09/09/2026 | Press release | Distributed by Public on 09/09/2026 12:51
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हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड अपने ऑनलाइन कामकाज में इस्तेमाल हो रहे सैप-ईआरपी और आईएसयू बिलिंग सिस्टम की अब पूरी समीक्षा करेगा। बोर्ड यह देखेगा कि मौजूदा सिस्टम को ही अपग्रेड कर आगे चलाया जाए या फिर नया और आधुनिक ईआरपी सिस्टम लागू किया जाए। इसके लिए बोर्ड ने विशेषज्ञ कंपनियों से आवेदन मांगे हैं। ये कंपनियां मौजूदा सिस्टम की जांच करेंगी और इसकी कमियों, तकनीकी दिक्कतों और भविष्य की जरूरतों का आकलन करेंगी। इसके बाद बोर्ड को आगे की व्यवस्था के लिए सुझाव दिए जाएंगे। पहले आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि एक सितंबर थी। अब इसे बढ़ाकर 14 सितंबर कर दिया गया है।
सात सितंबर को जारी करेक्शनडम में इसकी जानकारी दी गई है। बिजली बोर्ड के करीब 28 लाख उपभोक्ताओं की मासिक बिलिंग इसी सिस्टम के माध्यम से होती है। बिल तैयार करने से लेकर भुगतान का रिकॉर्ड रखने और उपभोक्ताओं से जुड़े आंकड़ों के प्रबंधन में इसकी अहम भूमिका है। इसके अलावा बोर्ड के वित्तीय कामकाज, खरीद, स्टोर, मानव संसाधन और अन्य ऑनलाइन प्रशासनिक कार्य भी इसके माध्यम से संचालित होते हैं। विशेषज्ञ एजेंसी मौजूदा ईआरपी और बिलिंग सिस्टम की कार्यक्षमता की जांच करेगी, साथ ही यह भी देखा जाएगा कि सिस्टम में आने वाले समय की जरूरतों को पूरा करने की क्षमता है या नहीं। एजेंसी की रिपोर्ट के आधार पर बिजली बोर्ड फैसला करेगा कि मौजूदा सिस्टम को अपग्रेड किया जाए या नया प्लेटफॉर्म लागू किया जाए। इसका उद्देश्य बोर्ड के ऑनलाइन कामकाज और उपभोक्ता बिलिंग व्यवस्था को अधिक बेहतर और आधुनिक बनाना है।