Amar Ujala Ltd

09/12/2026 | Press release | Distributed by Public on 09/12/2026 11:58

अमेरिका: ट्रंप ने भारत के सोलर उत्पादों पर क्यों लगाया भारी शुल्क, क्या बढ़ेगी भारतीय कंपनियों की मुश्किल

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अमेरिका: ट्रंप ने भारत के सोलर उत्पादों पर क्यों लगाया भारी शुल्क, क्या बढ़ेगी भारतीय कंपनियों की मुश्किल?

Sat, 12 Sep 2026 10:00 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Sat, 12 Sep 2026 10:00 PM IST
सार

अमेरिका ने भारत, इंडोनेशिया और लाओस से आने वाले सोलर सेल और पैनल पर भारी एंटी-डंपिंग और काउंटरवेलिंग ड्यूटी तय कर दी है। भारत के उत्पादकों पर एंटी-डंपिंग शुल्क 123.04 प्रतिशत और काउंटरवेलिंग शुल्क 126.09 प्रतिशत तक रखा गया है। अमेरिका का आरोप है कि इन देशों के उत्पादकों को सरकारी मदद मिली और इससे अमेरिकी उद्योग को नुकसान हुआ। अब क्या यह फैसला भारत के सोलर कारोबार पर बड़ा असर डालेगा? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...

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भारत के सोलर कारोबार के लिए इसका क्या मतलब? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

अमेरिका ने भारत समेत तीन देशों से आने वाले सोलर सेल और पैनल पर भारी शुल्क तय कर दिया है। अमेरिका का कहना है कि इन देशों के उत्पादकों और निर्यातकों ने अनुचित सरकारी सब्सिडी का फायदा उठाया और अमेरिकी सोलर उद्योग को नुकसान पहुंचाया। यह फैसला क्रिस्टलाइन सिलिकॉन फोटोवोल्टिक सेल से जुड़ी एंटी-डंपिंग और काउंटरवेलिंग ड्यूटी की जांच के बाद आया है। भारत के लिए यह फैसला इसलिए अहम है क्योंकि अमेरिकी बाजार में भारतीय सोलर उत्पादों पर अब बहुत ऊंचा शुल्क लग सकता है।

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भारत और दूसरे देशों पर कितनी ड्यूटी तय की गई है?

  • भारत: एंटी-डंपिंग ड्यूटी 123.04 प्रतिशत और काउंटरवेलिंग ड्यूटी 126.09 प्रतिशत।
  • इंडोनेशिया: एंटी-डंपिंग ड्यूटी 94.36 प्रतिशत और काउंटरवेलिंग ड्यूटी 73.2 प्रतिशत से 173.7 प्रतिशत तक।
  • लाओस: एंटी-डंपिंग ड्यूटी 65.43 प्रतिशत और काउंटरवेलिंग ड्यूटी 82.03 प्रतिशत से 153.67 प्रतिशत तक तय की गई है।

ये दरें अमेरिका के वाणिज्य विभाग की शुक्रवार को जारी अंतिम सकारात्मक जांच के फैसले में तय की गई हैं।

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भारत के सोलर कारोबार के लिए इसका क्या मतलब?

  • अमेरिकी सोलर विनिर्माण और व्यापार से जुड़े गठबंधन ने दावा किया है कि भारत, इंडोनेशिया और लाओस के उत्पादकों ने अमेरिकी बाजार में सोलर उत्पाद अनुचित रूप से कम कीमत पर बेचे और ऐसी सरकारी सब्सिडी हासिल की, जिस पर कार्रवाई की जा सकती है।
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  • गठबंधन का कहना है कि इससे अमेरिका के घरेलू सोलर विनिर्माण उद्योग को वास्तविक नुकसान हुआ। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय व्यापार आयोग का अंतिम फैसला क्या आता है।
  • यदि फैसला सकारात्मक रहा और शुल्क आदेश जारी हुए, तो भारत से अमेरिका जाने वाले सोलर उत्पादों पर कारोबार की लागत बहुत बढ़ सकती है और भारतीय कंपनियों के लिए अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धा मुश्किल हो सकती है।

इस पूरे मामले की शुरुआत कैसे हुई?

अमेरिका में यह जांच एक याचिका के बाद शुरू हुई थी। अमेरिकी सोलर विनिर्माण और व्यापार से जुड़े एक गठबंधन ने आरोप लगाया था कि भारत में मुख्यालय वाली कंपनियों के साथ-साथ इंडोनेशिया और लाओस में काम करने वाले बड़े पैमाने पर चीनी स्वामित्व वाले निर्माताओं ने अनुचित व्यापार गतिविधियां की हैं। इसके बाद अमेरिका के वाणिज्य विभाग ने एंटी-डंपिंग और काउंटरवेलिंग ड्यूटी की जांच शुरू की। अमेरिका के आरोप के अनुसार इन देशों से सोलर उत्पाद कम कीमत पर अमेरिकी बाजार में पहुंच रहे थे और उत्पादकों को ऐसी सरकारी मदद मिली, जिस पर शुल्क लगाया जा सकता है।

क्या अभी से लागू हो जाएगा भारी शुल्क?

अभी इस मामले में एक और अहम फैसला होना बाकी है। अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय व्यापार आयोग अब यह जांच करेगा कि इन सब्सिडी वाले आयात से अमेरिकी सोलर उद्योग को वास्तव में नुकसान हुआ या नहीं। आयोग को अगले 45 दिनों में अंतिम फैसला करना है और उसकी अंतिम चोट संबंधी वोटिंग 14 अक्टूबर को होने की उम्मीद है। अगर आयोग का फैसला भी सकारात्मक रहा तो अमेरिका का वाणिज्य विभाग 2 नवंबर तक शुक्रवार को तय की गई दरों के आधार पर एंटी-डंपिंग और काउंटरवेलिंग ड्यूटी के आदेश जारी कर सकता है। अगर आयोग का फैसला नकारात्मक रहा तो पूरी जांच खत्म कर दी जाएगी।

Amar Ujala Ltd published this content on September 12, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on September 12, 2026 at 17:58 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]