Amar Ujala Ltd

09/17/2026 | Press release | Distributed by Public on 09/16/2026 17:14

यूपीआई पर एमडीआर शुल्क से बदलाव की उम्मीद: कुछ शेयरों में बड़ी कमाई का मौका संभव, क्या होगा बाजार पर असर

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यूपीआई पर एमडीआर शुल्क से बदलाव की उम्मीद: कुछ शेयरों में बड़ी कमाई का मौका संभव, क्या होगा बाजार पर असर?

Thu, 17 Sep 2026 03:57 AM IST
देवेश त्रिपाठी बोनस डेस्क, नई दिल्ली
बोनस डेस्क, नई दिल्ली Published by: देवेश त्रिपाठी Updated Thu, 17 Sep 2026 03:57 AM IST
सार

यूपीआई लेनदेन पर मर्चेंट शुल्क की नई व्यवस्था ने भुगतान उद्योग और शेयर बाजार में निवेशकों का ध्यान खींचा है। विशेषज्ञों के मुताबिक शुल्क से भुगतान सेवा देने वाले बैंक, फिनटेक कंपनियां और पेमेंट एग्रीगेटर अतिरिक्त आमदनी हासिल कर सकते हैं। इसी उम्मीद के बीच वन97 कम्युनिकेशंस के शेयर में बुधवार को तेज उछाल आया और भाव 52 हफ्ते के उच्च स्तर पर पहुंच गया।

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यूपीआई पर एमडीआर शुल्क - फोटो : अमर उजाला प्रिंट
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विस्तार

डिजिटल भुगतान की रीढ़ बन चुके यूपीआई के नियमों में हुए हालिया बदलावों ने शेयर बाजार में हलचल तेज कर दी है। सरकार द्वारा 2,000 रुपये से अधिक के मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4 फीसदी तक का मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) ढांचा लाने के बाद यह बहस छिड़ गई है कि इसका फायदा किस सेक्टर को मिलेगा। आम आदमी की जेब को सुरक्षित रखते हुए इस बदलाव का सीधा असर वित्तीय संस्थानों और भुगतान सेवा प्रदाता कंपनियों के मुनाफे पर भी पड़ने वाला है।
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एआर वेल्थ रिसर्च के संस्थापक पार्टनर लोकेश सेठिया के अनुसार, यूपीआई के नए राजस्व शेयरिंग फॉर्मूले में सेवा देने वाले बैंक और मर्चेंट की भूमिका अहम होगी। इस मोर्चे पर पेटीएम, यस बैंक व पाइन लैब्स जैसे कंपनियों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। भले ही शुरुआत में असर छोटा लगे, लेकिन लंबी अवधि में लेनदेन वॉल्यूम का बड़ा हिस्सा संभालने वाले बैंकों के लिए यह आय का एक नया स्रोत बनेगा, जिससे उनके परिचालन लाभ (पीबीटी/पीएटी) में 5 से 10% तक की बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।
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क्यों दी जा रही है खरीद की सलाह?
विशेषज्ञों का मानना है कि अब तक यूपीआई का पूरा सिस्टम बिना किसी मर्चेंट शुल्क के चल रहा था, जिसका पूरा बोझ बैंक और सरकार उठा रहे थे। लेनदेन की संख्या अरबों में पहुंचने के बाद सर्वर, साइबर सुरक्षा और तकनीकी रखरखाव के लिए एक स्थायी राजस्व मॉडल की जरूरत थी। अब चूंकि नियम साफ हो चुके हैं और बड़े मर्चेंट लेनदेन पर शुल्क का रास्ता खुल गया है, इससे उन बैंकों और फिनटेक कंपनियों की वित्तीय सेहत सुधरेगी जो इस नेटवर्क को चला रहे हैं। बाजार के उतार-चढ़ाव और वैश्विक संकेतों को देखते हुए किसी शेयर में बड़ा निवेश करने के बजाय गिरावट पर धीरे-धीरे खरीदारी की रणनीति अपनानी चाहिए।
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पेटीएम का शेयर 52 हफ्ते के शिखर पर
डिजिटल भुगतान कंपनी पेटीएम की मूल कंपनी वन 97 कम्युनिकेशंस के शेयरों में बुधवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। यूपीआई व्यापारी भुगतान पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट लागू करने की घोषणा के बाद कंपनी के शेयर 7 प्रतिशत से अधिक चढ़कर 52 हफ्तों के नए उच्च स्तर पर पहुंच गए। कारोबार के दौरान शेयर 7.2 फीसदी उछलकर 1,856.50 रुपये तक पहुंच गया। यह मार्च 2026 में बने 52 सप्ताह के निचले स्तर 947.10 रुपये से करीब 96 प्रतिशत अधिक है।

ब्रोकरेज हाउस पेटीएम और पाइन लैब्स को लेकर अधिक आशावादी हो गए हैं। उनका मानना है कि इससे भुगतान कंपनियों के लिए एक नया राजस्व स्रोत खुलेगा, जिससे भविष्य की कमाई में सुधार होगा। इसी उम्मीद में निवेशकों ने पेटीएम शेयरों में जमकर खरीदारी की। हालांकि पाइन लैब्स के शेयरों में कुछ मुनाफावसूली देखने को मिली, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि उसके लिए भी लंबी अवधि में सकारात्मक असर पड़ सकता है।

फिनटेक कंपनियों की चमकेगी किस्मत
सेबी रजिस्टर्ड रिसर्च एनालिस्ट मुदित गोयल कहते हैं, फिनटेक सेक्टर से जुड़े शेयरों, विशेषकर पेटीएम को लेकर बाजार में सकारात्मक रुख देखने को मिल रहा है। कंपनी की तरफ से भी यह संकेत दिए गए हैं कि मर्चेंट बिजनेस से उन्हें अतिरिक्त राजस्व मिलने की संभावना है। मर्चेंट सर्विस देने वाली अन्य कंपनियों के लिए भी बिजनेस मॉडल अब ज्यादा मजबूत और टिकाऊ हो गया है। करेक्शन के दौर में ऐसे शेयरों में रणनीतिक निवेश का मौका देखा जा सकता है।

पेमेंट एग्रीगेटर्स को होगा लाभ
सेबी रजिस्टर्ड रिसर्च एनालिस्ट राजेश शर्मा के मुताबिक, उन कंपनियों को सबसे बड़ा फायदा मिलेगा जो पॉइंट-ऑफ-सेल और क्यूआर इकोसिस्टम को संभालती हैं। जेफरीज और बर्नस्टीन जैसी ब्रोकरेज फर्मों का अनुमान है कि इससे पेमेंट इंडस्ट्री के लिए सालाना 22,000 करोड़ रुपये तक का नया राजस्व पूल तैयार हो सकता है। इस क्षेत्र की कंपनियों का भविष्य बेहतर नजर आ रहा है।
Amar Ujala Ltd published this content on September 17, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on September 16, 2026 at 23:14 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]