Ministry of Heavy Industries of the Republic of India

08/28/2026 | Press release | Distributed by Public on 08/28/2026 16:08

डॉट और सी-डॉट ने स्वदेशी ऑप्टिकल संचार तकनीक के लिए ‘एंड-टू-एंड ऑप्टिकल नेटवर्क टेस्टबेड’ स्थापित करने हेतु समझौते पर हस्ताक्षर किए

भारत सरकार के संचार मंत्रालय के तहत दूरसंचार विभाग (डॉट) ने 'सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (सी-डॉट)' के साथ एक अत्याधुनिक 'एंड-टू-एंड ऑप्टिकल नेटवर्क टेस्टबेड' स्थापित करने हेतु आधिकारिक तौर पर पांच वर्षों का एक रणनीतिक समझौता किया है। डॉट के वित्त-पोषण एवं सहयोग से बनने वाला, यह टेस्टबेड नई दिल्ली में सी-डॉट के परिसर में स्थित होगा। यह भारतीय स्टार्टअप और संचार उद्योग की कंपनियों द्वारा बनाए गए ऑप्टिकल संचार संबंधी समाधानों के विकास, परीक्षण एवं व्यावसायीकरण को तेजी से आगे बढ़ाने हेतु एक अहम वास्तविक माहौल के तौर पर कार्य करेगा।

इस समझौते पर 27 अगस्त 2026 को डॉट और सी-डॉट के प्रतिनिधियों द्वारा डॉट के सलाहकार (तकनीक) श्री आलोक शुक्ला, सी-डॉट के सीईओ डॉ. राजकुमार उपाध्याय और डॉट के डीडीजी (नेटवर्क एवं तकनीक) श्री अतुल कुमार सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए।

भारत के ऑप्टिकल संचार इकोसिस्टम का सशक्तिकरण

सरकारी वित्त-पोषण वाली यह परियोजना मुख्य रूप से प्रयोगशाला-स्तर के नवाचार और बाजार में उपयोग के लिए उतारने की तैयारी के बीच के अंतर को पाटेगी। यह पहल स्वदेशी ऑप्टिकल संचार तकनीक के विकास एवं उपयोग में तेजी लाएगी ताकि "आत्मनिर्भर भारत" के विजन को आगे बढ़ाया जा सके और अगली पीढ़ी के संचार अवसंरचना के मामले में भारत की क्षमताओं को सुदृढ़ किया जा सके। ऑप्टिकल कोर, एक्सेस और क्वांटम सिक्योरिटी टेक्नोलॉजी में सी-डॉट के बेहतर एवं उपयोग के लिए तैयार उत्पादों को मिलाकर, यह टेस्टबेड भारतीय दूरसंचार इकोसिस्टम के लिए एक उत्प्रेरक के तौर पर काम करेगा।

यह टेस्टबेड उन्नत ऑप्टिकल संचार के क्षेत्र में कौशल के विकास और क्षमता के निर्माण हेतु एक प्लेटफॉर्म का कार्य करेगा। यह विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, स्टार्टअप एवं संबंधित उद्योग के पेशेवरों को व्यावहारिक प्रशिक्षण और अगली पीढ़ी की ऑप्टिकल नेटवर्किंग तकनीक के बारे में जानकारी हासिल करने के मौके प्रदान करेगा।

यह 'एंड-टू-एंड ऑप्टिकल नेटवर्क टेस्टबेड' नवाचार, परीक्षण, सत्यापन, कौशल के विकास और व्यावसायीकरण के लिए एक साझा राष्ट्रीय संसाधन होगा। इसका तकनीकी ब्लूप्रिंट इस पहल को दो निश्चित चरणों में बांटता है:

• सेटअप का चरण (1-2 वर्ष): इसमें टेस्टबेड के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा बनाने पर ध्यान दिया जाएगा। इसमें ऑप्टिकल कोर, ऑप्टिकल एक्सेस और क्वांटम सिक्योरिटी के साथ-साथ भरोसेमंद वेंडर्स से लिए गए 'थर्ड-पार्टी एडवांस्ड टेस्ट एवं मेजरमेंट टूल्स' भी शामिल हैं, जिससे टेस्टबेड को औपचारिक रूप से लॉन्च किया जा सके।

• संचालन तथा रखरखाव का चरण (3-5 वर्ष): यह चरण टेस्टबेड के निरंतर रखरखाव, इकोसिस्टम के उपयोगकर्ताओं को सीधे तकनीकी समर्थन प्रदान करने और विशेष तौर पर शिक्षा से जुड़े संपर्क कार्यक्रम चलाने के प्रति समर्पित है।

सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (सी-डॉट) के बारे में

सी-डॉट, भारत सरकार के संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग का एक प्रमुख दूरसंचार प्रौद्योगिकी अनुसंधान एवं विकास केन्द्र है। यह तकनीकी आत्मनिर्भरता एवं सुरक्षित डिजिटल बुनियादी ढांचे की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप स्वदेशी, सुरक्षित, मानकों के अनुकूल तथा उपयोग के लिए तैयार दूरसंचार तकनीकों को विकसित करने में निरंतर अग्रणी रहा है।

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एक्स - https://x.com/DoT_India
यूट्यूब: https://youtube.com/@departmentoftelecom?si=DALnhYkt89U5jAaa


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