07/23/2026 | Press release | Distributed by Public on 07/23/2026 07:42
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के अंतर्गत, भारत सरकार के गृह मंत्रालय के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) द्वारा 24 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में आपदा जोखिम न्यूनीकरण (डीआरआर) पर ब्रिक्स मंत्रिस्तरीय बैठक आयोजित की जा रही है। डीआरआर समूह की इस मंत्रिस्तरीय बैठक की अध्यक्षता गृह राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय करेंगे। यह मंत्रिस्तरीय बैठक आपदा जोखिम न्यूनीकरण पर ब्रिक्स सहयोग के विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जो इस बढ़ती वैश्विक मान्यता को दर्शाती है कि आपदाएं सतत विकास, जलवायु लचीलापन, आर्थिक स्थिरता और मानव सुरक्षा के लिए प्रणालीगत जोखिम उत्पन्न करती हैं। डीआरआर के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित करने के लिए ब्रिक्स के 10 सदस्य देशों के मंत्री और प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुख इसमें भाग ले रहे हैं।
ब्रिक्स आपदा जोखिम न्यूनीकरण सहयोग वर्ष 2016 की उदयपुर घोषणा से क्रमिक रूप से विकसित हुआ है, जिसके अंतर्गत आपदा जोखिम प्रबंधन पर संयुक्त कार्यबल की स्थापना की गई थी, और वर्ष 2024 की कज़ान घोषणा तक पहुंचा, जिसमें ब्रिक्स आपदा जोखिम न्यूनीकरण समूह (डीआरआरजी) को संस्थागत रूप दिया गया तथा ब्रिक्स डीआरआर कार्य योजना (2025-2028) को अपनाया गया। इस मजबूत आधार पर आगे बढ़ते हुए, भारत की अध्यक्षता ने व्यावहारिक, कार्यान्वयन-उन्मुख और कार्रवाई-आधारित एजेंडे के माध्यम से सहयोग को और अधिक सशक्त बनाया है, जिससे उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच आपदा लचीलापन को बढ़ावा देने के लिए ब्रिक्स एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में स्थापित हो रहा है।
लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सततता के निर्माण" विषय से निर्देशित यह मंत्रिस्तरीय बैठक ब्रिक्स सदस्य देशों के बीच वर्षभर चली गहन तकनीकी परामर्श और सहमति-निर्माण प्रक्रिया का समापन करती है।
बैठक के दौरान "जलवायु-स्मार्ट और आपदा-लचीली अवसंरचना प्रणालियों को आगे बढ़ाना: लचीले विकास के लिए साझेदारी, नवाचार और वित्तपोषण" विषय पर एक उच्च-स्तरीय नीति संवाद आयोजित किया जाएगा।
ब्रिक्स आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्य योजना (2025-2028) के कार्यान्वयन में तेजी लाना" विषय पर ब्रिक्स सदस्य देशों की मंत्रिस्तरीय गोलमेज बैठक मंत्रियों को ब्रिक्स डीआरआर कार्य योजना के कार्यान्वयन में तेजी लाने, संस्थागत सहयोग को मजबूत करने तथा भविष्य के सहयोग के क्षेत्रों की पहचान करने पर विचार-विमर्श का अवसर प्रदान करेगी।
मंत्रीगण आपदा जोखिम न्यूनीकरण पर ब्रिक्स संयुक्त वक्तव्य को अपनाएंगे, जो ब्रिक्स सदस्य देशों की आपदा लचीलापन को सुदृढ़ करने, सहयोग बढ़ाने, नवाचार को प्रोत्साहित करने, सतत विकास का समर्थन करने तथा ब्रिक्स डीआरआर कार्य योजना (2025-2028) के कार्यान्वयन के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि करेगा।
भारत का नेतृत्व
भारत की अध्यक्षता समावेशी शासन, संस्थागत क्षमता, विज्ञान-आधारित नीति निर्माण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से वैश्विक आपदा लचीलापन को सुदृढ़ करने के प्रति उसकी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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पीके/केसी/एके/एसएस