09/23/2026 | Press release | Distributed by Public on 09/23/2026 08:30
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वित्त मंत्रालय ने केंद्रीय बजट 2027-28 की तैयारियों के लिए कदम बढ़ा दिए हैं। मंत्रालय 12 अक्तूबर से बजट पूर्व बैठकों की एक महीने लंबी शृंखला शुरू करेगा। ये बैठकें संशोधित अनुमान 2026-27 और बजट अनुमान 2027-28 को अंतिम रूप देने के लिए होंगी।
बजट 2027-28 पश्चिमी एशिया संकट की पृष्ठभूमि में पेश किया जाएगा। इस संकट से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान आ रहा है। कच्चे तेल की कीमतें भी बढ़ी हुई हैं, जिससे अर्थव्यवस्था पर दबाव है। वैश्विक वृद्धि में भी कमी देखी जा रही है। इन चुनौतियों के बीच सरकार को संतुलन साधना होगा।
चालू वित्त वर्ष में घरेलू वृद्धि करीब 7 फीसदी रहने की उम्मीद है। भारत ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में 7.8 फीसदी की वृद्धि दर दर्ज की है। यह दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज वृद्धि दर है। मजबूत घरेलू वृद्धि बजट के लिए सकारात्मक संकेत है। यह सरकार को आर्थिक नीतियों में लचीलापन प्रदान करेगा।
अगले वित्त वर्ष के बजट में सुधारों को जारी रखने पर ध्यान दिया जाएगा। इसका उद्देश्य आर्थिक वृद्धि को और तेज करना है। रोजगार सृजन के उपायों पर भी जोर रहेगा। घरेलू मांग को बढ़ावा देने के कदम भी शामिल होंगे। सरकार इन क्षेत्रों में महत्वपूर्ण घोषणाएं कर सकती है।