Amar Ujala Ltd

09/28/2026 | Press release | Distributed by Public on 09/28/2026 09:35

महाराष्ट्र: 36 लाख एलपीजी ग्राहकों पर कनेक्शन ब्लॉक होने का खतरा, 1 अक्तूबर से सब्सिडी पर भी असर; नियम क्या

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महाराष्ट्र: 36 लाख एलपीजी ग्राहकों पर कनेक्शन ब्लॉक होने का खतरा, 1 अक्तूबर से सब्सिडी पर भी असर; नियम क्या?

Mon, 28 Sep 2026 08:34 PM IST
सुनील मेहरोत्रा अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई Published by: सुनील मेहरोत्रा Updated Mon, 28 Sep 2026 08:34 PM IST
सार

महाराष्ट्र में करीब 36 लाख एलपीजी ग्राहकों ने अब तक बायोमेट्रिक आधार वेरिफिकेशन नहीं कराया है। 1 अक्तूबर से सब्सिडी वाले सिलेंडर के लिए यह प्रक्रिया जरूरी होगी। वेरिफिकेशन नहीं कराने पर कनेक्शन ब्लॉक और ₹210 की सब्सिडी प्रभावित हो सकती है। आखिर क्या है पूरा नियम? आइए, जानते हैं...

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एलपीजी सिलिंडर सब्सिडी नए नियम - फोटो : AI
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विस्तार

महाराष्ट्र में एलपीजी सिलिंडर का बायोमेट्रिक आधार वेरिफिकेशन नहीं कराने वाले करीब 36 लाख घरेलू रसोई गैस ग्राहकों के कनेक्शन पर संकट खड़ा हो सकता है। अगर इन उपभोक्ताओं ने समय रहते बायोमेट्रिक प्रक्रिया पूरी नहीं कराई, तो 1 अक्तूबर के बाद उनके एलपीजी कनेक्शन ब्लॉक किए जा सकते हैं और 210 रुपये की सब्सिडी भी रोकी जा सकती है। राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 21 सितंबर तक महाराष्ट्र में 85 प्रतिशत से अधिक एलपीजी उपभोक्ता अपना अनिवार्य बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन करा चुके हैं, लेकिन करीब 36 लाख ग्राहक अभी यह प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए हैं। केंद्र सरकार के निर्देशों के तहत 1 अक्तूबर की समय सीमा तय की गई है।
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इस पूरी कवायद का मकसद एलपीजी सब्सिडी का लाभ सही और पात्र उपभोक्ताओं तक पहुंचाना और फर्जी या डुप्लीकेट कनेक्शनों पर रोक लगाना है। आंकड़ों के मुताबिक, घरेलू एलपीजी सिलिंडर की लागत करीब 1,500 रुपये बैठती है, जबकि सब्सिडी के बाद पात्र उपभोक्ता को 14.2 किलो का सिलिंडर करीब 731 रुपये में मिल रहा है। महाराष्ट्र में 2.5 करोड़ से अधिक घरेलू एलपीजी उपभोक्ता हैं। इनमें 60 प्रतिशत से ज्यादा परिवारों को 210 रुपये की सब्सिडी मिलने की बात सामने आई है। सरकार का मानना है कि बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन से फर्जी लाभार्थियों, डुप्लीकेट कनेक्शनों और सब्सिडी वाले घरेलू सिलिंडरों के गलत इस्तेमाल की पहचान करने में मदद मिलेगी।
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खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के मुताबिक, 1 अक्तूबर के बाद अगर किसी उपभोक्ता का कनेक्शन ब्लॉक होता है, तो उसे घबराने की जरूरत नहीं होगी। संबंधित उपभोक्ता गैस एजेंसी में जाकर बायोमेट्रिक आधार वेरिफिकेशन पूरा करा सकता है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद कनेक्शन दोबारा चालू कराया जा सकेगा। वहीं, जिन लोगों को सब्सिडी वाले घरेलू सिलिंडर की जरूरत नहीं है, वे बिना सब्सिडी वाला सामान्य एलपीजी कनेक्शन जारी रख सकते हैं। कनेक्शन ब्लॉक होने की स्थिति में 5 या 10 किलो के छोटे एलपीजी सिलिंडर का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा, लेकिन इन पर सब्सिडी नहीं मिलेगी और इसके लिए अलग से आवेदन करना होगा।
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बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन में महाराष्ट्र का प्रदर्शन फिलहाल राष्ट्रीय औसत से पीछे है। देशभर में करीब 90 प्रतिशत एलपीजी उपभोक्ताओं के वेरिफिकेशन की बात कही जा रही है, जबकि महाराष्ट्र में यह आंकड़ा करीब 85 प्रतिशत है। विभाग की जांच में वेरिफिकेशन नहीं कराने की अलग-अलग वजहें भी सामने आई हैं। इनमें घरेलू सब्सिडी वाले सिलिंडरों का व्यावसायिक इस्तेमाल भी शामिल है। मुंबई और पुणे जैसे शहरों में होटल, रेस्टोरेंट और दूसरे खाद्य कारोबारों में घरेलू गैस कनेक्शन के इस्तेमाल के मामले सामने आते रहे हैं। कुछ मामलों में कारोबारियों ने कर्मचारियों के नाम पर घरेलू कनेक्शन ले रखे हैं। इसके अलावा, कई उपभोक्ता एलपीजी छोड़कर पीएनजी पर चले गए हैं। कुछ मामलों में लाभार्थी की मृत्यु के बाद भी कनेक्शन उनके नाम पर दर्ज हैं, जबकि डुप्लीकेट कनेक्शन के मामले भी सामने आए हैं। हालांकि, इनमें बड़ी संख्या ऐसे वास्तविक उपभोक्ताओं की भी हो सकती है, जिन्होंने जागरूकता की कमी या समय नहीं मिल पाने के कारण अभी तक बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन नहीं कराया है।

इस अभियान के पीछे सरकार का बड़ा आर्थिक हित भी जुड़ा है। केंद्र सरकार ने 2025-26 और 2026-27 के लिए एलपीजी सब्सिडी मद में करीब 30 हजार करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। केंद्र की ओर से महाराष्ट्र सरकार को भेजे गए पत्र के मुताबिक, 31 अगस्त तक सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों की घरेलू एलपीजी पर संचित अंडर-रिकवरी 62,000 करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी थी। ऐसे में सरकार का जोर यह सुनिश्चित करने पर है कि सब्सिडी का पैसा सही लाभार्थियों तक पहुंचे। इसी उद्देश्य से बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन को अनिवार्य किया गया है।
Amar Ujala Ltd published this content on September 28, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on September 28, 2026 at 15:35 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]