सिक्किम के ग्यालशिंग जिले में भारी बारिश के बाद सिंगलिताम और रिंबी में भूस्खलन की घटनाओं से खतरा बढ़ गया है। एहतियात के तौर पर रिंबी में 28 घरों में रह रहे 128 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। वहीं, सिंगलिताम में भी सात प्रभावित परिवारों को राहत केंद्र में स्थानांतरित किया गया है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग प्रभावित इलाकों में लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसएसडीएमए) के अनुसार, जिले में 12 सितंबर से भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं। जिला प्रशासन और विभिन्न विभाग राहत, बचाव और सड़क बहाली के काम में जुटे हैं। ग्यालशिंग के जिला कलेक्टर तेनजिंग डेंजोंगपा सिंगलिताम और रिंबी के प्रभावित इलाकों का लगातार दौरा कर स्थिति का जायजा ले रहे हैं।
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रिंबी में 28 घर खाली कराए
14 सितंबर को भारी बारिश और बाढ़ के बाद रिंबी की स्थिति की दोबारा समीक्षा की गई। इसके बाद 28 घरों में रह रहे 128 लोगों को रिंबी ग्राम पंचायत केंद्र में स्थानांतरित किया गया। इससे पहले चार घरों के 18 लोगों को उनके रिश्तेदारों के यहां भेजा गया था।
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प्रशासन के अनुसार, मंदिर प्वाइंट के आसपास मुख्य भूस्खलन हो रहा है। निचले इलाके में स्थित रिंबी वार्ड में अभी भी भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। निक खोलसा नाले में भूस्खलन का मलबा जमा हो गया है, जो बारिश के दौरान पानी के तेज बहाव के साथ रिंबी गांव की ओर आ रहा है। तेज बहाव के कारण रिंबी का आरसीसी पुल भी बह गया है।
सड़क बहाली के साथ वैकल्पिक पुल की तैयारी
सड़क एवं पुल विभाग मलबा हटाने और सड़क बहाल करने में जुटा है। रिंबी की मुख्य सड़क 14 मई की रात पूरी तरह बह गई थी। संपर्क बहाल करने के लिए अपेक्षाकृत ऊंचाई वाले स्थान पर बैली ब्रिज बनाने की तैयारी की जा रही है। वहीं, प्रभावित क्षेत्र में लोगों की आवाजाही के लिए 15 सितंबर से अस्थायी बांस का पुल बनाने की भी योजना है।
रिंबी राहत केंद्र में पानी की आपूर्ति बहाल करने के लिए प्रशासन पाइप उपलब्ध करा रहा है। वहीं, भूस्खलन क्षेत्र के नीचे स्थित रिंबी आईसीडीएस केंद्र 14 सितंबर की बारिश में जलमग्न हो गया। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए इसे सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की संभावना पर विचार किया जा रहा है।
सिंगलिताम में सात परिवार राहत केंद्र में
सिंगलिताम में सीधे प्रभावित सात परिवारों के 33 से अधिक लोगों को राहत केंद्र में रखा गया है। इनमें बुजुर्ग और बच्चे भी शामिल हैं। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों को भोजन और जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। प्रभावित स्थल पर रात में निगरानी के लिए रोशनी की व्यवस्था भी की गई है।
प्रशासन ने लोगों से सक्रिय भूस्खलन वाले क्षेत्रों, नालों और नदी किनारे जाने से बचने की अपील की है। बारिश के दौरान या रात में अनावश्यक आवाजाही नहीं करने की सलाह दी गई है। जमीन में नई दरार दिखाई देने, पानी के बहाव में अचानक बदलाव या जमीन खिसकने के संकेत मिलने पर तत्काल स्थानीय अधिकारियों को सूचना देने को कहा गया है।