09/16/2026 | Press release | Distributed by Public on 09/15/2026 20:56
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श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सीईओ चयन को लेकर उठे सवालों के बीच ट्रस्ट ने चयन प्रक्रिया की परतें खोल दी हैं। ट्रस्ट ने साफ किया है कि सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र बिना प्रक्रिया के सीईओ नहीं बने, बल्कि 5,585 आवेदनों की छंटनी के बाद अंतिम 16 उम्मीदवारों में जगह बनाकर इंटरव्यू तक पहुंचे थे।
खोज समिति ने एक सितंबर को ट्रस्ट के सामने तीन नाम रखे। इनमें जितेंद्र मिश्र, संजय प्रताप सिंह, विश्वास राव और श्रुति भारद्वाज के नाम शामिल बताए गए हैं। इसके अगले ही दिन, दो सितंबर को जितेंद्र मिश्र को सीईओ नियुक्त करने की घोषणा कर दी गई। ट्रस्ट का कहना है कि चयन प्रक्रिया के प्रत्येक चरण का रिकॉर्ड मौजूद है।
चयन प्रक्रिया को लेकर विवाद पूर्व आईपीएस राजेश पांडेय के एक पॉडकास्ट में दिए बयान के बाद सामने आया। पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने पांडेय के बयान का हवाला देते हुए ट्रस्ट को पत्र भेजकर सीईओ चयन पर सवाल उठाए थे। मामला तूल पकड़ने के बाद राजेश पांडेय ने अब सोशल मीडिया पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि उनके बयान को अलग अर्थ में पेश किया गया। उनका कहना है कि उन्होंने कभी यह नहीं कहा कि जितेंद्र मिश्र ने इंटरव्यू नहीं दिया था।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्र 21 सितंबर को दोबारा अयोध्या पहुंचेंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अयोध्या दौरे के दौरान मंदिर की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के बाद वह बुधवार शाम दिल्ली लौट गए थे। सीईओ के रूप में अयोध्या में अपने पिछले प्रवास के दौरान जितेंद्र मिश्र ने मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था, निर्माण कार्यों और श्रद्धालुओं से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली थी।
ट्रस्ट के पदाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों के साथ उन्होंने विभिन्न विषयों पर चर्चा भी की थी। अब अगले प्रवास में इन व्यवस्थाओं को आगे बढ़ाने और नई कार्ययोजना को गति देने पर फोकस रहने की उम्मीद है।