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10/01/2026 | Press release | Distributed by Public on 10/01/2026 06:27

चेन्नई: चार कर्मचारियों की कंपनी, वेतन के नाम पर बांटे 390 करोड़; 100+ बैंक खातों से किया खेल, क्या है मामला

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चेन्नई: चार कर्मचारियों की कंपनी, वेतन के नाम पर बांटे 390 करोड़; 100+ बैंक खातों से किया खेल, क्या है मामला?

Thu, 01 Oct 2026 05:53 PM IST
अमन मौर्या डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमन मौर्या Updated Thu, 01 Oct 2026 05:53 PM IST
सार

ईडी ने 1417.86 करोड़ के यूनिक एक्सपोर्ट्स और उससे जुड़ी कंपनियों से जुड़े मनी-लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में एस. नवीन कुमार और एस. मुथुसेल्वन को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002 (पीएमएलए) की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया है।

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चार कर्मचारियों की कंपनी, वेतन के नाम पर बांटे 390 करोड़ - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के चेन्नई जोनल ऑफिस-II ने एक ऐसे फ्रॉड का खुलासा किया है, जिसमें कंपनी संचालकों ने भारी रिटर्न देने के नाम पर 35759 निवेशकों से 1417.86 करोड़ (लगभग) जुटाए थे। पैसे का गोलमाल करने के मकसद से 390.90 करोड़ रुपये बतौर वेतन खर्च दिखाया गया, जबकि उस कंपनी में केवल 4 लोग काम करते थे। निवेशकों का पैसा यूनिक एक्सपोर्ट्स, उससे जुड़ी कंपनियों, परिवार के सदस्यों और करीबी सहयोगियों के नाम पर खुले 100 से ज्यादा बैंक खातों के जरिए घुमाया गया। निवेशकों से जो रिटर्न देने का वादा किया था, वह हवा में फुर्र हो गया।
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अब तक क्या हुई कार्रवाई?
ईडी ने अब इस मामले में कार्रवाई करते हुए यूनिक एक्सपोर्ट्स और उससे जुड़ी कंपनियों से जुड़े इन्वेस्टमेंट फ्रॉड (निवेश धोखाधड़ी) की मनी-लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में एस. नवीन कुमार और एस. मुथुसेल्वन को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002 (पीएमएलए) की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को पीएमएलए की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया, जिसने दोनों को 15 दिन की ज्यूडिशियल कस्टडी (न्यायिक हिरासत) में भेज दिया है। ईडी की जांच तमिलनाडु पुलिस की डिस्ट्रिक्ट क्राइम ब्रांच, इरोड द्वारा आईपीसी और टीएनपीआईडी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी।
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निवेशकों से कैसे करोड़ों रुपए जुटाए?
जांच में पता चला है कि एस. नवीन कुमार, एस. मुथुसेल्वन और उनके साथियों ने यूनिक एक्सपोर्ट्स, ईस्ट वैली एग्रो फर्म्स और अन्य संबंधित कंपनियों के बैनर तले यूएनआई, एफएनपी, एफएपी और यूएनआर जैसी इन्वेस्टमेंट स्कीमें बनाईं। उन्होंने मासूम निवेशकों को कृषि उत्पादों के एक्सपोर्ट से ज्यादा रिटर्न का वादा करके निवेश करने के लिए उकसाया। जांच में यह भी पता चला कि यूनिक एक्सपोर्ट्स और संबंधित कंपनियों ने कोई खास एक्सपोर्ट नहीं किया, लेकिन एक्सपोर्ट से होने वाले मुनाफे पर ज्यादा रिटर्न का वादा करके निवेशकों से पैसे इकट्ठा करती रहीं। लगभग 35,759 निवेशकों से 1,417.86 करोड़ रुपये (लगभग) जुटाए गए थे।

कौन है मास्टरमाइंड?
'यूनिक एक्सपोर्ट्स' से जुड़ी संस्थाओं के अलग-अलग बैंक खातों में लगभग ₹719 करोड़ जमा पाए गए। निवेशकों का पैसा यूनिक एक्सपोर्ट्स और उससे जुड़ी कंपनियों से संबंधित लोगों के बैंक खातों में जमा होता रहा। यूनिक एक्सपोर्ट्स के मालिक एस. नवीन कुमार इन इन्वेस्टमेंट स्कीम के मास्टरमाइंड थे। वही बैंकिंग कामकाज और निवेशकों के पैसे के लेन-देन को कंट्रोल करते थे। बैंकिंग एनालिसिस से पता चला कि लगभग 390.90 करोड़ रुपये, सैलरी पेमेंट के तौर पर दिखाए गए, जबकि कंपनी में सिर्फ चार लोग काम कर रहे थे। साथ ही बिना किसी असल कृषि उत्पाद की खरीद के, लगभग ₹79.56 करोड़ की रकम प्याज और कमोडिटी की खरीद के तौर पर दिखाई गई।

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पैसे का इस्तेमाल कहां हुआ?
इन ट्रांजैक्शन का इस्तेमाल बिजनेस के खर्च के नाम पर निवेशकों के पैसे को छिपाने और उसकी लेयरिंग करने के लिए किया गया। एस. मुथुसेल्वम ने स्कीम बनाने और चलाने, निवेशकों को जोड़ने और पैसे को इधर-उधर करने में अहम भूमिका निभाई। जांच से पता चला कि लगभग ₹42.10 लाख के इन्वेस्टमेंट के बदले उन्हें रिटर्न, कमीशन, रेफरल बेनिफिट और दूसरे पेमेंट के तौर पर लगभग ₹12.72 करोड़ मिले। उन्होंने अपने पर्सनल खातों और धन्यश्री एंटरप्राइजेज और यूनिवर्स 369 इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड जैसी जुड़ी हुई संस्थाओं के जरिए निवेशकों का पैसा लिया और बांटा। इससे पहले, ईडी ने 16 और 17 जून को एस नवीन कुमार और उनके सहयोगियों से जुड़ी नौ जगहों पर छापेमारी की थी।
Amar Ujala Ltd published this content on October 01, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on October 01, 2026 at 12:28 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]