विस्तार
गुरुग्राम का एक पेंटहाउस सुर्खियों में रहा। इसे एक उद्यमी ने 271 करोड़ रुपये खरीदा है। इसे किसी एक आवासीय यूनिट की भारत की सबसे बड़ी डील में से एक माना जा रहा है। पेंटहाउस खरीदने वाले मानव सरदाना एक उद्यमी हैं। इस तरह की डील का ये पहला मामला नहीं है। देश में कई ऐसे अपार्टमेंट और बंगले खरीदे हैं, जिनकी शुरुआती कीमत ही 50 करोड़ से होते हुए 1000 करोड़ तक रही है।
विज्ञापन
आइये जानते हैं ऐसे ही कुछ महंगे घरों की खरीद और इस तरह के घरों को खरीदने वालों के बारे में...
1. मोतीलाल नेहरू मार्ग बंगला (दिल्ली): तकरीबन 1,100 करोड़ रुपये
खरीदार और समय: इस ऐतिहासिक बंगले को घरेलू पेय उद्योग के एक प्रमुख व्यवसायी की तरफ से सितंबर 2025 में खरीदने की प्रक्रिया शुरू की गई (यह सौदा अपने अंतिम जांच/ड्यू डिलिजेंस चरण में है)। इसे राजस्थान के एक पूर्व शाही परिवार की सदस्य राजकुमारी कक्कर और बीना रानी से खरीदा जा रहा है।
विज्ञापन
क्यों अहम: यह भारत के इतिहास का सबसे महंगा आवासीय सौदा माना जा रहा है। यह 3.7 एकड़ में फैला है, जिसमें 24,000 वर्ग फीट का बिल्ट-अप एरिया है। सबसे खास बात यह है कि यह देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का पहला आधिकारिक दिल्ली आवास था। लुटियंस बंगला जोन (एलबीजेड) में स्थित यह बंगला अपनी जबरदस्त सीमित आपूर्ति और भौगोलिक उपस्थिति की वजह से बेहद प्रतिष्ठित है।
2. नमन जाना वर्ली डुप्लेक्स (मुंबई): 639 करोड़ रुपये
खरीदार और समय: फार्मास्युटिकल कंपनी यूएसवी की चेयरपर्सन लीना गांधी तिवारी ने मई 2025 में इसे खरीदा।
क्यों अहम: इन्होंने नमन जाना हाई-राइज बिल्डिंग में दो सी-फेसिंग डुप्लेक्स अपार्टमेंट खरीदे। करीब 639 करोड़ रुपये इन डुप्लेक्स की कीमत स्टांप ड्यूटी और जीएसटी मिलाकर कुल लागत 703 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। यह साल 2025 का सबसे बड़ा आवासीय सौदा था, जिसे प्रति वर्ग फीट 2.83 लाख रुपये की रिकॉर्ड दर पर खरीदा गया, जो भारतीय रियल एस्टेट बाजार में अब तक की सबसे ऊंची दर है।
2025 की पांच सबसे महंगी प्रॉपर्टी डील। - फोटो : अमर उजाला
3. पैलेस रॉयल फ्लैट्स (मुंबई): 405 करोड़ रुपये
खरीदार और समय: फुटवियर रिटेलर मेट्रो ब्रांड्स के प्रमोटर परिवार (फराह भजनी, शबीना मलिक हादी, जारा मलिक, अलीशा रफीक मलिक और जिया मलिक लालजी) ने दिसंबर 2024 और जनवरी 2025 के बीच इसे लेकर डील की थी।
क्यों अहम: यह साल 2024 की सबसे बड़ी डील थी, जिसने 2023 की तुलना में 31% की बढ़त दर्ज की। यह संपत्ति कुल 38,390 वर्ग फीट के कारपेट एरिया में फैली हुई है और मुंबई की सबसे ऊंची एवं लंबे समय से लंबित इमारतों में से एक पैलेस रॉयल में स्थित है। प्रमोटर्स ने अपनी कंपनी में हिस्सेदारी बेचकर यह राशि निवेश की थी।
विज्ञापन
4. शिव सागर (वर्ली मुंबई): 400+ करोड़ रुपये
खरीदार और समय: कोटक महिंद्रा बैंक के पूर्व चेयरमैन उदय कोटक का परिवार, जिसमें उनकी पत्नी पल्लवी, बेटे जय और धवल, और माता-पिता सुरेश व इंदिरा शामिल हैं, ने इसे 2025 में खरीदा।
क्यों अहम: कोटक परिवार ने इस प्रोजेक्ट की सभी 22 यूनिट्स (7,418 वर्ग फीट) को एक साथ खरीद लिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस पूरी बिल्डिंग का पुनर्विकास किया जाएगा। इस सौदे ने मुंबई में 2.75 लाख रुपये प्रति वर्ग फीट का एक अभूतपूर्व रेट रिकॉर्ड किया।
5. डीएलएफ द डहलियाज अपार्टमेंट्स (गुरुग्राम): 380 करोड़ रुपये
खरीदार और समय: दिल्ली-एनसीआर के एक व्यापारिक परिवार, जो लगभग एक शताब्दी से कई उद्योग चला रहा है, ने अक्तूबर 2025 के पहले सप्ताह में इसे खरीदा।
