07/29/2026 | Press release | Distributed by Public on 07/29/2026 04:54
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लॉगिन करेंलग्जरी कार बनाने वाली दुनिया की दिग्गज कंपनी बीएमडब्ल्यू छंटनी के दौर से गुजर सकती है। ऑटो सेक्टर में फिलहाल यही सच है। रॉयटर्स ने कंपनी के एक प्रवक्ता के हवाले से बताया है कि जर्मनी की मशहूर कार मेकर बीएमडब्ल्यू 2027 के अंत तक अपनी 8,000 नौकरियों में कटौती करने की योजना बना रही है। हाल ही में अपने मुनाफे में कमी की चेतावनी देने के बाद, अब कंपनी ने खुद को बाजार में टिकाए रखने और खर्चों को कंट्रोल करने के लिए यह बड़ा कदम उठाया है।
दरअसल, कंपनी इन दिनों कई मोर्चों पर संघर्ष कर रही है। सबसे बड़ी वजह है इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री से मिलने वाले मुनाफे में कमी आना और अमेरिका द्वारा लगाए गए कड़े टैरिफ। इसके अलावा, चीनी कार कंपनियों से मिल रही जबरदस्त टक्कर ने भी जर्मन कार निर्माताओं की नींद उड़ा रखी है, जिसके चलते उन्हें अपनी लागत घटाने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
कंपनी दुनियाभर में लगभग 1,54,000 लोगों को रोजगार देती है, लेकिन यह छंटनी मुख्य रूप से जर्मनी में 'डेस्क' पर काम करने वाले कर्मचारियों की होगी। अक्टूबर महीने से, कंपनी के लगभग 85,000 स्थायी जर्मन कर्मचारियों में से करीब 40,000 को स्वैच्छिक छंटनी यानी अपनी मर्जी से नौकरी छोड़ने का ऑफर दिया जाएगा। हालांकि, राहत की बात यह है कि फैक्ट्रियों की प्रोडक्शन लाइन में काम करने वाले मजदूरों पर इस छंटनी का कोई असर नहीं पड़ेगा।
बिल्कुल! चीन में आर्थिक सुस्ती और वहां की कंपनियों से मिल रही भयंकर प्रतियोगिता की वजह से बीएमडब्ल्यू की हालत वहां खराब हो गई है। पिछले महीने ही कंपनी ने बताया था कि चीन में उनका कारोबार उम्मीद से कहीं ज्यादा बुरा चल रहा है। हालत यह है कि वहां बीएमडब्ल्यू कारों की डिलीवरी पिछले साल 2017 के बाद के अपने सबसे निचले स्तर पर थी, और अप्रैल से जून की तिमाही में इसमें 30 फीसदी की भारी गिरावट आई है।
जी हां, ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री का हाल इन दिनों कुछ ठीक नहीं चल रहा है। इस चुनौती का सामना सिर्फ बीएमडब्ल्यू नहीं कर रही है। एक और बड़ी जर्मन कंपनी फॉक्सवैगन भी अपने 10 अलग-अलग ब्रांड्स में करीब एक लाख नौकरियों में कटौती करने पर विचार कर रही है। वहीं, जानी-मानी कंपनी मर्सिडीज-बेंज ने भी इसी तरह का अपना एक स्वैच्छिक छंटनी प्रोग्राम शुरू किया हुआ है।