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07/27/2026 | Press release | Distributed by Public on 07/27/2026 07:11

E20 Petrol: देश में कितने वाहन E20 ईंधन के लिए पूरी तरह अनुकूल? संसद में सरकार ने कहा- ऐसा कोई आकलन नहीं किया गया

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E20 Petrol: देश में कितने वाहन ई20 ईंधन के लिए पूरी तरह अनुकूल? सरकार ने कहा- ऐसा कोई आकलन नहीं किया गया

Mon, 27 Jul 2026 05:27 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amar Sharma Updated Mon, 27 Jul 2026 05:27 PM IST
सार

देश में E20 ईंधन (20% इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) के इस्तेमाल को लेकर उठ रहे सवालों के बीच केंद्र सरकार ने संसद में एक बड़ा स्पष्टीकरण जारी किया है। सरकार ने सोमवार को संसद को सूचित किया कि वर्तमान में देश में ऐसे वाहनों के प्रतिशत का कोई मूल्यांकन नहीं किया गया है जो E20 ईंधन के साथ पूरी तरह से अनुकूल हैं।

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E20 Fuel Compatibility - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार

देश में E20 ईंधन को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार लगातार कदम उठा रही है। लेकिन संसद में सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में कितने वाहन पूरी तरह E20 ईंधन के अनुकूल हैं, इसका कोई आकलन नहीं किया गया है। यह जानकारी पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने संसद में पूछे गए एक सवाल के लिखित जवाब में दी। सवाल यह था कि क्या सरकार ने यह आकलन किया है कि देश में कितने प्रतिशत वाहन पूरी तरह E20 ईंधन के साथ चलने के लिए सक्षम हैं।

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सरकार ने संसद में क्या जवाब दिया?

केंद्र सरकार ने संसद में कहा कि ई20 पेट्रोल से वाहन को बेहतर एक्सेलरेशन, स्मूद राइड क्वालिटी और ई10 पेट्रोल की तुलना में लगभग 30 प्रतिशत कम कार्बन उत्सर्जन मिलता है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि व्यापक वैज्ञानिक अध्ययन और वास्तविक उपयोग के आंकड़ों में एथेनॉल की वजह से इंजन में जंग, असामान्य घिसावट या वाहन की उम्र कम होने का कोई प्रमाण नहीं मिला है, यहां तक कि उन लाखों पुराने वाहनों में भी नहीं, जिन्हें मूल रूप से ई20 के लिए प्रमाणित नहीं किया गया था।

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सवाल के जवाब में मंत्री ने बताया कि भारी उद्योग मंत्रालय ने इस संबंध में कोई अध्ययन या आकलन नहीं किया है। उन्होंने कहा कि मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार, देश में E20 के साथ पूरी तरह अनुकूल वाहनों का प्रतिशत जानने के लिए कोई मूल्यांकन नहीं किया गया है।
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फिर E20 कार्यक्रम कैसे लागू किया गया?

सरकार ने स्पष्ट किया कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल कार्यक्रम को बिना तैयारी के लागू नहीं किया गया। इसे चरणबद्ध, वैज्ञानिक रूप से सत्यापित और विभिन्न संस्थाओं से सलाह-मशविरा करके आगे बढ़ाया गया है।

इस प्रक्रिया में कई प्रमुख संस्थानों ने भागीदारी की, जिनमें शामिल हैं-

  • नीति आयोग (NITI Aayog)

  • ऑटोमोबाइल निर्माता कंपनियां

  • ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs)

  • ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI)

  • सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM)

  • इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम (IIP)

  • अन्य तकनीकी संस्थान

सरकार के अनुसार, इन सभी संस्थानों की भागीदारी से E20 कार्यक्रम को लागू करने की प्रक्रिया तैयार की गई।

Petrol Pump - फोटो : संवाद

E20 पर किस तरह की जांच की गई?

सरकार ने बताया कि E20 ईंधन को लेकर कई तरह के प्रयोगशाला परीक्षण और फील्ड ट्रायल किए गए।

इन परीक्षणों में मुख्य रूप से इन पहलुओं का मूल्यांकन किया गया-

इंजन की टिकाऊ क्षमता:
यह जांचा गया कि लंबे समय तक E20 ईंधन के इस्तेमाल का इंजन पर क्या असर पड़ता है।

ड्राइविंग प्रदर्शन:
वाहन चलाने के अनुभव और प्रदर्शन का परीक्षण किया गया।

स्टार्ट होने की क्षमता:
अलग-अलग परिस्थितियों में इंजन स्टार्ट होने की क्षमता का आकलन किया गया।

जंग से सुरक्षा:
ईंधन से वाहन के धातु वाले हिस्सों पर पड़ने वाले प्रभाव का परीक्षण किया गया।

मैटेरियल कम्पैटिबिलिटी:
यह देखा गया कि वाहन में इस्तेमाल होने वाले विभिन्न पुर्जे E20 के साथ कितने अनुकूल हैं।

उत्सर्जन:
E20 के उपयोग से निकलने वाले उत्सर्जन का अध्ययन किया गया।

फ्यूल एफिशिएंसी:
ईंधन की खपत और उसके प्रदर्शन का भी परीक्षण किया गया।

सरकार का कहना है कि इन सभी अध्ययनों में E20 ईंधन निर्धारित मानकों के तहत सुरक्षित पाया गया।

क्या पुराने वाहनों पर E20 का असर पड़ा?

