07/01/2026 | Press release | Distributed by Public on 07/01/2026 04:48
लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर एवीएसएम, वीएसएम ने 1 जुलाई, 2026 को दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में कार्यभार संभाला। उन्होंने लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन, एवीएसएम, एसएम का स्थान लिया है, जिन्होंने सेना के वाइस चीफ ऑफ द आर्मी स्टाफ के रूप में कार्यभार ग्रहण किया है।
राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के पूर्व-छात्र, लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर दिसंबर 1988 में 74 बख्तरबंद रेजिमेंट में कमीशन प्राप्त हुए थे। जनरल ऑफिसर का चार दशकों से अधिक का गौरवशाली और विशिष्ट सैन्य करियर रहा है। अपनी सेवा के दौरान, उन्होंने विभिन्न भौगोलिक और संचालन संबंधी परिवेशों में कमान, स्टाफ और प्रशिक्षण संबंधी कई पदों पर कार्य किया है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान द्वितीय कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर ने निर्णायक नेतृत्व और रणनीतिक दूरदर्शिता का परिचय दिया।
जनरल ऑफिसर ने एक ऑपरेशनल क्षेत्र में एक बख्तरबंद रेजिमेंट, एक रणनीतिक स्वतंत्र बख्तरबंद ब्रिगेड, एक इन्फैंट्री डिवीजन और पश्चिमी सेक्टर में एक प्रमुख स्ट्राइक कोर की कमान संभाली है। उनके महत्वपूर्ण स्टाफ पदों में स्ट्राइक कोर में कर्नल मिलिट्री सेक्रेटरी, पश्चिमी सेक्टर में एक बख्तरबंद डिवीजन के कर्नल जनरल स्टाफ, स्ट्राइक कोर के ब्रिगेडियर क्वार्टरमास्टर जनरल, ऑपरेशनल कमांड के ब्रिगेडियर जनरल स्टाफ, अपर महानिदेशक, बख्तरबंद कोर और महानिदेशक प्रादेशिक सेना के पद शामिल हैं। वे खड़कवासला स्थित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में प्रशिक्षक भी रह चुके हैं।
जनरल ऑफिसर को भूटान में भारतीय सैन्य प्रशिक्षण दल के हिस्से के रूप में और आर्मेनिया और बेलारूस में मान्यता प्राप्त भारतीय दूतावास में रक्षा एवं सैन्य अटैची के रूप में दो अंतरराष्ट्रीय अनुभव प्राप्त हुए हैं। वे राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के स्नातक और रक्षा सेवा स्टाफ कॉलेज, रक्षा प्रबंधन कॉलेज और प्रतिष्ठित नेशनल डिफेंस कॉलेज ऑफ इंडिया के स्नातकोत्तर हैं। उनके नागरिक शैक्षणिक कार्यों में रक्षा एवं सामरिक अध्ययन में स्नातकोत्तर, प्रबंधन अध्ययन में स्नातकोत्तर और रक्षा एवं अंतरराष्ट्रीय संबंध में दर्शनशास्त्र में स्नातकोत्तर शामिल हैं। उन्हें अति विशिष्ट सेवा पदक, विशिष्ट सेवा पदक, सेना प्रमुख की प्रशस्ति और तीन सेना कमांडरों की प्रशस्तियों से सम्मानित किया गया है।
कमान संभालने पर लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर ने दक्षिणी कमान युद्ध स्मारक पर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और दक्षिणी कमान मुख्यालय में गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया। उन्होंने अपने विविध कार्यक्षेत्रों में उच्चतम स्तर की संचालन संबंधी तत्परता बनाए रखने के लिए दक्षिणी कमान की अटूट प्रतिबद्धता को दोहराया और संयुक्त कार्यकुशलता बढ़ाने, स्वदेशी क्षमता विकास और उभरती प्रौद्योगिकियों के तीव्र एकीकरण के माध्यम से अधिक तालमेल हासिल करने पर जोर दिया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी रैंक भारतीय सेना की गौरवशाली परंपराओं को कायम रखेंगे और राष्ट्र की सेवा में उच्चतम स्तर की संचालन उत्कृष्टता को बनाए रखेंगे।
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