08/28/2026 | Press release | Distributed by Public on 08/27/2026 21:28
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लॉगिन करेंभारत और कनाडा के बीच आर्थिक संबंधों में नया अध्याय जुड़ रहा है। नई दिल्ली में मार्च 2026 में दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों की बैठक की प्रतिबद्धताओं को आगे बढ़ाते हुए दोनों देशों के वित्त मंत्रियों के बीच पहली आर्थिक और वित्तीय वार्ता संपन्न हुई। बैठक के बाद भारत ने कनाडा के साथ जल्द से जल्द 'द्विपक्षीय निवेश संधि' (बीआईटी) पर बातचीत शुरू करने की इच्छा जताई है। यह रणनीतिक कदम निवेश संबंधों को मजबूत करेगा और वर्ष 2030 तक आपसी व्यापार को 70 अरब कनाडाई डॉलर यानी करीब 4.65 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त करेगा।
इस वार्ता का मुख्य ध्यान दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाना और निवेश को नई ऊंचाइयों पर ले जाना रहा। दोनों पक्षों ने वर्ष 2030 तक आपसी व्यापार को बढ़ाकर 70 अरब कनाडाई डॉलर (करीब 4.65 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंचाने के संकल्प को दोहराया है। यह महत्वपूर्ण कदम मार्च 2026 में नई दिल्ली में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई बैठक की प्रतिबद्धताओं पर आधारित है। दोनों पक्षों ने वर्ष 2026 के अंत तक 'कनाडा-भारत व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता' (सीईपीए) वार्ता को पूरा करने की प्रतिबद्धता जताई है।
वित्त मंत्रियों- निर्मला सीतारमण और फ्रांसिस-फिलिप शैम्पेन ने वैश्विक आर्थिक परिदृश्य और अपनी घरेलू नीतिगत प्राथमिकताओं पर चर्चा की। वार्ता में भारतीय बाजार में कनाडाई पेंशन फंडों की बड़ी मौजूदगी को रेखांकित किया गया और वित्तीय संस्थानों के बीच साझेदारी बढ़ाने पर बात हुई। दोनों पक्षों ने निवेशकों के लिए स्थिर और निश्चित घरेलू कर कानूनों की आवश्यकता को महत्वपूर्ण माना।
संवाद में भुगतान प्रणालियों के आधुनिकीकरण, वित्तीय स्थिरता, फिनटेक इनोवेशन और वित्तीय अपराधों से निपटने पर सहयोग की रूपरेखा तैयार की गई। इसमें सबसे बड़ा कदम कनाडा में भारत के 'यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस' (यूपीआई) के विस्तार का स्वागत करना है। इसके लिए स्थानीय भुगतान सेवा प्रदाताओं के साथ साझेदारी की जाएगी, जिससे सीमा पार प्रेषण (रेमिटेंस) तेज और सस्ता होगा। इसका लाभ दोनों देशों के बीच पर्यटन, शिक्षा, व्यापार और छोटे व मध्यम स्तर के उद्यमों (एमएसएमई) को मिलेगा।
वर्ष 2025-26 में भारत-कनाडा द्विपक्षीय वस्तु व्यापार लगभग 8 अरब अमेरिकी डॉलर का रहा है, जिसमें भारत का निर्यात 4.67 अरब डॉलर और आयात 3.28 अरब डॉलर था। इसे देखते हुए 2030 तक इसे 4.65 लाख करोड़ रुपये तक ले जाने का लक्ष्य बेहद महत्वाकांक्षी है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस यात्रा के दौरान कनाडाई कंपनियों के साथ ऊर्जा, एआई और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में चर्चा कर रही हैं। इस साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए अगली आर्थिक और वित्तीय वार्ता वर्ष 2027 में आयोजित की जाएगी, जहां इसकी प्रगति की समीक्षा होगी।