03/28/2026 | Press release | Distributed by Public on 03/28/2026 04:43
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज उत्तर प्रदेश के जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय विमान पत्तन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर अपनी खुशी और गर्व व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज से 'विकसित उत्तर प्रदेश, विकसित भारत अभियान' में एक नया अध्याय शुरू हो रहा है। उन्होंने कहा कि भारत का सबसे बड़ा राज्य अब अंतरराष्ट्रीय विमान पत्तनों की सबसे अधिक संख्या वाले राज्यों में से एक बन गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्हें दोहरी खुशी है, पहली इस विमान पत्तन की नींव रखने और अब इसका उद्घाटन करने पर, और दूसरी इस भव्य विमान पत्तन का नाम उत्तर प्रदेश से जुड़ने पर। श्री मोदी ने कहा, "यह वही राज्य है जिसने मुझे अपना प्रतिनिधि चुना और सांसद बनाया, और अब इसकी पहचान इस शानदार विमान पत्तन से जुड़ गई है।"
नए विमान पत्तन के दूरगामी प्रभाव का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि नोएडा विमान पत्तन से आगरा, मथुरा, अलीगढ़, गाजियाबाद, मेरठ , इटावा, बुलंदशहर और फरीदाबाद सहित विशाल क्षेत्र को लाभ होगा। उन्होंने जोर दिया कि यह विमान पत्तन पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों, लघु एवं मध्यम उद्यमों और युवाओं के लिए अनेक नए अवसर लेकर आएगा। श्री मोदी ने राज्य के लोगों, विशेष रूप से पश्चिमी यूपी के लोगों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा, "यहां से विमान दुनिया भर के लिए उड़ान भरेंगे, और यह विमान पत्तन विकसित उत्तर प्रदेश की उड़ान का प्रतीक बनेगा।"
वर्तमान वैश्विक स्थिति पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में एक महीने से अधिक समय से चल रहे युद्ध के कारण आज पूरा विश्व गहरी चिंता में है। इस युद्ध के चलते कई देशों में भोजन, पेट्रोल, डीजल, गैस और उर्वरक जैसी आवश्यक वस्तुओं का संकट पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि भारत इस युद्ध ग्रस्त क्षेत्र से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस आयात करता है। श्री मोदी ने आश्वासन दिया, "सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठा रही है कि इस संकट का बोझ आम परिवारों और किसानों पर न पड़े।"
वैश्विक संकट के दौर में भी भारत की तीव्र विकास गति का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अकेले पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ही हाल के हफ्तों में यह चौथी बड़ी परियोजना है जिसका या तो उद्घाटन किया गया है या नींव रखी गई है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "इस दौरान नोएडा में एक बड़ी सेमीकंडक्टर फैक्ट्री की नींव रखी गई, देश की पहली दिल्ली-मेरठ नमो भारत ट्रेन ने रफ्तार पकड़ी, मेरठ मेट्रो का विस्तार हुआ और आज नोएडा अंतरराष्ट्रीय विमान पत्तन का उद्घाटन किया जा रहा है।"
प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश के विकास में इन उल्लेखनीय उपलब्धियों का श्रेय वर्तमान सरकार को दिया। उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर फैक्ट्री भारत को प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना रही है, मेरठ मेट्रो और नमो भारत रेल तेज और स्मार्ट संपर्क का माध्यम बन रही हैं, और जेवर विमान पत्तन पूरे उत्तर भारत को विश्व से जोड़ रहा है। श्री मोदी ने जोर देकर कहा, "वर्तमान सरकार के नेतृत्व में यही नोएडा उत्तर प्रदेश के विकास का एक शक्तिशाली इंजन बन रहा है।"
प्रधानमंत्री ने विमान पत्तन परियोजना के इतिहास के बारे में विस्तार से बताते हुए याद दिलाया कि जेवर विमान पत्तन को अटल जी ने 2003 में ही मंजूरी दे दी थी। श्री मोदी ने कहा, "वर्तमान सरकार के गठन के तुरंत बाद इसकी नींव रखी गई, निर्माण कार्य शुरू हुआ और अब इसका परिचालन शुरू हो चुका है।"
