दिल्ली में जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात की गई सीआरपीएफ की विशेष इकाई 'रैपिड एक्शन फोर्स' (आरएएफ) ने पैलेट गन के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। आरएएफ की आईजी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दिल्ली में तैनाती के दौरान परिस्थितियों का विश्लेषण किया गया है। इसके बाद लिए गए निर्णय के तहत आगामी आदेशों तक पैलेट गन, दंगारोधी गन, बिजली का झटका देने वाला उपकरण और इलेक्ट्रिक शील्ड का उपयोग नहीं होगा।
आईजी की तरफ से ये स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि आरएएफ कार्मिकों को ये उपकरण जारी नहीं किए जाएंगे। इस संबंध में उच्च स्तर से निर्देश जारी होने की बात कही गई है। इनका अक्षरश: पालन सुनिश्चित किया जाए। दूसरी तरफ दिल्ली में सीआरपीएफ और आरएएफ की 16 अतिरिक्त कंपनियों को एयरलिफ्ट किया जा रहा है। दिल्ली में पहले से ही अर्धसैनिक बलों की 45 कंपनियां तैनात हैं।
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हथियारों के इस्तेमाल में क्यों लागू करना होगा नाटो का प्रोटोकॉल?
दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हथियारों के इस्तेमाल के मामले में नाटो प्रोटोकॉल को माना जाएगा। 'संसद' मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर हुए पुलिस बल प्रयोग की औपचारिक शिकायत संयुक्त राष्ट्र में दर्ज कराई गई है। मानवाधिकार उल्लंघन, लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
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दिल्ली पुलिस और आरएएफ पर छात्रों एवं राजनीतिक पार्टियों द्वारा प्रदर्शन के दौरान कठोर कार्रवाई को लेकर लोगों में गुस्सा है। आरएएफ द्वारा पैलेट गन का इस्तेमाल, ये मुद्दा भी गर्मा गया है। शुक्रवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पैलेट गन को लेकर सरकार पर तीखा प्रहार किया था। उन्होंने एक प्रदर्शनकारी को मीडिया के सामने पेश किया, जिसे पैलेट गन के छर्रे लगे हुए थे।
दिल्ली क्यों पहुंच रहीं सुरक्षाबलों की 16 कंपनियां?
इन सबके मद्देनजर अब दिल्ली में आरएएफ द्वारा जो भी कार्रवाई की जाएगी, वह नाटो प्रोटोकॉल के अनुसार होगी। सीआरपीएफ के रिटायर्ड एडीजी एसएस संधू, जो आरएएफ में पांच वर्ष तक डीआईजी और बतौर कार्यवाहक आईजी तैनात रहे हैं, ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय संधियों/समझौतों में पैलेट गन पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद दिल्ली में छात्रों पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया।
सूत्रों ने बताया कि अब केंद्रीय बलों की अतिरिक्त कंपनियां बुलाने के पीछे सरकार का मकसद, प्रदर्शन को खत्म कराना है। दिल्ली एनसीआर के कई क्षेत्रों में प्रदर्शन शुरू हो गए थे। दूसरे राज्यों में भी प्रदर्शन हो रहे हैं। किसान एवं दूसरे संगठनों ने छात्रों को दिल्ली पहुंचकर समर्थन देने की बात कही है। दूसरी तरफ संसद का सत्र भी चल रहा है। ऐसे में सुरक्षा कारणों के चलते सुरक्षा बलों की अतिरिक्त कंपनियां तैनात की जा रही हैं। 16 कंपनियां, हिंडन एयरपोर्ट पर पहुंच रही हैं। इनमें दस कंपनी सीआरपीएफ और छह कंपनी आरएएफ की हैं।