Amar Ujala Ltd

07/27/2026 | Press release | Distributed by Public on 07/27/2026 05:33

Sonam Wangchuk: अस्पताल से राजघाट पहुंचे वांगचुक, बोले- बापू का रास्ता आज भी प्रासंगिक, शांति से रखें अपनी बात

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Sonam Wangchuk: अस्पताल से राजघाट पहुंचे वांगचुक, बोले- बापू का रास्ता आज भी प्रासंगिक, शांति से रखें अपनी बात

Mon, 27 Jul 2026 01:50 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली/गुरुग्राम
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली/गुरुग्राम Published by: अनुज कुमार Updated Mon, 27 Jul 2026 01:50 PM IST
सार

गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल से एक वीडियो संदेश में कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपनी छुट्टी की घोषणा की। लद्दाख जाने से पहले वह बापू को श्रद्धांजलि देने राजघाट पहुंचे।

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सोनम वांगचुक पत्नी संग राजघाट पहुंचे - फोटो : जी पाल
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विस्तार

कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपनी पत्नी गीतांजलि आंग्मो के साथ सोमवार को राजघाट पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद यहां पहुंचे थे। वांगचुक ने 26 दिन के उपवास और आंदोलन के समापन के बाद यह श्रद्धांजलि दी।

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#WATCH | Delhi | After offering tributes at Rajghat, Activist Sonam Wangchuk says, "Following the conclusion of this 26-day fast and movement, I wanted to come to Rajghat first to remember Mahatma Gandhi, to express my gratitude to him and to tell the country that the path he… https://t.co/KN1TF4QtBQ pic.twitter.com/gpICq3WuML

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- ANI (@ANI) July 27, 2026

राजघाट पर श्रद्धांजलि देने के बाद उन्होंने अपने विचार साझा किए। वांगचुक ने कहा कि वह सबसे पहले महात्मा गांधी को याद करना चाहते थे। उन्होंने गांधीजी के प्रति अपना आभार व्यक्त किया। उन्होंने देश को यह बताया कि गांधीजी का दिखाया रास्ता आज भी उतना ही सही और प्रासंगिक है जितना सौ साल पहले था। पिछले पांच-छह साल से वे लद्दाख में गांधीजी के इस तरीके को अपना रहे हैं। उन्होंने पाया कि यह तरीका बहुत सही और प्रासंगिक है। उन्हें पहले यकीन नहीं था कि यह राष्ट्रीय स्तर पर काम करेगा या नहीं।
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मैं देश के लोगों को बधाई देता हूं: सोनम वांगचुक
एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने राजघाट पर कहा कि मैं देश के युवाओं, आम लोगों और सभी नागरिकों को बधाई देना चाहता हूं। मैं बुजुर्गों, हर उम्र के लोगों और उन युवा आयोजकों को भी बधाई देता हूं, जिन्होंने इस आंदोलन को इतनी शांति से आगे बढ़ाया। हमें यह समझना होगा कि अगर कोई समाधान या कामयाबी मिली है, तो वह हमारी ताकत या लाठी-पत्थर के इस्तेमाल से नहीं मिली है। बल्कि, यह शांति की अपील और हमारी अपनी तकलीफों से मिली है।

इस्तीफा तो बस शुरुआत: सोनम वांगचुक
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने कहा कि इस्तीफा तो बस शुरुआत है। अगर अब से इस मुद्दे को माना जाए और उस पर काम किया जाए, तो हमारा देश बेहतर बनेगा। मेरी नजर में यह प्रक्रिया पहले से ही चल रही है। अभी बातचीत चल रही है और मुझे उम्मीद है कि बहुत सकारात्मक बातचीत के ज़रिए देश के लिए सबसे सही रास्ता अपनाया जाएगा, जिससे हम आपसी सद्भाव से एक बेहतरीन सिस्टम लागू कर सकेंगे।

जानें वांगचुक पब्लिक एग्जामिनेशन अमेंडमेंट बिल पर क्या बोले
पब्लिक एग्जामिनेशन अमेंडमेंट बिल पर वांगचुक ने कहा कि यह अच्छी बात है। इस पर चर्चा होनी चाहिए और अच्छी तरह सोच-विचार के बाद सही कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि जो लोग शांति से विरोध कर रहे हैं, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। अगर शरारती तत्व बुरी नीयत से काम कर रहे हैं, तो हम यह नहीं कह सकते कि कुछ नहीं होगा। लेकिन, मैं यह साफ कर देना चाहता हूं कि शांतिपूर्ण विरोध हमारा संवैधानिक अधिकार है और इसका सम्मान किया जाना चाहिए। बाकी, कानून अपना काम करेगा।

इस बार उन्हें यह देखकर भरोसा हुआ कि सौ साल बाद भी यह राष्ट्रीय स्तर पर प्रासंगिक है। वांगचुक ने कहा कि यह शायद आने वाले सौ या हजार साल तक भी ऐसा ही रहेगा। इसीलिए उन्होंने भारत और दुनिया के लोगों से अपील की। उन्होंने कहा कि लोग अपनी शिकायतें और बातें बापू द्वारा दिखाए गए शांति के रास्ते से रखें।

वांगचुक ने विश्वास दिलाया कि समाधान जरूर निकलेगा। उन्होंने माना कि इसमें समय लग सकता है, लेकिन इसका अंत अंधेरे में नहीं होता। उन्होंने खुद यह देखा है। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि पहली बार में सफलता न मिले, लेकिन आमतौर पर सफलता मिल ही जाती है।

हम सफल हुए: सोनम वांगचुक
अस्पताल से वीडियो बनाते हुए सोनम वांगचुक ने कहा था कि लोगों ने अपनी आवाज उठाई और इस महत्वपूर्ण आंदोलन को समर्थन दिया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि "हम सफल हुए" और यह सभी के प्रयासों का परिणाम है।

सोनम वांगचुक ने अपने वीडियो संदेश में स्वास्थ्य में हो रहे सुधार पर खुशी जताई। उन्होंने बताया कि अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था। अब उनकी स्थिति पहले से काफी बेहतर है। शरीर में धीरे-धीरे ऊर्जा वापस आ रही है। उन्होंने अपने स्वास्थ्य लाभ के लिए डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ को भी धन्यवाद दिया।

#WATCH गुरुग्राम, हरियाणा: मेदांता अस्पताल से एक वीडियो संदेश में एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने कहा, "आखिरकार वह दिन आ ही गया जब मुझे इस अस्पताल से छुट्टी मिल रही है। मैं अब काफी बेहतर महसूस कर रहा हूं। धीरे-धीरे खाना खा रहा हूं और शरीर में ताकत वापस आ रही है। यहां से निकलने के बाद… pic.twitter.com/trBdpRZnpk

- ANI_HindiNews (@AHindinews) July 27, 2026
वांगचुक ने लद्दाख के आंदोलन को मिले व्यापक समर्थन के लिए जनता का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि यह सभी के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने लोगों की एकजुटता और अपनी आवाज उठाने की सराहना की। वांगचुक ने अपने संदेश में आंदोलन की सफलता का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह जीत उन सभी की है जिन्होंने इस मुहिम में साथ दिया।
Amar Ujala Ltd published this content on July 27, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on July 27, 2026 at 11:34 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]