Ministry of Heavy Industries of the Republic of India

05/02/2026 | Press release | Distributed by Public on 05/02/2026 09:47

सैनिकों के अद्वितीय शौर्य और पराक्रम ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को भारत के सैन्य इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में स्थापित कर दिया: ‘शौर्य’ कार्यक्रम में रक्षा मंत्री

रक्षा मंत्रालय

सैनिकों के अद्वितीय शौर्य और पराक्रम ने 'ऑपरेशन सिंदूर' को भारत के सैन्य इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में स्थापित कर दिया: 'शौर्य' कार्यक्रम में रक्षा मंत्री

प्रविष्टि तिथि: 02 MAY 2026 8:23PM by PIB Delhi

रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने भारतीय सशस्त्र बलों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनके अद्वितीय शौर्य, पराक्रम और अदम्य साहस ने 'ऑपरेशन सिंदूर' को भारत के सैन्य इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार आतंकवाद के समूल उन्मूलन के लिए निर्णायक कार्रवाई करने के अपने अटूट संकल्प पर दृढ़ता से कायम है। श्री राजनाथ सिंह 02 मई, 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 'शौर्य' कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे, जिसका आयोजन 'ऑपरेशन सिंदूर' की पहली वर्षगांठ के अवसर पर किया गया।

रक्षा मंत्री ने सैनिकों की बहादुरी, समर्पण और राष्ट्रभक्ति की सराहना करते हुए कहा कि 'राष्ट्र प्रथम' व 'स्वयं से पहले सेवा' का उनका मूल मंत्र प्राचीन काल से लेकर 'ऑपरेशन सिंदूर' जैसे आधुनिक अभियानों तक भारत की सैन्य परंपराओं की पहचान रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों का साहस केवल युद्धक्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि वे देश-विदेश में प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सबसे पहले राहत एवं बचाव कार्यों के लिए पहुंचते हैं और मानवीय सहायता उपलब्ध कराते हैं। रक्षा मंत्री ने कहा, "हमारे सैनिक अपने देशवासियों की सुरक्षा के लिए हथियार उठाते हैं और संकट की घड़ी में ज़रूरतमंदों तक भोजन, दवाइयां तथा अन्य आवश्यक सहायता पहुंचाते हैं। यही हमारे रक्षा बलों की सबसे बड़ी विशेषता और गौरव है।"

यह कार्यक्रम कला एवं शौर्य का एक अद्वितीय संगम बना, जिसमें रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, सैकड़ों जवान व पद्म श्री से सम्मानित श्री अनूप जलोटा, श्री कैलाश खेर, श्रीमती हर्षदीप कौर और श्री मनोज मुंतशिर जैसे प्रतिष्ठित कलाकार उपस्थित रहे। श्री राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि शौर्य और कला को अक्सर एक-दूसरे के विपरीत माना जाता है, जबकि वास्तविकता में दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने कहा कि शौर्य एवं कला, दोनों ही मानवीय संवेदनाओं, भावनाओं और संकल्प की सशक्त अभिव्यक्तियां हैं।

रक्षा मंत्री ने कहा कि सैन्य बैंड के मार्चिंग गीत सैनिकों में एकता, अनुशासन और सामूहिक भावना का संचार करते हैं। उन्होंने बताया कि संगीत व्यक्तिगत पहचान को सामूहिक शक्ति में परिवर्तित करने का माध्यम बनता है। रक्षा मंत्री ने कहा कि यह भावना भारतीय सशस्त्र बलों की संस्कृति, परंपराओं और कार्यशैली में गहराई से समाहित है।

चीफ ऑफ डिफ़ेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, चीफ ऑफ द एयर स्टाफ एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और वाइस चीफ ऑफ द आर्मी स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

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पीके/केसी/एनके /डीए


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