09/28/2026 | Press release | Distributed by Public on 09/27/2026 23:15
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सोमवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी बुरी तरह गिरे। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं बाजार पर हावी रहीं। एशियाई बाजारों में कमजोर रुख ने भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।
विदेशी पूंजी की निकासी ने भी शुरुआती कारोबार के दौरान निवेशकों के मनोबल को चोट पहुंचाई। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 730 अंक गिरकर 73,170.12 पर आ गया। वहीं, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 231.50 अंक टूटकर 22,908.95 पर पहुंच गया।
बाजार में इस बड़ी गिरावट के पीछे कई कारण रहे। कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल एक प्रमुख वजह है। भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं ने भी निवेशकों को चिंतित किया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के संघर्ष-समाधान प्रस्ताव को अस्वीकार करने से चिंताएं बढ़ी हैं। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को फिर से खोलने के प्रस्ताव की अस्वीकृति ने आपूर्ति में लंबे समय तक व्यवधान की आशंका जताई है। इससे तेल की कीमतें वैश्विक बाजारों के लिए एक प्रमुख कारक बन गई हैं।
सेंसेक्स की सभी 30 कंपनियां गिरावट के साथ कारोबार कर रही थीं। बजाज फाइनेंस, कोटक महिंद्रा बैंक, एचडीएफसी बैंक, बजाज फिनसर्व, हिंदुस्तान यूनिलीवर, महिंद्रा एंड महिंद्रा, लार्सन एंड टुब्रो और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स प्रमुख पिछड़ने वाले शेयरों में शामिल थे। इन कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 2.27 फीसदी की तेजी के साथ 106.7 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
एशियाई बाजारों में भी मिलाजुला रुख देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225 सूचकांक और शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। हालांकि, हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक तेजी के साथ कारोबार कर रहा था।