08/07/2026 | Press release | Distributed by Public on 08/07/2026 14:26
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लॉगिन करेंहिमाचल प्रदेश में सक्रिय मानसून और अनुकूल मौसमी स्थितियों के कारण राज्य के कई भागों में आगामी छह दिन भारी बारिश होने की संभावना है। पांच जिलों में दो दिन भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। माैसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से शुक्रवार शाम को जारी ताजा पूर्वानुमान में इसकी जानकारी दी गई है। विभाग के अनुसार 7 से 13 अगस्त तक किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों में 30-40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से लगातार हवाएं चलने की संभावना है। जबकि निचली और मध्यम पहाड़ियों पर कुछ जगहों पर बिजली कड़कने और तेज हवाएं (30-40 किमी प्रति घंटा) चलने की संभावना है। आज भी शिमला सहित अन्य भागों में माैसम खराब बना हुआ है।
जानें किस जिले के लिए काैन से दिन क्या अलर्ट
माैसम विभाग के अनुसार 10 और 11 अगस्त को मध्य पहाड़ियों और उनसे सटे निचले पहाड़ी इलाकों या मैदानी इलाकों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने की बहुत संभावना है। 8 अगस्त को कांगड़ा, सिरमौर, मंडी जिले के कुछ इलाकों में भारी बारिश होने का येलो अलर्ट है। वहीं 9 अगस्त को ऊना, कांगड़ा, सिरमौर व मंडी जिले में कुछ जगहों पर बारिश का येलो अलर्ट है। इसी तरह 10 अगस्त के लिए कांगड़ा, सिरमौर, कुल्लू और मंडी जिले में कुछ जगहों पर भारी बारिश होने का ऑरेंज अलर्ट है। जबकि ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, शिमला, सोलन व किन्नाैर जिले के लिए येलो अलर्ट है। 11 अगस्त को चंबा, मंडी, सिरमाैर व कुल्लू जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट है। वहीं ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, शिमला, सोलन व किन्नाैर के लिए येलो अलर्ट है। 12 व 13 जुलाई को भी कुछ भागों में येलो अलर्ट है।
पर्यटकों-स्थानीय लोगों के लिए जरूरी सलाह
कहां कितनी बारिश
बीते 24 घंटों के दाैरान धर्मशाला में 79.0, जोगिंद्रनगर 76.0, मंडी 63.4, कंडाघाट सोलन 63.2, जटाैन बैराज 62.0, मंडी एडब्ल्यूएस 61.4, शिमला 54.6, सुंदरनगर 22.7, नाहन 28.6, पालमपुर 37.0, मनाली 47.0, कुफरी 40.0, कसाैली 28.0, सराहन 40.7, मशोबरा 34.0 व बजाैरा में 28.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
162 सड़कें ठप, मानसून में अब तक 143 लोगों की गई जान
भारी बारिश-भूस्खलन से शुक्रवार शाम 6:00 बजे तक राज्य में 162 सड़कें ठप रहीं। इसके अलावा 105 बिजली ट्रांसफार्मर व 73 जल आपूर्ति स्कीमें भी प्रभावित हैं। उधर, राज्य में इस मानसून सीजन में 30 जून से 7 अगस्त तक 143 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। 226 लोग घायल हुए। 197 पालतु पशुओं का नुकसान हुआ। अब तक 83,467.45 लाख रुपये का नुकसान आंका गया है। 22 पक्के, 41 कच्चे मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए। जबकि 242 कच्चे-पक्के मकानों को आंशिक नुकसान हुआ है। 203 गोशालाएं भी तबाह हो गईं।
किन्नौर कैलाश यात्रा रोकी
खराब मौसम के कारण किन्नौर कैलाश यात्रा को भी एक दिन के लिए रोकना पड़ा है। शुक्रवार को किन्नौर कैलाश यात्रा के लिए आए श्रद्धालुओं को तंगलिंग बेस कैंप और गणेश बाग से आगे नहीं भेजा गया। मौसम सुधरने की स्थिति में शनिवार को 375 श्रद्धालुओं को यात्रा की अनुमति देने पर विचार होगा। 30 जुलाई से शुरू हुई यात्रा में अब तक करीब 1900 श्रद्धालु शामिल हो चुके हैं। 10 अगस्त तक चलने वाली यात्रा के लिए सभी ऑनलाइन स्लॉट पहले ही बुक हो चुके हैं। प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से प्रतिदिन अधिकतम 375 श्रद्धालुओं के प्रवेश की सीमा निर्धारित की है। मणिमहेश यात्रा 21 अगस्त से शुरू होनी है। यह यात्रा भी मौसम पर निर्भर करेगी। श्रीखंड यात्रा को पहले ही प्रशासन ने रोक दिया है। उधर, मंडी जिले के बरोट-घटासनी मार्ग पर गुराहला के पास पहाड़ी दरकने से शिमला से आए पर्यटकों की कार मलबे की चपेट में आ गई। चालक समेत दोनों पर्यटक समय रहते वाहन से बाहर निकल गए, जिससे बड़ा हादसा टल गया। कांगड़ा जिले में दिनभर बारिश और घनी धुंध का दौर जारी रहा। धर्मशाला-सुधेड़ मार्ग पर भूस्खलन के कारण सड़क के दो हिस्से बह गए, जिससे मार्ग वाहनों के लिए बंद करना पड़ा। खराब मौसम के चलते इंडिगो की चंडीगढ़-धर्मशाला उड़ान भी रद्द कर दी गई। राजधानी शिमला में शुक्रवार को बूंदाबांदी हुई।