09/19/2026 | Press release | Distributed by Public on 09/19/2026 08:08
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डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के बीच यूपीआई लेनदेन पर संभावित शुल्क को लेकर पेट्रोल पंप संचालकों में चिंता बढ़ती जा रही है। उनका कहना है कि पेट्रोल और डीजल की बिक्री में पहले से ही मुनाफे का मार्जिन तय होता है। ऐसे में यदि ऑनलाइन भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क देना पड़ते तो इसका सीधा असर उनके कारोबार पर पड़ेगा।
कारोबारियों पर बढ़ेगा बोझ
ईंधन बिक्री का मार्जिन सीमित और निर्धारित होता है, जिससे परिचालन खर्चों को ही संतुलित करना चुनौतीपूर्ण रहता है। ऐसे में यूपीआई या अन्य डिजिटल भुगतान माध्यमों पर अतिरिक्त शुल्क लगने की स्थिति में कारोबारियों का आर्थिक बोझ और बढ़ जाएगा। उनका कहना है कि पेट्रोल पंपों पर बड़ी संख्या में ग्राहक डिजिटल भुगतान का उपयोग करते हैं, इसलिए शुल्क का प्रभाव भी व्यापक होगा।
पुनर्विचार करे सरकार
पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए व्यापारियों ने भी तेजी से तकनीक अपनाई है। ऐसे में किसी भी अतिरिक्त शुल्क से छोटे और मध्यम स्तर के कारोबारियों की लागत बढ़ सकती है। उन्होंने सरकार से इस मुद्दे पर पुनर्विचार करने और व्यापारियों की व्यावहारिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने की मांग की है।
...ताकि सुचारु रूप से जारी रह सके डिजिटल भुगतान
व्यापारियों का कहना है कि डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि इसका अतिरिक्त वित्तीय बोझ उन पर न पड़े, ताकि नकद रहित लेनदेन की व्यवस्था सुचारु रूप से जारी रह सके।