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10/08/2026 | Press release | Distributed by Public on 10/07/2026 19:16

फर्जीवाड़ा: यूपी में बने 131 जन्म प्रमाणपत्रों से देशभर में बनवाए फर्जी आधार कार्ड, सीबीआई ने मांगी रिपोर्ट

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फर्जीवाड़ा: यूपी में बने 131 जन्म प्रमाणपत्रों से देशभर में बनवाए फर्जी आधार कार्ड, सीबीआई ने मांगी रिपोर्ट

Thu, 08 Oct 2026 12:29 AM IST
Mohd Mustakim अंकित चौहान, बागपत
अंकित चौहान, बागपत Published by: Mohd Mustakim Updated Thu, 08 Oct 2026 12:29 AM IST
सार

Baghpat News: सीबीआई ने चीफ रजिस्ट्रार जन्म एवं मृत्यु से सभी प्रमाणपत्र की जांच कराकर रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद बागपत, मेरठ, सहारनपुर, बिजनौर समेत 21 जिलों में जांच शुरू हो गई है।

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : संवाद
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विस्तार

यूपी से बने 131 जन्म प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल कर देशभर में फर्जी आधार कार्ड बनवाए गए हैं। सीबीआई ने यूपी के चीफ रजिस्ट्रार जन्म एवं मृत्यु से सभी प्रमाणपत्रों की जांच कराकर रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद बागपत, मेरठ, सहारनपुर, बिजनौर, गाजियाबाद, कन्नौज, इटावा, ललितपुर समेत 21 जिलों में जांच शुरू कर दी गई है।
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वर्ष 2000-24 के बीच जारी इन जन्म प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल करके सबसे ज्यादा फर्जी आधार कार्ड पश्चिम बंगाल और असम में बनाए गए हैं। अन्य जगहों पर भी इनसे आधार कार्ड बने हैं, इसलिए यह शक जताया जा रहा है कि यह जन्म प्रमाणपत्र भी फर्जी हैं।
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इन सभी प्रमाणपत्रों के नंबर व जिले की सूची भेजी गई है। उनकी जिलों से जांच करके यह बताना है कि यह प्रमाणपत्र यहां से जारी हुआ है या नहीं और जारी हुआ है तो उसकी सही जन्मतिथि व पता क्या है। यह रिपोर्ट 15 अक्तूबर तक भेजने के लिए कहा गया है।
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इन जिलों से जारी इतने जन्म प्रमाणपत्रों की जांच होगी
बागपत से पांच, सहारनपुर से एक, मेरठ से एक, बिजनौर से दो, गाजियाबाद से एक, कन्नौज से 73, ललितपुर से 10, इटावा से 17, कानपुर नगर से तीन, औरैया से एक, जालौन से दो, कुशीनगर से एक, बदायूं से एक, सोनभद्र से दो, फतेहपुर से तीन, हमीरपुर से तीन, संत कबीरनगर से एक, मिर्जापुर से एक, कानपुर देहात से एक, रामपुर से एक, फर्रुखाबाद से एक जन्म प्रमाण पत्र जारी हुआ है।
एप से बना दिए जाते हैं फर्जी जन्म प्रमाणपत्र
जन्म प्रमाणपत्र से ही आधार कार्ड बनवाया जा सकता है, इसलिए प्रमाणपत्र फर्जी बनवाने का खेल चल रहा है। इस तरह की काफी एप हैं, जिनसे जन्म प्रमाणपत्र जारी किए जाते हैं। ऐसे फर्जी प्रमाणपत्रों की जांच उसी जगह से हो सकती है, जहां से उनको जारी होना दिखाया गया है।
इन जगहों से जारी होते हैं जन्म प्रमाणपत्र
जिन बच्चों का जन्म अस्पताल में होता है, उनका जन्म प्रमाणपत्र स्वास्थ्य विभाग से जारी किया जाता है। जिनका शहरी क्षेत्र में घर में जन्म होता है, उनका प्रमाणपत्र नगर निकाय से जारी होता है। जिनका गांव में घर में जन्म होता है, उनका प्रमाण पत्र पंचायतीराज विभाग से जारी किया जाता है।
ये बोले सीडीओ
प्रमाण पत्रों की जांच स्वास्थ्य विभाग, नगर निकाय व पंचायतीराज विभाग से होती है। जांच कराकर रिपोर्ट जल्द भिजवाई जाएगी।
- अनिल कुमार सिंह, सीडीओ

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Amar Ujala Ltd published this content on October 08, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on October 08, 2026 at 01:17 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]