क्षेत्र के एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स हब के रूप में उभरती भूमिका की ओर ध्यान दिलाते हुए, प्रधानमंत्री ने बताया कि यह क्षेत्र दो प्रमुख माल ढुलाई गलियारों का केंद्र बन रहा है। ये विशेष रेल पटरियां मालगाड़ियों के लिए बिछाई गई हैं, जिनसे उत्तर भारत का बंगाल और गुजरात के समुद्रों से संपर्क बढ़ा है। उन्होंने कहा कि दादरी वह महत्वपूर्ण केंद्र है जहां ये दोनों गलियारे मिलते हैं, जिसका अर्थ है कि यहां के किसान जो कुछ भी उगाते हैं और उद्योग जो कुछ भी उत्पादित करते हैं, वह अब सड़क और वायु मार्ग से विश्व के हर कोने तक तेजी से पहुंच सकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "इस तरह का बहुआयामी संपर्क उत्तर प्रदेश को दुनिया भर के निवेशकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण बना रहा है।"
क्षेत्र की छवि में आए बदलाव के बारे में बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, "आज नोएडा पूरी दुनिया का स्वागत करने के लिए तैयार है। यह पूरा क्षेत्र आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत कर रहा है।"
प्रधानमंत्री ने इस परियोजना को साकार करने के लिए अपनी जमीनें देने वाले किसानों के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि कृषि और खेती इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में बहुत महत्व रखती है। श्री मोदी ने कहा कि आधुनिक संपर्क के विस्तार से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण की संभावनाओं को और बढ़ावा मिलेगा और उन्होंने आगे कहा, "यहां के कृषि उत्पाद अब वैश्विक बाजारों तक अधिक कुशलता से पहुंच सकेंगे।"
भारत की कच्चे तेल पर निर्भरता कम करने में गन्ना किसानों के योगदान को स्वीकार करते हुए प्रधानमंत्री ने गन्ने से उत्पादित इथेनॉल की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में बताया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इथेनॉल उत्पादन में वृद्धि और पेट्रोल में इसके मिश्रण के बिना, भारत को प्रतिवर्ष लगभग साढ़े चार करोड़ बैरल (लगभग 700 करोड़ लीटर) अतिरिक्त कच्चे तेल का आयात करना पड़ता। उन्होंने आगे कहा, "हमारे किसानों की मेहनत ने संकट के इस समय में देश को यह अपार राहत प्रदान की है।"
प्रधानमंत्री ने आगे बताया कि इथेनॉल से न केवल देश को लाभ हुआ है, बल्कि किसानों को भी बहुत फायदा हुआ है। इससे लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा की बचत हुई है। उन्होंने उन पुराने दिनों को याद किया जब गन्ना किसानों को अपने बकाया के लिए वर्षों इंतजार करना पड़ता था। श्री मोदी ने कहा, "आज, वर्तमान सरकार के प्रयासों के कारण, गन्ना किसानों की स्थिति में काफी सुधार हुआ है।"
प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि विमान पत्तन केवल सुविधाएँ नहीं बल्कि प्रगति में सहायक हैं और भारत के विमानन अवसंरचना के उल्लेखनीय विस्तार की ओर इशारा किया। उन्होंने बताया कि आज भारत में 160 से अधिक विमान पत्तन हैं और वायु संपर्क अब न केवल महानगरों तक बल्कि छोटे कस्बों तक भी पहुँच रहा है। श्री मोदी ने कहा, "वर्तमान सरकार ने आम भारतीय के लिए हवाई यात्रा को सुलभ बना दिया है," और साथ ही यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश में विमान पत्तनों की संख्या बढ़कर सत्रह हो गई है।
उड़ान योजना के प्रभाव का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने लगातार यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि विमान पत्तनों के निर्माण के साथ-साथ हवाई यात्रा का किराया आम परिवारों की पहुंच में रहे। श्री मोदी ने उल्लेख किया कि उड़ान योजना के तहत टिकट बुक करके एक करोड़ साठ लाख से अधिक नागरिकों ने किफायती दरों पर हवाई यात्रा की है। उन्होंने कहा, "हाल ही में केंद्र सरकार ने लगभग 29,000 करोड़ रुपये की मंजूरी के साथ उड़ान योजना का और विस्तार किया है, जिसके तहत आने वाले वर्षों में छोटे शहरों में 100 नए विमान पत्तन और 200 नए हेलीपैड बनाए जाएंगे। उत्तर प्रदेश को भी इससे बहुत लाभ होगा।"
