भारी बारिश के चलते पहाड़ों पर भारी तबाही हुई है। उत्तराखंड और हिमाचल में भूस्खलन व बारिश के चलते करीब 290 सड़कें बंद हैं। वहीं, जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा में बादल फटने सैलाब के रूप में भारी मलबा नीचे आया और कई घरों में भर गया। बारिश और तेज आंधी से कई पेड़ भी गिर गए।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान में नया क्या?
28-29 जुलाई की दरम्यानी रात जारी पूर्वानुमान में मौसम विभाग ने कहा, उत्तरी आंतरिक ओडिशा और दक्षिणी झारखंड और छत्तीसगढ़ के आसपास के क्षेत्रों में गहरा दबाव पिछले 6 घंटों में 18 किमी प्रति घंटे की गति से पश्चिम दिशा की ओर बढ़ा है। अगले 24 घंटों के दौरान इसके उत्तरी आंतरिक ओडिशा और उत्तरी छत्तीसगढ़ से होते हुए लगभग पश्चिम की ओर बढ़ने की प्रबल संभावना है। IMD के मुताबिक उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 20 राज्यों में भारी बारिश हो रही है।
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Deep Depression over north interior Odisha and adjoining areas of south Jharkhand & Chhattisgarh
The Deep Depression over north interior Odisha and adjoining areas of Jharkhand moved westwards with a speed of 18 kmph during past 6 hours, and lay centred at 2330 hrs IST of… pic.twitter.com/F4hYRRc1UW
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- India Meteorological Department (@Indiametdept)
July 28, 2026
तीन राज्यों में बारिश, तापमान कितना गिरा?
मौसम विभाग ने कहा, कल यानी 28 जुलाई भारतीय समयानुसार रात 11:30 बजे गहरे दबाव का क्षेत्र उत्तरी ओडिशा और दक्षिणी झारखंड और छत्तीसगढ़ के आसपास के क्षेत्रों में था। झारसुगुड़ा (ओडिशा) से लगभग 30 किमी पूर्व, राउरकेला (ओडिशा) से 60 किमी दक्षिण-पश्चिम, संबलपुर (ओडिशा) से 70 किमी उत्तर-पूर्व, रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से 110 किमी पूर्व और क्योंझरगढ़ (ओडिशा) से 120 किमी पश्चिम-उत्तर-पश्चिम में केंद्रित इस गहरे दबाव के कारण तीनों राज्यों में झमाझम बारिश हुई। बारिश से गर्मी भी कम हुई और झारखंड में मंगलवार को तापमान 20-25 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
पहाड़ी राज्यों में कैसा है मौसम का मिजाज?
हिमाचल प्रदेश में चंबा व आसपास के क्षेत्रों में तीन नालों में अचानक आई बाढ़ से तबाही हुई। चंबा में एक कार फिसलकर खाई में गिर गई, जिससे तीन माह के मासूम समेत एक परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई। वहीं, घरों में मलबा घुसने से 64 मकान, आठ दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं। 22 से अधिक वाहन दब गए। पूरे राज्य में 179 सड़कें बंद हैं। 62 बिजली ट्रांसफार्मर व 107 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं। वहीं, उत्तराखंड में भूस्खलन के चलते तीन एनएच व छह राज्यमार्ग समेत 111 सड़कें बंद हैं।
चारधाम यात्रा दो दिन के लिए बंद
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उत्तराखंड में यात्रा मार्ग कई स्थानों पर भूस्खलन से रास्ते अवरूद्ध होने और भारी वर्षा के कारण चारधाम यात्रा मंगलवार को स्थगित रही, बुधवार को भी यात्रा पर रोक रहेगी।
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ओडिशा और पश्चिम बंगाल पर बने दबाव के कारण ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और मध्य प्रदेश में मूसलाधार बारिश हुई है, जिससे नदियां लबालब हो गई हैं।
असम में 12 लाख लोग प्रभावित
बाढ़ की विभीषिका झेल रहे असम के 25 जिलों में 11.44 लाख लोग प्रभावित हैं। 71 हजार लोग राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं।
तीन-चार दिन भारी बारिश की उम्मीद
मौसम की जानकारी देने वाली वेबसाइट स्काईमेट के अनुसार, मानसून चरम पर है। जुलाई अंत तक कई क्षेत्रों में भारी बारिश जारी रह सकती है।
दिल्ली में बारिश
अब मानसून फिर से सक्रिय हो गया है। इसकी वजह से आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। इस समय मानसून ट्रफ दिल्ली के दक्षिणी हिस्से से गुजर रही है। साथ ही, बंगाल की खाड़ी से बना गहरा कम दबाव (डिप्रेशन) भी पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तट पर पहुंच चुका है। इसके अलावा, राजस्थान में एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। साथ ही, दूसरा चक्रवाती परिसंचरण मध्य उत्तर प्रदेश में है, जो दिल्ली-एनसीआर के काफी करीब है। इन तीनों सिस्टम के एक साथ सक्रिय होने से बारिश के लिए अनुकूल माहौल बन गया है।
मानसून ट्रफ क्या होती है?
मानसून ट्रफ एक कम दबाव (लो प्रेशर) की लंबी पट्टी होती है। इसे आप बारिश लाने वाली एक काल्पनिक लाइन भी मान सकते हैं। यह लाइन पाकिस्तान से शुरू होकर उत्तर भारत के रास्ते बंगाल की खाड़ी तक जाती है। जहां यह ट्रफ होती है, वहां बादल ज्यादा बनते हैं और बारिश होने की संभावना बढ़ जाती है।
चक्रवाती परिसंचरण क्या होता है?
यह हवा का ऐसा क्षेत्र होता है, जहां हवाएं गोल-गोल घूमते हुए ऊपर उठती हैं। इससे नमी वाली हवा ऊपर जाती है, ठंडी होती है और बादल बनते हैं। फिर यही बादल बारिश कराते हैं।
मानसून में ब्रेक क्या होता है?
जब मानसून ट्रफ हिमालय की तरफ खिसक जाती है, तो उत्तर भारत के मैदानी इलाकों (जैसे दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश) में बारिश कम या बंद हो जाती है। इसे ही मानसून ब्रेक कहा जाता है।
अभी दिल्ली में क्या असर होगा?
क्योंकि मानसून ट्रफ फिर से दक्षिण की ओर आ गई है और उसके साथ डिप्रेशन तथा चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय हैं, इसलिए दिल्ली-एनसीआर में अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहने, हल्की से मध्यम बारिश और कुछ जगहों पर तेज बारिश होने की संभावना है।