08/18/2026 | Press release | Distributed by Public on 08/18/2026 04:58
Link Copied
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
यह खबर एप पर पढ़ें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लॉगिन करेंटाटा संस की वार्षिक आम बैठक (एजीएम) कोरम की कमी के कारण रद्द कर दी गई है। एनडीटीवी प्रॉफिट ने सूत्रों के हवाले से बताया है सर रतन टाटा ट्रस्ट से जुड़ी एक पाबंदी के कारण एजीएम को रद्द करना पड़ा है। यह एजीएम ऐसे समय में बुलाई गई थी जब टाटा संस के अध्यक्ष एन चंद्रशेखरन ने धारक कंपनी के प्रमुख के रूप में एक और कार्यकाल न लेने का निर्णय लिया है। उनके इस निर्णय से उत्तराधिकारी की पहचान की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिसकी शुरुआत सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट ने की है।
टाटा संस की वार्षिक आम बैठक कोरम की कमी के कारण रद्द हुई। सूत्रों के अनुसार, यह सर रतन टाटा ट्रस्ट से जुड़ी एक पाबंदी के कारण हुआ। कोरम की कमी का मतलब है कि बैठक के लिए आवश्यक न्यूनतम सदस्यों की उपस्थिति नहीं थी। यह घटनाक्रम कंपनी के भीतर चल रहे बड़े बदलावों के बीच आया है। बैठक का रद्द होना कंपनी के लिए एक अप्रत्याशित स्थिति पैदा करता है।
टाटा संस के वर्तमान अध्यक्ष एन चंद्रशेखरन ने अपना कार्यकाल आगे न बढ़ाने का फैसला किया है। उनके इस निर्णय के बाद से ही नए अध्यक्ष की तलाश शुरू हो गई है। सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट ने इस उत्तराधिकारी की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी है। टाटा ट्रस्ट्स, जो टाटा संस में बड़ी हिस्सेदारी रखते हैं, इस चयन प्रक्रिया में प्रभावशाली रहेंगे। नोएल टाटा इस प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति के रूप में देखे जा रहे हैं।
नोएल टाटा टाटा ट्रस्ट्स के अध्यक्ष हैं और टाटा संस के बोर्ड में निदेशक भी हैं। यह स्थिति उन्हें समूह के नेतृत्व परिवर्तन के केंद्र में लाती है। वह नवंबर में 70 वर्ष के होने के बाद छह टाटा कंपनियों के बोर्ड से सेवानिवृत्त होंगे। इनमें ट्रेंट, टाटा स्टील, टाइटन, वोल्टास, टाटा इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन और टाटा इंटरनेशनल शामिल हैं। हालांकि, टाटा ट्रस्ट्स के नामित सदस्य होने के कारण वह टाटा संस के बोर्ड में निदेशक बने रहेंगे। उनकी भूमिका चंद्रशेखरन के उत्तराधिकारी के चयन में निर्णायक मानी जा रही है।