सरकार ने कहा कि किए गए अध्ययनों में यह पाया गया कि पुराने वाहनों के प्रदर्शन में E20 ईंधन के कारण कोई उल्लेखनीय बदलाव नहीं देखा गया।

साथ ही, इंजन या अन्य पुर्जों में असामान्य घिसावट के भी कोई संकेत नहीं मिले।


E20 और E15 ईंधन का इस्तेमाल कब से हो रहा है?

सरकार के अनुसार-

E15+ पेट्रोल: पिछले साढ़े तीन साल से बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है।

E19-E20 ईंधन: पिछले ढाई साल से अधिक समय से उपयोग में है।

इस अवधि के दौरान-

  • 20 करोड़ से अधिक दोपहिया वाहन

  • 3 करोड़ से ज्यादा पेट्रोल कारें

इन ईंधन मिश्रणों पर चल चुकी हैं।

सरकार ने कहा कि इस दौरान इथेनॉल ब्लेंडिंग के कारण बड़े पैमाने पर इंजन फेल होने या वाहन खराब होने का कोई सत्यापित मामला सामने नहीं आया है।

Petrol Pump - फोटो : Adobe stock

वाहन निर्माताओं के सर्विस रिकॉर्ड क्या बताते हैं?

सरकार ने कहा कि वाहन निर्माताओं के सर्विस डेटा में भी E20 ईंधन के कारण किसी असामान्य समस्या का संकेत नहीं मिला।

सर्विस रिकॉर्ड के अनुसार-

  • वाहन के पुर्जों में असामान्य जंग नहीं मिली।

  • सामान्य से अधिक घिसावट दर्ज नहीं हुई।

  • वाहन की उम्र पर भी कोई असामान्य असर नहीं देखा गया।

सरकार ने यह भी बताया कि वाहन निर्माता E20 ईंधन इस्तेमाल करने वाले वाहनों पर वारंटी की सुविधा भी जारी रखे हुए हैं।


क्या E20 से माइलेज कम होता है?

सरकार ने माना कि कुछ ऐसे वाहन, जिन्हें मूल रूप से E10 पेट्रोल के लिए डिजाइन किया गया था, उनमें माइलेज में करीब 3 से 5 प्रतिशत तक कमी आ सकती है।

हालांकि, सरकार का कहना है कि E20 ईंधन के कुछ अन्य फायदे भी हैं-

उच्च ऑक्टेन रेटिंग:
इंजन के बेहतर प्रदर्शन में मदद कर सकती है।

क्लीनर कंबशन:
ईंधन अधिक स्वच्छ तरीके से जलता है।

बेहतर एक्सीलरेशन:
वाहन की गति पकड़ने की क्षमता बेहतर हो सकती है।

कम उत्सर्जन:
प्रदूषण कम करने में मदद मिल सकती है।

ऑटो कंपनियों के आंकड़े क्या कहते हैं?

सरकार ने उद्योग से जुड़े आंकड़ों का भी हवाला दिया।

एक प्रमुख वाहन निर्माता:
FY2025-26 के दौरान कंपनी ने 2.84 करोड़ वाहनों की सर्विसिंग की। इनमें लगभग 1.5 करोड़ ऐसे वाहन भी शामिल थे, जिन्हें मूल रूप से E20 के लिए प्रमाणित नहीं किया गया था। इसके बावजूद कंपनी को E20 से जुड़ी जंग, असामान्य घिसावट या पुर्जों की उम्र कम होने जैसी कोई समस्या नहीं मिली।

दूसरी वाहन निर्माता कंपनी:
इस अन्य कंपनी ने लंबे समय तक 1.4 करोड़ E20 पर चलने वाले वाहनों का अध्ययन किया। रिपोर्ट के अनुसार, इसमें भी इथेनॉल के कारण जंग या अन्य संबंधित समस्या के कोई प्रमाण नहीं मिले।


पूरे मामले में क्या समझा जाए?

सरकार ने संसद में साफ किया है कि देश में E20 ईंधन के लिए पूरी तरह अनुकूल वाहनों की संख्या या प्रतिशत का कोई आधिकारिक आकलन नहीं किया गया है। हालांकि, सरकार का कहना है कि विभिन्न संस्थानों द्वारा किए गए परीक्षण, फील्ड ट्रायल और वाहन निर्माताओं के सर्विस डेटा के आधार पर निर्धारित मानकों के तहत E20 ईंधन सुरक्षित पाया गया है। साथ ही, सरकार के अनुसार अब तक बड़े पैमाने पर इंजन फेल होने, असामान्य घिसावट या वाहन की उम्र घटने जैसे दावों की पुष्टि नहीं हुई है।

Amar Ujala Ltd published this content on July 27, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on July 27, 2026 at 13:11 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]