Amar Ujala Ltd

07/29/2026 | Press release | Distributed by Public on 07/28/2026 18:59

मौसम: कश्मीर में फटा बादल; हिमाचल-उत्तराखंड में 290 सड़कें बंद, आज भी मूसलाधार बारिश के आसार; IMD क्या बोला

{"_id":"6a69286b44938933a400a5d3","slug":"weather-update-for-the-country-including-delhi-ncr-2026-07-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"मौसम: कश्मीर में फटा बादल; हिमाचल-उत्तराखंड में 290 सड़कें बंद, आज भी मूसलाधार बारिश के आसार; IMD क्या बोला?","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}

मौसम: कश्मीर में फटा बादल; हिमाचल-उत्तराखंड में 290 सड़कें बंद, आज भी मूसलाधार बारिश के आसार; IMD क्या बोला?

Wed, 29 Jul 2026 05:58 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, शिमला/श्रीनगर/नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला/श्रीनगर/नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 29 Jul 2026 05:58 AM IST
सार

मौसम की जानकारी देने वाली वेबसाइट स्काईमेट के अनुसार, मानसून चरम पर है। जुलाई अंत तक कई क्षेत्रों में भारी बारिश जारी रह सकती है। मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़, झारखंड और कुछ अन्य प्रदेशों को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। जानिए अलग-अलग राज्यों के मौसम का मिजाज...

विज्ञापन
रहें सतर्क। - फोटो : अमर उजाला
  • Link Copied

खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें

यह खबर एप पर पढ़ें

या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें

संक्षिप्त विज्ञापन देखें विज्ञापन लोड हो रहा है

अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो

लॉगिन करें

विस्तार

भारी बारिश के चलते पहाड़ों पर भारी तबाही हुई है। उत्तराखंड और हिमाचल में भूस्खलन व बारिश के चलते करीब 290 सड़कें बंद हैं। वहीं, जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा में बादल फटने सैलाब के रूप में भारी मलबा नीचे आया और कई घरों में भर गया। बारिश और तेज आंधी से कई पेड़ भी गिर गए।

विज्ञापन


मौसम विभाग के पूर्वानुमान में नया क्या?
28-29 जुलाई की दरम्यानी रात जारी पूर्वानुमान में मौसम विभाग ने कहा, उत्तरी आंतरिक ओडिशा और दक्षिणी झारखंड और छत्तीसगढ़ के आसपास के क्षेत्रों में गहरा दबाव पिछले 6 घंटों में 18 किमी प्रति घंटे की गति से पश्चिम दिशा की ओर बढ़ा है। अगले 24 घंटों के दौरान इसके उत्तरी आंतरिक ओडिशा और उत्तरी छत्तीसगढ़ से होते हुए लगभग पश्चिम की ओर बढ़ने की प्रबल संभावना है। IMD के मुताबिक उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 20 राज्यों में भारी बारिश हो रही है।
विज्ञापन

Deep Depression over north interior Odisha and adjoining areas of south Jharkhand & Chhattisgarh
The Deep Depression over north interior Odisha and adjoining areas of Jharkhand moved westwards with a speed of 18 kmph during past 6 hours, and lay centred at 2330 hrs IST of… pic.twitter.com/F4hYRRc1UW

विज्ञापन
विज्ञापन
- India Meteorological Department (@Indiametdept) July 28, 2026
तीन राज्यों में बारिश, तापमान कितना गिरा?
मौसम विभाग ने कहा, कल यानी 28 जुलाई भारतीय समयानुसार रात 11:30 बजे गहरे दबाव का क्षेत्र उत्तरी ओडिशा और दक्षिणी झारखंड और छत्तीसगढ़ के आसपास के क्षेत्रों में था। झारसुगुड़ा (ओडिशा) से लगभग 30 किमी पूर्व, राउरकेला (ओडिशा) से 60 किमी दक्षिण-पश्चिम, संबलपुर (ओडिशा) से 70 किमी उत्तर-पूर्व, रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से 110 किमी पूर्व और क्योंझरगढ़ (ओडिशा) से 120 किमी पश्चिम-उत्तर-पश्चिम में केंद्रित इस गहरे दबाव के कारण तीनों राज्यों में झमाझम बारिश हुई। बारिश से गर्मी भी कम हुई और झारखंड में मंगलवार को तापमान 20-25 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

