Amar Ujala Ltd

07/24/2026 | Press release | Distributed by Public on 07/23/2026 22:00

Indore News: छात्रों के लिए प्रदर्शन करने वाले दंपति को भेजा जेल, मंत्री विजयवर्गीय के घर जाना पड़ा भारी

{"_id":"6a62da6a124c820e72020eb3","slug":"indore-news-police-arrest-student-protest-couple-kailash-vijayvargiya-house-2026-07-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Indore News: छात्रों के लिए प्रदर्शन करने वाले दंपति को भेजा जेल, मंत्री विजयवर्गीय के घर जाना पड़ा भारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}

Indore News: छात्रों के लिए प्रदर्शन करने वाले दंपति को भेजा जेल, मंत्री विजयवर्गीय के घर जाना पड़ा भारी

Fri, 24 Jul 2026 08:57 AM IST
Arjun Richhariya न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: Arjun Richhariya Updated Fri, 24 Jul 2026 08:57 AM IST
सार

दंपती ने प्रदर्शन के लिए सोशल मीडिया और टंट्याभील चौराहे पर चल रहे छात्र आंदोलन से भीड़ जुटाने का प्रयास किया था। सूचना मिलने के 1 घंटे के भीतर पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को हिरासत में लिया और धारा 151 के तहत कार्रवाई की।

विज्ञापन
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के घर जाना पड़ा महंगा। - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
  • Link Copied

खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें

यह खबर एप पर पढ़ें

या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें

संक्षिप्त विज्ञापन देखें विज्ञापन लोड हो रहा है

अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो

लॉगिन करें

विस्तार

छात्रों के लिए कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के निवास के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे दंपती पर पुलिस ने सख्त कदम उठाया है। परदेशीपुरा थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। बुधवार दोपहर प्रहलाद पाण्डेय और उनकी पत्नी संगीता हाथों में संविधान की प्रति लेकर मंत्री के घर के बाहर पहुंचे थे। पुलिस प्रशासन को इस प्रदर्शन की भनक करीब 1 घंटे पहले ही लग गई थी। सूचना मिलते ही सुरक्षा अमले ने मौके पर पहुंचकर मंत्री निवास के आसपास घेराबंदी मजबूत कर दी थी। पुलिस के मुताबिक दोनों ने विरोध प्रदर्शन के लिए कोई अनुमति नहीं ली थी। इंदौर के पांडे दंपती ने छात्र आंदोलन के समर्थन में पहले सांसद शंकर लालवानी के घर के बाहर धरना दिया, इसके बाद दोनों मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के घर के बाहर धरना देने पहुंच गए थे।
विज्ञापन


सोशल मीडिया और धरना स्थलों से भीड़ जुटाने का प्रयास
पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। दंपती ने इस प्रदर्शन को बड़ा रूप देने के लिए सोशल मीडिया पर कई संदेश प्रसारित किए थे। इसके अलावा टंट्याभील चौराहे पर जारी विद्यार्थियों के आंदोलन में पहुंचकर भी उन्होंने छात्रों से मंत्री निवास के घेराव में शामिल होने की अपील की थी। तमाम कोशिशों के बावजूद दोनों के साथ कोई भी अन्य व्यक्ति प्रदर्शन स्थल पर नहीं पहुंचा और दोनों को अकेले ही विरोध दर्ज कराना पड़ा।
विज्ञापन


समझाइश के बाद भी नहीं माने, पुलिस ने हिरासत में लिया
जब दंपती मौके पर पहुंचे तो मौजूद पुलिस अधिकारियों ने उन्हें समझाने और रोकने का प्रयास किया। इसके बावजूद जब प्रहलाद पाण्डेय सड़क पर बैठकर विरोध जताने लगे, तब पुलिस बल ने उन्हें उठाकर अपनी गाड़ी में बैठाया। साथ ही उनकी पत्नी को भी महिला पुलिस की मदद से थाने ले जाया गया। थाना प्रभारी आर.डी.कानवा के अनुसार पूछताछ में दंपती ने माना कि उनसे नियम उल्लंघन की भूल हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


धारा 151 के तहत केस दर्ज कर भेजा जेल
बिना किसी पूर्व अनुमति के संवेदनशील क्षेत्र में प्रदर्शन करने और शांति व्यवस्था को प्रभावित करने के आरोप में पुलिस ने दंपती के खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस ने धारा 151 एवं बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन करने की धाराओं में मामला पंजीकृत कर दोनों को जेल भेज दिया है।

कैलाश विजयवर्गीय के बयान से खफा थे दंपती
पांडे दंपति ने पुलिस को बताया कि विधानसभा में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा यह कहना कि NEET परीक्षा घोटाला प्रदेश का विषय नहीं है, फिर छात्र आंदोलन को प्रायोजित बताना और अब छात्रों के संदर्भ में अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करने से युवाओं और अभिभावकों में गहरा आक्रोश है। इसके विरोध में वे धरना देने पहुंचे थे।

Amar Ujala Ltd published this content on July 24, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on July 24, 2026 at 04:01 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]