Amar Ujala Ltd

09/29/2026 | Press release | Distributed by Public on 09/28/2026 22:30

ओडिशा: महानदी का जलस्तर बढ़ने से तटीय जिलों में मंडराया बाढ़ का खतरा, राज्य में एक लाख से ज्यादा लोग प्रभावित

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ओडिशा: महानदी का जलस्तर बढ़ने से तटीय जिलों में मंडराया बाढ़ का खतरा, राज्य में एक लाख से ज्यादा लोग प्रभावित

Tue, 29 Sep 2026 09:54 AM IST
अस्मिता त्रिपाठी पीटीआई, भुवनेश्वर।
पीटीआई, भुवनेश्वर। Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Tue, 29 Sep 2026 09:54 AM IST
सार

ओडिशा में बाढ़ की स्थिति के बीच सरकार ने चार दिनों में 1.4 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। हीराकुंड बांध से पानी छोड़े जाने के बाद महानदी का जलस्तर बढ़ा है। कटक, खुर्दा, पुरी, जगतसिंहपुर और केंद्रापड़ा में अलर्ट जारी है।

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ओडिशा बाढ़ - फोटो : पीटीआई
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विस्तार

ओडिशा सरकार ने पिछले चार दिनों में लगभग 1.4 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है, क्योंकि बाढ़ की एक नई लहर ने कई जिलों को प्रभावित किया है। यह जानकारी अधिकारियों ने दी।
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कितने लोगों को सुरक्षित निकाला है?
राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने सोमवार को बताया कि सरकार ने 1,360 ग्राम पंचायतों के अंतर्गत आने वाले 7,834 गांवों के निचले इलाकों से 1.4 लाख लोगों को सुरक्षित निकाला है। इसके अलावा, 38 शहरी स्थानीय निकायों के 219 वार्ड भी प्रभावित हुए हैं।
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अधिकारियों ने क्या बताया?
अधिकारियों ने बताया कि हीराकुंड बांध से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के बाद महानदी नदी में भी मामूली बाढ़ की स्थिति बनी। यह नदी घनी आबादी वाले तटीय जिलों से होकर गुजरती है। जल संसाधन विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ दिलीप कुमार राउत ने बताया कि महानदी में मामूली बाढ़ की स्थिति तब बनी जब कटक के पास मुंडाली गेज स्टेशन पर लगभग 8 लाख क्यूसेक पानी का बहाव दर्ज किया गया। उन्होंने कहा,'महानदी में मुंडाली पर 10 लाख क्यूसेक से ज्यादा के बहाव को बड़ी बाढ़ माना जाता है।'
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सरकार को क्या उम्मीद है?
राउट ने कहा कि कटक, खुर्दा, पुरी, जगतसिंहपुर और केंद्रपाड़ा के जिला प्रशासन को अलर्ट कर दिया गया है, क्योंकि पानी का बढ़ता स्तर महानदी डेल्टा क्षेत्र के कई गांवों में बाढ़ ला सकता है। वहीं, मंत्री ने कहा कि सरकार को उम्मीद है कि अगले 24 घंटों में हालात बेहतर हो जाएंगे, क्योंकि कई नदियों में पानी का स्तर कम होने लगा है। सबसे ज्यादा प्रभावित बालासोर जिले के बारे में बात करते हुए कलेक्टर सूर्यवंशी मयूर विकास ने कहा 'सुवर्णरेखा, बुधाबलंग और जलका नदियों में आई बाढ़ से 11 ब्लॉक के 3.5 लाख से ज्याद लोग प्रभावित हुए हैं।

राउत ने कहा कि उत्तरी ओडिशा की नदियां, जिनमें सुवर्णरेखा भी शामिल है। खतरे के निशान से नीचे बह रही थीं। उन्होंने कहा कि हालांकि नदियों में पानी का स्तर कम हो गया है, लेकिन बालासोर, भद्रक और जाजपुर जिलों के कई गांवों में लगभग तीन फीट बाढ़ का पानी दर्ज किया गया है, जिसके कारण राज्य सरकार को राहत कार्यों में तेजी लानी पड़ी है।

राउत ने कहा, 'हमें उम्मीद है कि सोमवार रात को (महानदी में) बाढ़ का सबसे ज्यादा स्तर होगा और मुंडली में पानी का बहाव 8 लाख क्यूसेक तक पहुंच जाएगा।' उन्होंने कहा कि हीराकुंड बांध के 30 स्लुइस गेट से बाढ़ का पानी छोड़ा जा रहा है।

जिला प्रशासन को क्या निर्देश दिए?
मंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्थानीय स्तर पर आई बाढ़, सड़कों पर पानी जमा होने और जरूरत पड़ने पर शहरी अंडरपास बंद करने के बारे में तुरंत कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि संबंधत अधिकारियों को भूस्खलन और पानी से भरे इलाकों में बागवानी की उपज और खड़ी फसलों को होने वाले नुकसान को लेकर सतर्क रहने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।

Amar Ujala Ltd published this content on September 29, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on September 29, 2026 at 04:31 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]