पहाड़ी राज्यों में कैसा है मौसम का मिजाज?
हिमाचल प्रदेश में चंबा व आसपास के क्षेत्रों में तीन नालों में अचानक आई बाढ़ से तबाही हुई। चंबा में एक कार फिसलकर खाई में गिर गई, जिससे तीन माह के मासूम समेत एक परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई। वहीं, घरों में मलबा घुसने से 64 मकान, आठ दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं। 22 से अधिक वाहन दब गए। पूरे राज्य में 179 सड़कें बंद हैं। 62 बिजली ट्रांसफार्मर व 107 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं। वहीं, उत्तराखंड में भूस्खलन के चलते तीन एनएच व छह राज्यमार्ग समेत 111 सड़कें बंद हैं।

चारधाम यात्रा दो दिन के लिए बंद
  • उत्तराखंड में यात्रा मार्ग कई स्थानों पर भूस्खलन से रास्ते अवरूद्ध होने और भारी वर्षा के कारण चारधाम यात्रा मंगलवार को स्थगित रही, बुधवार को भी यात्रा पर रोक रहेगी।
  • ओडिशा और पश्चिम बंगाल पर बने दबाव के कारण ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और मध्य प्रदेश में मूसलाधार बारिश हुई है, जिससे नदियां लबालब हो गई हैं।

असम में 12 लाख लोग प्रभावित
बाढ़ की विभीषिका झेल रहे असम के 25 जिलों में 11.44 लाख लोग प्रभावित हैं। 71 हजार लोग राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं।

तीन-चार दिन भारी बारिश की उम्मीद
मौसम की जानकारी देने वाली वेबसाइट स्काईमेट के अनुसार, मानसून चरम पर है। जुलाई अंत तक कई क्षेत्रों में भारी बारिश जारी रह सकती है।

दिल्ली में बारिश
अब मानसून फिर से सक्रिय हो गया है। इसकी वजह से आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। इस समय मानसून ट्रफ दिल्ली के दक्षिणी हिस्से से गुजर रही है। साथ ही, बंगाल की खाड़ी से बना गहरा कम दबाव (डिप्रेशन) भी पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तट पर पहुंच चुका है। इसके अलावा, राजस्थान में एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। साथ ही, दूसरा चक्रवाती परिसंचरण मध्य उत्तर प्रदेश में है, जो दिल्ली-एनसीआर के काफी करीब है। इन तीनों सिस्टम के एक साथ सक्रिय होने से बारिश के लिए अनुकूल माहौल बन गया है।

मानसून ट्रफ क्या होती है?
मानसून ट्रफ एक कम दबाव (लो प्रेशर) की लंबी पट्टी होती है। इसे आप बारिश लाने वाली एक काल्पनिक लाइन भी मान सकते हैं। यह लाइन पाकिस्तान से शुरू होकर उत्तर भारत के रास्ते बंगाल की खाड़ी तक जाती है। जहां यह ट्रफ होती है, वहां बादल ज्यादा बनते हैं और बारिश होने की संभावना बढ़ जाती है।



चक्रवाती परिसंचरण क्या होता है?
यह हवा का ऐसा क्षेत्र होता है, जहां हवाएं गोल-गोल घूमते हुए ऊपर उठती हैं। इससे नमी वाली हवा ऊपर जाती है, ठंडी होती है और बादल बनते हैं। फिर यही बादल बारिश कराते हैं।

मानसून में ब्रेक क्या होता है?
जब मानसून ट्रफ हिमालय की तरफ खिसक जाती है, तो उत्तर भारत के मैदानी इलाकों (जैसे दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश) में बारिश कम या बंद हो जाती है। इसे ही मानसून ब्रेक कहा जाता है।

अभी दिल्ली में क्या असर होगा?
क्योंकि मानसून ट्रफ फिर से दक्षिण की ओर आ गई है और उसके साथ डिप्रेशन तथा चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय हैं, इसलिए दिल्ली-एनसीआर में अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहने, हल्की से मध्यम बारिश और कुछ जगहों पर तेज बारिश होने की संभावना है।
Amar Ujala Ltd published this content on July 29, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on July 29, 2026 at 00:59 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]