02/03/2026 | Press release | Distributed by Public on 02/03/2026 05:44
केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने आज राज्यसभा में लिखित उत्तर में बताया कि 31 दिसंबर, 2025 तक, प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (पीएमबीजेपी) के तहत महाराष्ट्र के रायगढ़, सिंधुदुर्ग और रत्नागिरी जिलों में क्रमशः 12, 3 और 4 जन औषधि केंद्र खोले गए हैं।
इस योजना के दायरे को और विस्तृत करने तथा लोगों की आवश्यकताएं पूरी करने के लिए सरकार ने मार्च 2027 तक 25 हजार जन औषधि केंद्र खोलने का लक्ष्य रखा है। जन औषधि केंद्र खोलने के लिए व्यक्तिगत उद्यमियों, गैर-सरकारी संगठनों, समितियों, न्यासों, फर्मों, निजी कंपनियों आदि से आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं। महाराष्ट्र सहित देश के सभी जिलों से www.janaushadhi.gov.in वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
जन औषधि केंद्र सीधे ग्राहकों को दवाईयां विक्रय करने के खुदरा स्टोर हैं। जन औषधि केंद्र में लोगों की संख्या उनकी आवश्यकता और डॉक्टरों द्वारा दी गई दवाइयों की पर्ची पर निर्भर करती है। अनुमान के अनुसार प्रतिदिन लगभग 15 लाख व्यक्ति देश भर में स्थित जन औषधि केंद्र पहुंचते हैं।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य के इन तीन जिलों में जन औषधि केंद्रों में कुल 22.98 लाख रुपये की दवाओं की बिक्री हुई, जिनका जिलावार विवरण निम्नलिखित हैः
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क्रमांक |
जिले का नाम |
वित्त वर्ष 2024-25 में अधिकतम खुदरा मूल्य पर बिक्री (लाख रुपये में) |
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1. |
रायगढ़ |
13.91 |
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2. |
सिंधुदुर्ग |
2.18 |
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3. |
रत्नागिरि |
6.89 |
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कुल |
22.98 |
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जनऔषधि केंद्रों द्वारा आपूर्ति की जाने वाली दवाओं की स्वीकार्यता बढ़ाने के लिए, जनऔषधि दवाओं के लाभ के बारे में नियमित तौर पर लक्षित जागरूकता अभियान आयोजित किए जाते हैं:
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