03/12/2026 | Press release | Distributed by Public on 03/12/2026 05:48
देश भर में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की देखरेख और रखरखाव में 3,686 केंद्रीय संरक्षित स्मारक/स्थल हैं। इन स्मारकों/स्थलों के संरक्षण और देखभाल का कार्य एक सतत प्रक्रिया है और इसे आवश्यकता और संसाधनों की उपलब्धता के अनुसार 'राष्ट्रीय संरक्षण नीति' के तहत किया जाता है। एएसआई के अधिकारियों द्वारा समय-समय पर इन सभी स्मारकों/स्थलों का नियमित निरीक्षण किया जाता है ताकि उनकी स्थिति की समीक्षा की जा सके और उसी के अनुसार संरक्षण, मरम्मत और रखरखाव के कार्य किए जा सकें। सभी स्मारक/स्थल वर्तमान में संरक्षण की अच्छी स्थिति में हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा राष्ट्रीय महत्व के संरक्षित स्मारकों के लिए 'अडॉप्ट ए हेरिटेज 2.0' कार्यक्रम शुरू किया गया है, ताकि निजी/सार्वजनिक क्षेत्रों और गैर-सरकारी संगठनों के सहयोग से स्मारकों पर बेहतर सुविधाएं विकसित कर पर्यटकों के अनुभव को सुखद बनाया जा सके। इस कार्यक्रम के तहत हितधारकों की भूमिका केवल गैर-संरक्षण कार्यों तक सीमित है, जैसे कि एएसआई के मार्गदर्शन में परिसर की सफाई, पेयजल, शौचालय, बेंच, प्रकाश व्यवस्था और 'प्रकाश एवं ध्वनि शो' जैसी बुनियादी सुविधाएं प्रदान करना, जिसके अंतर्गत अब तक कुल 30 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण स्मारकों/स्थलों की आवश्यकता और संसाधनों की उपलब्धता के अनुसार केंद्रीय रूप से संरक्षित स्मारकों/स्थलों के संरक्षण और मरम्मत का कार्य करता है। एएसआई के अधिकार क्षेत्र में ऐसा कोई भी स्मारक नहीं है जो जर्जर या खराब स्थिति में हो।
यह जानकारी केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
पीके/केसी/एसके