क्यों अहम: यह निर्माणाधीन हाई-राइज प्रोजेक्ट्स में भारत का सबसे महंगा सौदा था। खरीदार ने चार अलग-अलग अपार्टमेंट्स खरीदे हैं, जिनकी बीच की दीवार को हटाकर लगभग 35,000 वर्ग फीट का एक विशाल आशियाना बनाया जाएगा। इंटीरियर और रजिस्ट्रेशन के बाद इस डील की कुल लागत 500 करोड़ रुपये से ज्यादा होने का अनुमान है।
गुरुग्राम के इसी प्रोजेक्ट में 2026 में कारोबारी मानव सरदाना ने भी 271 करोड़ रुपये का पेंटहाउस खरीदकर रिकॉर्ड बनाया है। इसी डील की इस वक्त चर्चा है। इस पेंटहाउस का कारपेट एरिया करीब 10,500 वर्गफुट है। इस हिसाब से इसकी कीमत करीब 2.6 लाख रुपये प्रति वर्गफुट बैठती है।
ये भी पढ़ें: ₹271 करोड़ का बिका पेंटहाउस: कौन हैं मानव सरदाना? जिन्होंने खरीदा सबसे महंगा घर, देश की सबसे महंगी डील का दावा
2026 की पांच सबसे महंगी प्रॉपर्टी डील। - फोटो : अमर उजाला
6. लोढ़ा मालाबार ट्रिप्लेक्स (मुंबई): 369 करोड़ रुपये
खरीदार और समय: गर्भनिरोधक दवाएं और उत्पाद बनाने वाली कंपनी फैमी केयर के संस्थापक जेपी. टापरिया के परिवार ने मार्च 2023 में इसे खरीदा।
क्यों अहम: यह मालाबार हिल में स्थित एक भव्य और बड़े क्षेत्र में फैला सी-व्यू ट्रिप्लेक्स अपार्टमेंट है। कुल 27,160 वर्ग फीट में फैला यह ट्रिप्लेक्स उस समय (मार्च 2023) भारत के इतिहास का सबसे महंगा अपार्टमेंट सौदा बन गया था, जिसकी प्रति वर्ग फीट दर 1.36 लाख रुपये थी। इसके पंजीकरण के लिए परिवार ने 19.07 करोड़ की स्टांप ड्यूटी चुकाई थी।
7. लोढा मालाबार पेंटहाउस, मालाबार हिल (मुंबई): 252.5 करोड़ रुपये
खरीदार और समय: इस भव्य सी-फेसिंग (समुद्र की तरफ मुख वाले) आशियाने को बजाज ऑटो के चेयरमैन नीरज बजाज ने मार्च 2023 में मैक्रोच डेवलपर्स (लोढा ग्रुप) से खरीदा था। इस समझौते का पंजीकरण 13 मार्च 2023 को हुआ था।
क्यों अहम: यह देश के सबसे महंगे पेंटहाउस सौदों में से एक रहा है। 31-मंजिला भव्य टावर लोढा मालाबार में स्थित इस घर को तीन अपार्टमेंट्स को मिलाकर तैयार किया गया है। इसका कुल क्षेत्रफल 18,008 वर्ग फीट (कारपेट एरिया 12,624 वर्ग फीट) है और इसके साथ आठ कार पार्किंग स्लॉट दिए गए हैं। इसके पंजीकरण के लिए उन्होंने 15.15 करोड़ रुपये की स्टांप ड्यूटी चुकाई थी। यह संपत्ति मालाबार हिल के प्रतिष्ठित वॉकेश्वर रोड पर स्थित है, जो अरब सागर और हैंगिंग गार्डन्स दोनों को छूती है।
इस सौदे की एक और खास बात यह थी कि इसके महज 15 दिन बाद ही जेपी. टापरिया परिवार ने इसी टावर में 369 करोड़ रुपये का भारत का सबसे महंगा अपार्टमेंट खरीदा था।
8. थ्री सिक्सटी वेस्ट पेंटहाउस, (वर्ली, मुंबई): 230-240 करोड़ रुपये
खरीदार और समय: वेलस्पन ग्रुप के चेयरमैन बीके. गोयनका ने फरवरी 2023 में इस भव्य संपत्ति को अपने नाम किया था।
क्यों अहम: यह आलीशान ट्रिप्लेक्स पेंटहाउस वर्ली के बेहद प्रीमियम थ्री सिक्सटी वेस्ट प्रोजेक्ट के टॉवर बी में 63वीं, 64वीं और 65वीं मंजिल पर स्थित है, जो करीब 30,000 वर्ग फीट (कारपेट एरिया 29,885 वर्ग फीट) के विशाल क्षेत्र में फैला हुआ है। इस घर में 4,815 वर्ग फीट का निजी खुली छत और 14 कार पार्किंग स्पेस दिए गए हैं। इस डील को पूरा करने के लिए उन्होंने 13.83 करोड़ रुपये की स्टांप ड्यूटी का भुगतान किया था।
यह सौदा इसलिए भी ऐतिहासिक था क्योंकि यह उसी प्रोजेक्ट में हुआ था, जहां अरबपति राधाकिशन दमानी के परिवार और उनके सहयोगियों ने 1,238 करोड़ में एक साथ 28 अपार्टमेंट खरीदे थे। इसके साथ ही अप्रैल 2023 से आयकर की धारा 54 के तहत निवेश योग्य कैपिटल गेन्स (पूंजीगत लाभ) की सीमा 10 करोड़ रुपये तक सीमित होने के सरकारी फैसले से ठीक पहले बंद किए गए ऐतिहासिक सौदों में यह प्रमुख था।