Amar Ujala Ltd

08/28/2026 | Press release | Distributed by Public on 08/27/2026 21:28

भारत-कनाडा बातचीत: द्विपक्षीय निवेश संधि पर वार्ता को हरी झंडी, 2030 तक ₹4.65 लाख करोड़ के कारोबार का लक्ष्य

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भारत-कनाडा बातचीत: द्विपक्षीय निवेश संधि पर वार्ता को हरी झंडी, 2030 तक ₹4.65 लाख करोड़ के कारोबार का लक्ष्य

Fri, 28 Aug 2026 08:13 AM IST
कुमार विवेक बिजनेस न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Fri, 28 Aug 2026 08:13 AM IST
सार

भारत और कनाडा के बीच ₹4.65 लाख करोड़ के व्यापार लक्ष्य और द्विपक्षीय निवेश संधि (बीआईटी) पर होने जा रही बड़ी प्रगति के बारे में विस्तार से जानें। पूरी आर्थिक कहानी पढ़ें।

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भारत-कनाडा आर्थिक संबंध - फोटो : amarujala.com
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विस्तार

भारत और कनाडा के बीच आर्थिक संबंधों में नया अध्याय जुड़ रहा है। नई दिल्ली में मार्च 2026 में दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों की बैठक की प्रतिबद्धताओं को आगे बढ़ाते हुए दोनों देशों के वित्त मंत्रियों के बीच पहली आर्थिक और वित्तीय वार्ता संपन्न हुई। बैठक के बाद भारत ने कनाडा के साथ जल्द से जल्द 'द्विपक्षीय निवेश संधि' (बीआईटी) पर बातचीत शुरू करने की इच्छा जताई है। यह रणनीतिक कदम निवेश संबंधों को मजबूत करेगा और वर्ष 2030 तक आपसी व्यापार को 70 अरब कनाडाई डॉलर यानी करीब 4.65 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त करेगा।

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द्विपक्षीय निवेश संधि (बीआईटी) और नया व्यापार लक्ष्य क्या है?

इस वार्ता का मुख्य ध्यान दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाना और निवेश को नई ऊंचाइयों पर ले जाना रहा। दोनों पक्षों ने वर्ष 2030 तक आपसी व्यापार को बढ़ाकर 70 अरब कनाडाई डॉलर (करीब 4.65 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंचाने के संकल्प को दोहराया है। यह महत्वपूर्ण कदम मार्च 2026 में नई दिल्ली में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई बैठक की प्रतिबद्धताओं पर आधारित है। दोनों पक्षों ने वर्ष 2026 के अंत तक 'कनाडा-भारत व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता' (सीईपीए) वार्ता को पूरा करने की प्रतिबद्धता जताई है।

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इस बातचीत में किन महत्वपूर्ण मुद्दों पर सबसे ज्यादा जोर दिया गया?

वित्त मंत्रियों- निर्मला सीतारमण और फ्रांसिस-फिलिप शैम्पेन ने वैश्विक आर्थिक परिदृश्य और अपनी घरेलू नीतिगत प्राथमिकताओं पर चर्चा की। वार्ता में भारतीय बाजार में कनाडाई पेंशन फंडों की बड़ी मौजूदगी को रेखांकित किया गया और वित्तीय संस्थानों के बीच साझेदारी बढ़ाने पर बात हुई। दोनों पक्षों ने निवेशकों के लिए स्थिर और निश्चित घरेलू कर कानूनों की आवश्यकता को महत्वपूर्ण माना।

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वार्ता के दौरान रणनीतिक क्षेत्रों और उनके प्रभावों पर विशेष ध्यान दिया गया:

  • निवेश और पेंशन फंड: भारतीय बाजार में कनाडाई पेंशन फंडों की भागीदारी को और बढ़ावा दिया जाएगा।
  • क्रिटिकल मिनरल्स: महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाकर आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत किया जाएगा।
  • डिजिटल पेमेंट (यूपीआई): कनाडा में भारतीय यूपीआई के विस्तार से सीमा पार भुगतान और व्यापार बेहद आसान होगा।
  • तकनीक और ऊर्जा: ऊर्जा, एआई (एआई) और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में साझेदारी के अवसर तलाशे जाएंगे।

वित्तीय क्षेत्र और डिजिटल पेमेंट के लिए क्या है नई योजना?

संवाद में भुगतान प्रणालियों के आधुनिकीकरण, वित्तीय स्थिरता, फिनटेक इनोवेशन और वित्तीय अपराधों से निपटने पर सहयोग की रूपरेखा तैयार की गई। इसमें सबसे बड़ा कदम कनाडा में भारत के 'यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस' (यूपीआई) के विस्तार का स्वागत करना है। इसके लिए स्थानीय भुगतान सेवा प्रदाताओं के साथ साझेदारी की जाएगी, जिससे सीमा पार प्रेषण (रेमिटेंस) तेज और सस्ता होगा। इसका लाभ दोनों देशों के बीच पर्यटन, शिक्षा, व्यापार और छोटे व मध्यम स्तर के उद्यमों (एमएसएमई) को मिलेगा।

द्विपक्षीय व्यापार की वर्तमान स्थिति क्या है और आगे क्या होगा?

वर्ष 2025-26 में भारत-कनाडा द्विपक्षीय वस्तु व्यापार लगभग 8 अरब अमेरिकी डॉलर का रहा है, जिसमें भारत का निर्यात 4.67 अरब डॉलर और आयात 3.28 अरब डॉलर था। इसे देखते हुए 2030 तक इसे 4.65 लाख करोड़ रुपये तक ले जाने का लक्ष्य बेहद महत्वाकांक्षी है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस यात्रा के दौरान कनाडाई कंपनियों के साथ ऊर्जा, एआई और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में चर्चा कर रही हैं। इस साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए अगली आर्थिक और वित्तीय वार्ता वर्ष 2027 में आयोजित की जाएगी, जहां इसकी प्रगति की समीक्षा होगी।

Amar Ujala Ltd published this content on August 28, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on August 28, 2026 at 03:28 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]