreement भारत के युवाओं के लिए अनेकों नए अवसर लेकर आ रहे हैं: PM @narendramodi
आज देश reform express पर चल पड़ा है।
इसका उद्देश्य, देश में जीवन और कारोबार, दोनों को आसान बनाने का है: PM @narendramodi
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