भारत के तेजी से बढ़ते विमानन क्षेत्र के बारे में बात करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि नए विमान पत्तनों के निर्माण के साथ-साथ नए विमानों की मांग भी बढ़ रही है और विभिन्न एयरलाइंस सैकड़ों नए विमानों के ऑर्डर दे रही हैं। श्री मोदी ने कहा कि इससे पायलटों, केबिन क्रू और रखरखाव पेशेवरों सहित युवाओं के लिए अपार अवसर पैदा हो रहे हैं, और उन्होंने आगे कहा कि "हमारी सरकार इस बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए विमानन क्षेत्र में प्रशिक्षण सुविधाओं का विस्तार भी कर रही है।"
भारत के विमानन क्षेत्र में मौजूद एक गंभीर कमी का उल्लेख करते हुए, प्रधानमंत्री ने रखरखाव, मरम्मत और नवीनीकरण (एमआरओ) क्षेत्र की ओर ध्यान दिलाया और बताया कि 85 प्रतिशत भारतीय विमानों को अभी भी एमआरओ सेवाओं के लिए विदेश भेजना पड़ता है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार ने एमआरओ क्षेत्र में भी भारत को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लिया है और बताया कि आज जेवर में एक एमआरओ सुविधा केंद्र की नींव रखी गई है। श्री मोदी ने घोषणा की, "तैयार होने पर, यह केंद्र भारत और विदेश के विमानों को सेवाएं प्रदान करेगा, जिससे देश को राजस्व प्राप्त होगा, हमारा पैसा भारत में ही रहेगा और युवाओं के लिए अनेक रोजगार सृजित होंगे।"
नागरिकों की सुविधा सुनिश्चित करने और उनके समय और धन की बचत करने को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए, प्रधानमंत्री ने मेट्रो और वंदे भारत जैसी आधुनिक रेल सेवाओं के विस्तार के बारे में बात की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "दिल्ली-मेरठ नमो भारत रेल में ढाई करोड़ से अधिक यात्री यात्रा कर चुके हैं। दिल्ली और मेरठ के बीच की यात्रा, जिसमें पहले घंटों लगते थे, अब मिनटों में पूरी हो जाती है।"
विकसित भारत के लिए आधुनिक बुनियादी ढांचे में किए जा रहे अभूतपूर्व निवेश पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले ग्यारह वर्षों में बुनियादी ढांचे के बजट में छह गुना से अधिक की वृद्धि हुई है जिसमें राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर 17 लाख करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं और एक लाख किलोमीटर से अधिक राजमार्गों का निर्माण किया गया है। उन्होंने कहा कि रेल विद्युतीकरण 2014 से पहले 20,000 किलोमीटर से बढ़कर अब 40,000 किलोमीटर से अधिक हो गया है, और अब लगभग 100 प्रतिशत ब्रॉड-गेज नेटवर्क का विद्युतीकरण हो चुका है। प्रधानमंत्री ने बताया कि पहली बार कश्मीर घाटी और पूर्वोत्तर राज्यों की राजधानियों को रेल नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है, जबकि पिछले एक दशक में पत्तनों की क्षमता दोगुनी से अधिक हो गई है और अंतर्देशीय जलमार्गों की संख्या लगातार बढ़ रही है। श्री मोदी ने कहा, "भारत विकसित भारत के निर्माण के लिए आवश्यक हर क्षेत्र में तेजी से काम कर रहा है।"
वैश्विक चुनौतियों के सामने सामूहिक प्रयास और राष्ट्रीय एकता का आह्वान करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने संसद में विस्तार से बात की है और मुख्यमंत्रियों के साथ मौजूदा संघर्ष से उत्पन्न संकट से निपटने के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने जनता से इस संकट का सामना शांत मन और धैर्य से करने की अपील की और इसे भारतीयों की सबसे बड़ी ताकत बताया। प्रधानमंत्री मोदी ने दोहराया कि जो भारतीयों और भारत के हित में है, वही भारत सरकार की नीति और रणनीति है। श्री मोदी ने अपने संबोधन का समापन करते हुए कहा, "मुझे पूरा विश्वास है कि सभी राजनीतिक दल देश के एकजुट प्रयासों को मजबूती प्रदान करेंगे।"
The inauguration of Phase-I of Noida International Airport marks a major step in Uttar Pradesh's growth story and India's aviation future. https://t.co/8OLduHTZU8
- Narendra Modi (@narendramodi) March 28, 2026UP has now emerged as one of the states with the highest number of international airports in India. pic.twitter.com/6KW3flH1EG
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- PMO India (@PMOIndia) March 28, 2026Our government is making unprecedented investments in modern infrastructure to build a Viksit Bharat. pic.twitter.com/N1DTWOVhOk
- PMO India (@PMOIndia) March 28, 2026***
पीके/केसी/पीपी/आर