09/12/2026 | Press release | Distributed by Public on 09/12/2026 05:41
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मराठा आरक्षण की मांग को लेकर कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने शनिवार को बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि वह अपने समर्थकों के साथ 19 सितंबर से मुंबई के आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे। यह आंदोलन ऐसे समय में शुरू होने जा रहा है, जब महाराष्ट्र में 14 से 25 सितंबर तक गणपति उत्सव का दौर रहेगा। जरांगे ने कहा कि आरक्षण मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा और उनका मकसद लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग मनवाना है।
जरांगे ने साफ कहा कि आंदोलन शांतिपूर्ण रहना चाहिए और किसी को पत्थरबाजी या आगजनी नहीं करनी है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से वाहन ठीक तरीके से चलाने और आचार संहिता का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मराठा समाज की आरक्षण की मांग पूरी होने तक लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखा जाएगा। जरांगे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से भी प्रदर्शनकारियों के रास्ते में बाधा नहीं डालने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस बैरिकेड लगाकर रोके तो प्रदर्शनकारी वहीं सड़क पर बैठ जाएं, लेकिन बैरिकेड को हाथ न लगाएं। इसके बाद वैकल्पिक रास्ते से आंदोलन स्थल तक पहुंचें। जरांगे ने कहा कि अगर प्रदर्शनकारियों को रोका गया तो ऐसी कार्रवाई की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री फडणवीस की होगी।
जरांगे ने राज्य सरकार पर गजट से जुड़ी मांगों को लागू नहीं करने और 58 लाख कुणबी रिकॉर्ड के आधार पर जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अब यह मुद्दा मुंबई तक ले जाया जाएगा और यह आरक्षण की मांग की अंतिम लड़ाई है। उनकी प्रमुख मांगों में एक ऐसी सरकारी अधिसूचना जारी करना शामिल है, जिसके तहत पुराने रिकॉर्ड और गजट दस्तावेजों के आधार पर मराठा समुदाय के लोगों को अन्य पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी में कुणबी समुदाय को मिलने वाले आरक्षण का लाभ मिल सके। हालांकि, ओबीसी समूह इसका जोरदार विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे उनके हिस्से के आरक्षण और दूसरे लाभ प्रभावित हो सकते हैं।