09/01/2026 | Press release | Distributed by Public on 09/01/2026 00:12
एसआरएन अस्पताल की इमरजेंसी... सोमवार को चारों तरफ मरीजों की आवाजाही और भाग-दौड़ के बीच अचानक माहौल बदल गया। एक के बाद एक घायल अस्पताल पहुंचने लगे। किसी के शरीर पर चोट के निशान थे तो कोई पूरी तरह से झुलसा था। किसी को अपने परिवार की चिंता थी तो किसी को इस बात का डर सता रहा था कि कहीं कोई मौत की खबर न सुना दे। इमरजेंसी में पहुंचे घायलों के साथ परिजन भी बदहवास थे। कोई अपनों का नाम लेकर पुकार रहा था।
कौशाम्बी में धमाके के बाद ध्वस्त हुआ मकान। - फोटो : संवाद।
तो कोई डॉक्टरों के सामने हाथ जोड़कर बस एक ही बात कह रहा था, 'साहब किसी तरह बचा लीजिए।' इलाज के दौरान डॉक्टरों ने पांच वर्षीय प्रियांजलि, प्रवीण सिंह (13) और अंजू (32) को मृत घोषित कर दिया। कुछ देर पहले तक जिन अपनों को बचाने की उम्मीद में परिजन अस्पताल पहुंचे थे उनके सामने अब मौत की सच्चाई थी। प्रियांजलि की मौत की खबर सुनते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। इमरजेंसी में मौजूद लोगों की आंखें नम थीं। वहीं, तीनों शव एसआरएन अस्पताल की मोर्चरी में रखवाए गए हैं। मंगलवार को पोस्टमार्टम होगा।
धमाके के बाद मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी और एसपी। - फोटो : संवाद।
तीन भाई-बहनों में सबसे छोटी थी प्रियांजलि, पिता बैंक में कैशियर
प्रियांजलि तीन भाई-बहनों में सबसे छोटी थी। पिता कौशाम्बी के बैंक में कैशियर हैं। घटना के समय वह ड्यूटी पर गए थे। घर में प्रियांजलि के साथ उसके दो भाई, मां और परिवार के अन्य सदस्य मौजूद थे। अस्पताल पहुंचे मामा मंजीत बच्ची की मौत की खबर सुनकर बेसुध हो गए।
कौशाम्बी में पटाखा फैक्टरी में विस्फोट। - फोटो : संवाद।
पांचों घायलों को एसआरएन में चल रहा
इलाज घायल सविता देवी (33), उर्वशी (16), राजेश कुमार (45), माला देवी (36) और अनीता (35) का अस्पताल में इलाज चल रहा है। डॉक्टर उनकी स्थिति | पर नजर बनाए हुए हैं।
कौशाम्बी में पटाखा फैक्टरी में विस्फोट - फोटो : अमर उजाला
चार घायलों की हालत गंभीर, वेंटिलेटर सपोर्ट पर
एसआरएन अस्पताल में पांच घायल पहुंचे। इनमें से सविता, उर्वशी, राजेश कुमार और अनीता की हालत गंभीर बनी हुई है। चारों को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। घायल माला देवी खतरे से बाहर हैं। मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एके वर्मा, एसआरएन अस्पताल की प्रमुख अधीक्षक डॉ. नीलम सिंह, डॉ. जितेंद्र सिंह व डॉ. अमित सिंह टीम के साथ ट्रॉमा सेंटर के ट्रायज रूम पहुंच गए।