08/25/2026 | Press release | Distributed by Public on 08/24/2026 21:17
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लॉगिन करेंइलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त स्वीकृत पदों को मानदेय पर भरने की राज्य सरकार की नीति रद्द कर दी। कोर्ट ने कहा कि स्वीकृत पद पर अस्थायी रूप से नियुक्त शिक्षक को संबंधित पद का न्यूनतम वेतनमान और अनुमन्य भत्ते दिए जाने चाहिए। न्यायमूर्ति राजीव सिंह की एकल पीठ ने यह अहम फैसला मनोज कुमार सिंह समेत करीब 190 याचिकाओं पर सुनवाई करके दिया।
सरकार की नीति के तहत हाईस्कूल स्तर के शिक्षक को 25 हजार और इंटरमीडिएट स्तर के शिक्षक को 30 हजार रुपये मासिक मानदेय दिया जाना था। कोर्ट ने कहा कि इन पदों का स्वीकृत वेतनमान क्रमशः 44,900-1,42,400 और 47,600-1,51,100 रुपये है। ऐसे में स्वीकृत पद पर काम करने वाले शिक्षक को इससे काफी कम मानदेय देना उचित नहीं है।