04/01/2026 | Press release | Distributed by Public on 04/01/2026 04:56
सूचना और प्रसारण मंत्रालय के पत्र सूचना कार्यालय के अंतर्गत एक फैक्ट चेक यूनिट (एफसीयू) कार्यरत है। एफसीयू केंद्र सरकार से संबंधित फर्जी खबरों और गलत सूचनाओं की पहचान करती है। अधिकृत स्रोतों से समाचारों की प्रामाणिकता की पुष्टि करने के बाद, एफसीयू अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सही जानकारी प्रकाशित करती है। इसके अतिरिक्त, यह नागरिकों को संदिग्ध सामग्री की पुष्टि के लिए रिपोर्ट करने के लिए प्रोत्साहित करती है, जिससे गलत सूचनाओं से निपटने में जनभागीदारी मजबूत होती है।
एफसीयू ने भारत सरकार से संबंधित कई फर्जी दावों की पहचान की है, जिनमें डीपफेक, एआई-जनरेटेड और भ्रामक वीडियो, नोटिफिकेशन, पत्र और वेबसाइट शामिल हैं। अब तक कुल 2913 फैक्ट-चेक प्रकाशित किए जा चुके हैं। सभी फैक्ट-चेक पीआईबी फैक्ट चेक के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, जैसे कि एक्स, फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम, थ्रेड्स और व्हाट्सएप चैनल पर उपलब्ध हैं।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, पीआईबी फैक्ट चेक यूनिट ने ऑनलाइन प्रसारित हो रही गलत सूचनाओं और भारत विरोधी बयानों की सक्रिय रूप से पहचान की। इसने झूठे दावों से संबंधित तथ्यों की जांच करने, प्रामाणिक जानकारी प्रदान करने और सटीक सार्वजनिक संवाद सुनिश्चित करने के लिए तुरंत कार्रवाई की, जिससे भ्रामक और भारत विरोधी बयानों के प्रसार को रोकने में मदद मिली। मंत्रालय ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान डिजिटल मीडिया पर 1,400 से अधिक ऐसे यूआरएल को ब्लॉक करने के निर्देश भी जारी किए।
डिजिटल मीडिया पर समाचार और समसामयिक मामलों के प्रकाशकों और ऑनलाइन क्यूरेटेड सामग्री के प्रकाशकों के लिए, सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियमावली, 2021 (आईटी नियमावली, 2021) एक आचार संहिता के साथ-साथ ऐसे प्रकाशकों द्वारा आचार संहिता के उल्लंघन से संबंधित शिकायतों के निवारण के लिए तीन स्तरीय संस्थागत प्रणाली का प्रावधान करता है।
सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने आज लोकसभा में श्री वी.के. श्रीकंदन के एक तारांकित प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी।
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